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‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं का सच आया सामने!' DGP वीडियो से सियासी संग्राम तक: BJP नेता ने प्रियंका गांधी पर साधा निशाना

कर्नाटक के डीजीपी का अश्लील वीडियो सामने आने के बाद सियासी बवाल मच गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसको लेकर सीधे प्रियंका गांधी पर हमला बोला है. उन्होंने दावा किया है कि प्रियंका की ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे का सच सबके सामने आ गया है. फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद से सिद्धारमैया सरकार सकते में हैं. यह मुद्दा अब महिला सशक्तिकरण से निकलकर राजनीतिक जंग में बदल गया है.

‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं का सच आया सामने! DGP वीडियो से सियासी संग्राम तक: BJP नेता ने प्रियंका गांधी पर साधा निशाना
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( Image Source:  @DeepikaBhardwaj )

Karnataka DGP Viral Video Controversy: एक वक्त था जब प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारा महिलाओं की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक माना गया. दुनिया भर में इसकी चर्चा हुई थी, लेकिन अब यही नारा कर्नाटक के एक DGP रैंक के आईपीएस का अश्लील वीडियो सामने आने के बाद से सियासी बहस का अखाड़ा बन गया है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने हैं. यूजर्स भी सोशल मीडिया पर इसको लेकर मजेदार कमेंट कर रहे हैं. BJP नेता ने सीधे प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए हमला बोला है, जिसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह महिला सशक्तिकरण की मुहिम थी या एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति?

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कर्नाटक के DGP रैंक के अधिकारी के कथित वीडियो पर कहा, "कांग्रेस सरकार के तहत कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की यह हालत है. एक DGP लेवल के पुलिस अधिकारी के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसमें वह कई महिलाओं के साथ अश्लील काम कर रहा है. रंगीन मिजाज का यह अधिकारी ये काम पब्लिक और पुलिस ऑफिस के अंदर कर रहा है. शर्मनाक!"

खतरे में महिला सुरक्षा

बीजेपी नेता ने आगे कहा, "अब तरह-तरह के बहाने बनाए जाएंगे कि यह AI से बनाया गया मॉर्फ्ड वीडियो है. सच तो यह है कि कर्नाटक में कांग्रेस के राज में महिलाओं की सुरक्षा और हिफाजत अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है."

शहजाद पूनावाला ने कहा कि अगर ये सब चीजें एक पब्लिक ऑफिस के अंदर हो रही हैं, तो सोचिए सड़कों पर क्या हो रहा होगा? वे कहेंगे कि हमने कार्रवाई की है. कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है. यह 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा, इसकी सच्चाई सामने आ रही है."

डीजीपी राव का विवादों से पुराना नाता

दरअसल, कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और सिविल राइट्स एनफोर्समेंट के डीजीपी के. रामचंद्र राव अचानक विवादों के केंद्र में आ गए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो ने न सिर्फ पुलिस महकमे को झकझोर दिया, बल्कि राज्य की राजनीति को भी गरमा दिया. सोमवार को सामने आए इन क्लिप्स के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राव को निलंबित कर दिया.

यह मामला अब ​सिर्फ पुलिस महकमे तक सीमित नहीं रह गया. यह सत्ता, जिम्मेदारी, वर्दी और नैतिकता की बहस बन गया है. निलंबन के तुरंत बाद राव ने आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने मीडिया से कहा कि वीडियो “गढ़े हुए और पूरी तरह झूठे” हैं और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है.

सीएम भड़के, मांगी डिटेल रिपोर्ट

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर का अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है. दूसरी तरफ डीजपी के. रामचंद्र राव का कहना है कि आज के दौर में कुछ भी बनाया जा सकता है. कब, कैसे और किसने किया, उन्हें नहीं पता. राव ने यह भी कहा कि ये वीडियो आठ साल पहले के हो सकते हैं, जब वे बेलगावी में तैनात थे. लेकिन सरकार और जांच एजेंसियों के लिए यह तर्क पर्याप्त नहीं माना गया. सवाल यह है कि वीडियो की प्रामाणिकता, संदर्भ और स्थान क्या हैं और अगर पुराने हैं तो अब सामने कैसे आए?

सीएम भड़के, मांगी डिटेल रिपोर्ट

वहीं, वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश के सीएम सिद्धारमैया भी भड़क उठे हैं. सूत्रों के मुताबिक, क्लिप्स देखकर मुख्यमंत्री बेहद नाराज हुए और संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी चेंबर के भीतर, वह भी इतने ऊंचे पद पर रहते हुए, ऐसी गतिविधियां कैसे संभव हैं. विपक्ष ने भी तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया.

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