रामचंद्र राव पकड़े गए तो 'ठरकी'! छलनी में छानेंगे तो देश की पुलिस में और भी तमाम 'रंगीन-मिजाज' मनचले ठुंसे पड़े हैं.....!

कर्नाटक के डीजीपी के. रामचंद्र राव का कथित अश्लील वीडियो सामने आने के बाद देश की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. खाकी वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले इस मामले ने न्याय, भरोसे और जवाबदेही की बहस को तेज कर दिया है. सरकार ने राव को सस्पेंड किया है, लेकिन आशंका है कि जांच को कमजोर करने की कोशिशें हो सकती हैं. यह मामला बताता है कि पुलिस तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता कितनी जरूरी है, वरना भरोसा लगातार टूटता जाएगा.;

Karnataka DGP Ramchandra Rao Obscene Video Viral

By :  संजीव चौहान
Updated On : 20 Jan 2026 9:45 PM IST

हर जगह से लुटा-पिटा यानी पीड़ित इंसान पहले थाने-चौकी (पुलिस के पास) और उसके बाद अदालत की देहरी पर ही ‘न्याय’ की आस में दस्तक देता है. सोचो जरा कि ऐसे में वही खाकी-वर्दी के ठरकी कहिए या फिर रंगीन-मिजाज रसिक पुलिस अफसर ही जब मौज-मस्ती करने पर, वह भी सरेआम आलीशान सरकारी दफ्तरों के भीतर ही उतर आयें.... तो ऐसे में किसका न्याया, कैसा न्याय और किससे किसको न्याय की उम्मीद रखनी चाहिए.

बहरहाल दो दिन से कर्नाटक राज्य में जबसे देश के वरिष्ठ आईपीएस अफसरों में शुमार रंगीन मिजाज और बुढ़ापे में आशिकी के लिए बेकाबू हुए पड़े डीजीपी के. रामचंद्र राव की “आशिकी” का वीडियो वायरल हुआ है, तब से देश भर की पुलिस में कोहराम मचा है. डीजीपी स्तर के अधिकारी के इस घिनौने के कृत्य को लेकर जितने मुंह उतनी बातें हो रही है. इस मुद्दे पर बहस में कूदा कोई अगर इसे खाकी वर्दी पर दाग बता रहा है. तो तमाम लोग पुलिस महकमे में हवलदार, सिपाही थानेदार की सड़कों-थानों में आमजन के साथ अक्सर की जाने वाली शर्मनाक-अपमानजनक हरकतों से भी कई गुना ऊपर की तौहीन बता रहे हैं.

डीजीपी को हरसंभव बचाने की कोशिश होगी

बहरहाल, कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने मनमौजी पुलिस महानिदेशक के. रामचंद्र राव की अय्याशी का कथित सीसीटीवी फुटेज लीक होने के बाद सोशल मीडिया में वायरल होते ही उसे सस्पेंड कर दिया है. हालांकि, भारत के जनमानस का कहना है कि जैसे ही आने वाले कुछ दिनों में यह मामला लोगों के जेहन से हटेगा वैसे ही डीजीपी जैसे बड़े पद पर जमे हुए कद्दावर आईपीएस का भविष्य-बुढ़ापा सुधारने के लिए उसे शायद बेदाग साबित करने की कोशिशें भी तेज हो जाएं. जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष जबरिया ही निकलवा कर कि रंगीन मिजाज आईपीएस का लीक हुआ अय्याशी का वीडियो या फुटेज जुगाड़ करके गलत तरीके से बनाया हुआ था.

रिटायरमेंट से ठीक पहले बदनामी

यहां जिक्र करना जरूरी है कि सस्पेंड मनमौजी रंगीन-मिजाज डीजीपी के. रामचंद्र राव अगर इस अय्याशी के मामले में दोषी पाए गए तो उनकी न केवल आईपीएस की पूरी नौकरी दागी हो जाएगी. अपितु अप्रैल-मई 2026 में सेवा से उनके रिटायर होने के चंद महीने पहले ही देश की खाकी वर्दी के ऊपर वह बदनुमा गहरा दाग भी हमेशा-हमेशा के लिए लग जाएगा, जिसे देश में आईपीएस की आने वाली पीढ़ियां भी कभी नहीं मिटा सकेंगी. हालांकि मामले की भांडा फूटने के तत्काल बाद जिस तरह से कर्नाटक सरकार का कड़ा रुख इस मामले में देखने को मिल रहा है और यही रुख अंत तक कायम रह सका तो, आरोप सिद्ध होने पर मनमौजी रंगीन-मिजाज डीजीपी की आईपीएस सेवा से बर्खास्तगी तक तय है. इसकी पुष्टि राज्य के गृहमंत्री जी. परमेश्वर भी करते हैं.

खाकी वर्दी में और भी तमाम ऐसे हैं

ऐसा नहीं है कि यौन सुख की खातिर वर्दी की गरिमा को भूलकर दफ्तर में ही बेकाबू हो जाने वाले डीजीपी राव ही इस मैली या शर्मनाक हरकत में पहले और अंतिम बदनाम आईपीएस या पुलिस अधिकारी हों. इस तरह के और भी तमाम मामले देश और विदेश में पहले भी आते रहे. कुछ अभी भी ऐसे ‘पुलिस अफसर राव’ परदे में छिपे होंगे, जिनके ऊपर इसी तरह से किसी सीसीटीवी कैमरे की काली और तीसरी आंख का कहर नहीं ढह पाया होगा. हालांकि इस बवाल में चौतरफा फंसे डीजीपी (अब सस्पेंडिड) के रामचंद्र राव रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद भी लीक वीडियो को फर्जी ही बता रहे हैं. जाहिर सी बात है कि चंद मिनट के यौन-सुख या यौन कुंठा को महिला के साथ दफ्तर में ही शांत करने के लिए वर्दी की गरिमा को पैरों तले रौंदने से न शर्माने वाले आरोपी डीजीपी भी तो आखिर अब समाज में अपनी इज्जत को बचाने की हर बेईमान कोशिश तो करेंगे ही.

सत्तासीन पार्टी को गले ही हड्डी बना मुद्दा

जिस तरह से उन्होंने इस बवाल के एकदम बाद अपना पक्ष रखने के लिए राज्य के गृहमंत्री से संपर्क करना चाहा तो गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने उनसे जितनी बेरूखी से साथ मिलने से साफ इनकार कर दिया. उससे उम्मीद है कि आइंदा भी इस मामले में मचे बवाल को समेटकर आरोपी डीजीपी को बेदाग बचा ले जाने की हर कोशिश में राज्य की हुकूमत को पसीना आ जाएगा. क्योंकि इस मुद्दे को सत्तासीन पार्टी की धुर-विरोधी भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक हित साधने के लिए भुनाने यानी कैश करने से कतई चूकने को राजी दिखाई नहीं देती है.

गिरफ्तार अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता

यहां उल्लेखनीय है इस मामले में मय मजबूत सबूतों के बुरी तरह से फंसकर सस्पेंड हो चुके डीजीपी के. रामचंद्र राव का पारिवारिक-निजी जीवन भी कोई शांत और बेदाग नहीं बचा है. तस्करी के आरोप में लंबे समय से जेल में बंद पड़ी पूर्व अभिनेत्री रान्या राव इन्हीं की सौतेली बेटी हैं. उसकी गिरफ्तारी के दौरान भी इनका नाम खूब मीडिया में उछला था. उस शर्मनाक कांड से इनकी जान जैसे तैसे बची तो अब ब-वर्दी ही दफ्तर में अलग अलग महिलाओं के साथ ‘मौज-मस्ती’ करते हुए दफ्तर के भीतर ही सीसीटीवी कैमरों ने धर लिए.

आरोपी ने वीडियो को ही फर्जी बता डाला

कर्नाटक राज्य के नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय यानी डीसीआरई के पुलिस महानिदेशक पद पर तैनाती के दौरान अपनी रंगीन-मिजाजी के चलते सस्पेंड हो चुके के रामचंद्र राव (IPS DGP K Ramchandra Rao)ने घटना का भांडा फूटने के बाद अपनी खाल बचाने की कोशिश में अपना पक्ष रखते हुए मीडिया से कहा, “उनके लीक बताए जा रहे वीडियो फर्जी तरीके से मेरा चेहरा लगाकर बनाए गए हैं. इस तरह की कोई घटना उन्होंने कभी अंजाम दी ही नहीं तब फिर अलग अलग बदली हुई महिलाओं के साथ दफ्तर के भीतर उनकी लीक अश्लील वीडिओ असली कैसे हो सकती हैं. मैं अपनी वकीलों से कानूनी सहायता ले रहा हूं.”

एक DGP के दो बयान बनेंगे बवाल-ए-जान

जिक्र जब बुढ़ापे में बेकाबू यौन भावनाओं को दफ्तर में ही कथित रूप से शांत करने के लिए बदनाम हो रहे 1993 बैच के आईपीएस के रामचंद्र राव का हो तब, यहां बताना जरूरी है इन वीडियो को आरोप राव खुद ही कई साल पुराना बता रहे हैं. जब वे बेलगावी में तैनात थे. अगर ऐसा है तब भी विचारणीय है कि यह वीडियो राव के ही हैं भले ही पुराने क्यों न सही. ऐसे में आरोपी की दलील कि वीडियो फर्जी हैं और उनका चेहरा लगाकर जबरदस्ती जुगाड़ करके बना लिए गए हैं. यह बात खुद राव ही गलत साबित कर दे रहे हैं. बहरहाल जांच अभी जारी है. कर्नाटक सरकार अगर इस मामले में बेईमान नहीं हुई तो दूध का दूध और पानी का पानी साबित हो जाएगा.

Full View

ऐसा नहीं है कि खाकी वर्दी में रसूखदार कुर्सी पर जमे आईपीएस के रामचंद्र राव ही ‘कथित सेक्स स्कैंडल’ में नंगे हुए हैं. इससे पहले भी ऐसे मामले भारत और भारत के बाहर आते रहे हैं. जो कुछ दिन खूब उछले उसके बाद उन्हें समय के साथ सब भूलते चले गए. मसलन.....

कश्मीरी लड़कियों के मामले में फंसे पुलिस अफसर

जम्मू कश्मीर में अब से कई साल पहले सामने आ चुके ‘सेक्स-स्कैंडल’ में गिरफ्तार होने के बाद सीबीआई जांच में दोषी पाए गए पुलिस अफसर मोहम्मद अशरफ मीर का बदनाम मामला. मीर लंबे समय तक चंडीगढ़ स्थित बुडैल जेल में भी बंद करके रखे गए. उन्हें चंडीगढ़ जिला कोर्ट से 10 साल के कठोर कारावास की सजा मुकर्रर की गई थी. साल 2006 में यह मामला जम्मू कश्मीर में नाबालिग कश्मीरी लड़कियों के साथ हुए दुष्कर्म की हाथ लगी कथित ब्लू-फिल्म सीडी से खुला था. उस मामले में डीआईजी समेत 5 लोग दोषी करार दिए गए थे.

सेक्स फॉर कैश स्कैंडल

इसी तरह पंजाब में भी एक सेक्स फॉर कैश स्कैंडल का भांडा फूटा था. उस मामले में भी कुछ आईपीएस अफसर फंसे थे. उस कांड की लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग से साफ हुआ था कि, उस कथित सेक्स फॉर कैश स्कैंडल में कुछ सेवारत पुलिस अफसरान भी शामिल थे. उस कांड में एक बर्खास्त पुलिस कांस्टेबल का नाम भी खूब उछला था. जोकि ड्रग मामले में गिरफ्तार भी किया जा चुका था. हांलांकि ज्यों ज्यों समय बीता वह कथित पुलिसिया सेक्स स्कैंडल अब तक ज़मीदोज हो चुका है.

डिप्टी एसपी का नाम सेक्स स्कैंडल में

अब से कुछ साल पहले बिहार के गया में एक सेक्स स्कैंडल खूब उछला था. जिसमें गया के तत्कालीन डीएसपी कमलाकांत प्रसाद का नाम नाबालिग से कथित बलात्कार के मामले में खूब चर्चाओं में रहा था. उस मामले में डीएसपी के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज हुआ था. इस शर्मनाक सेक्स कांड में हैरत की बात यह थी कि दुष्कर्म मामले में फंसे डीएसपी की पत्नी ही उन्हें खुद पकड़ कर थाने ले गई थीं. वह मामला भी वक्त के साथ आज कानून और थाने चौकी की फाइलों धूल फांकता हुआ कहां पड़ा होगा, शायद ही आज किसी को कुछ पता हो.

21 साल पहले आईजी भी फंसे थे

साल 2005 में झारखंड की राजधानी रांची में एक ऐसे ही हाई प्रोफाइल सेक्स कांड को लेकर पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी स्तर के आईपीएस अफसर का नाम भी खूब उछलकर बदनाम हुआ था. उन आईपीएस का नाम पी एस नटराजन था. उस कथित सेक्स स्कैंडल में आईजी के साथ कई अन्य नाम भी खूब सुर्खियों में रहे थे. पीड़िता ने आईजी सहित कई के ऊपर लिखित रूप से अपने यौन-शोषण का आरोप लगाकर झारखंड से दिल्ली तक की हुकूमत को हिला डाला था. बाद में जब उस मामले में मुकदमा शुरू हुआ तो एक बार पीड़िता के ऊपर रास्ते में (सहजानंद चौक पर) गोलियों से ताबड़तोड़ हमला तक हुआ. जिसमें उसे तीन गोलियां लगी थीं. मगर किस्मत से उस जानलेवा हमले में भी पीड़िता की जिंदगी बच गई. वह पीड़िता आदिवासी महिला थी. आरोपियों का दुस्साहस देखिए कि पीड़िता के ऊपर उन्होंने तीन सरकारी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में गोलियां चलवा डालीं.

डीजीपी विक्रम सिंह बोले-

ऐसे तमाम बदनाम सेक्स-स्कैंडल जिनमें पुलिसकर्मी और पुलिस अफसरों का ही नाम सामने आया, के बारे में पूछने पर 1974 बैच के पूर्व आईपीएस और उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक डॉ. विक्रम सिंह से स्टेट मिरर हिंदी ने बात की. उन्होने कहा, “एक पूर्व पुलिस अफसर होने के नाते सिर शर्म से झुक जाता है. भले ही मैं अपनी 36-37 साल की खाकी की नौकरी एक आईपीएस की हैसियत से बेदाग क्यों न गुजार आया हूं. उसके बाद भी जब मैं वर्दी में आज कर्नाटक के डीजीपी स्तर के बेहद यौन-कुंठित अधिकारी के. रामचंद्र राव की कारस्तनियां देख-सुनकर हैरान नहीं शर्मसार हूं. क्योंकि आज नहीं मगर बीते कल में मै भी तो इसी खाकी वर्दी और आईपीएस वर्ग का अहम हिस्सा रहा हूं.

जो पकड़ जाए वही चोर, शुक्रिया CCTV तकनीक

सवाल यह है कि पुलिस महकमें में निचली पायदान के सिपाही हवलदार दारोगा इंस्पेक्टर कुकर्म करें तो उनकी जांच तो आईपीएस अफसर से करवा कर उन्हें महकमे से बाहर किया जा सकता है. इन के रामचंद्र राव जैसों को तो आईपीएस जमात और पुलिस महकमों से निपटाना भी बहुत टेढ़ी खीर है. क्योंकि इतने बड़े ओहदों पर कुंडली मारकर मलाई चाटने वाले पुलिस अफसरों की सोर्स-सिफारिश या ऊंची पहुंच की जड़ें भी तो बहुत गहरी होती हैं. बहरहाल मैं शुक्रिया करता हूं आज एआई और सीसीटीवी की तकनीक का. जिसने आईपीएस के रामचंद्र राव जैसों को बेफिक्र होकर बिना किसी से डरे हुए, बिना किसी दबाव में आये तकनीक के आधार पर अपनी तीसरी आंख में गुपचुप रिकॉर्ड करके सरेआम नंगा कर डाला है. अगर सीसीटीवी फुटेज न होता तो यही के. रामचंद्र राव या इनके जैसे और न मालूम कितने रंगीन मिजाज यौन-कुंठित, खाकी में शेर बनकर बैठे इंसानियत के भेड़िये पता नहीं और क्या क्या अपने आलीशान सरकारी दफ्तरों में छिपकर करते रहते. हालांकि इसकी अभी भी कोई गारंटी नहीं है कि देश की पुलिस या खाकी वर्दी में के रामचंद्र राव अकेले ही रंगीन मिजाज हैं. इनके जैसे और भी न मालूम कितने भरे पड़े होंगे. मगर जो पकड़ जाए वही चोर. ”

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