भारत को स्वस्थ, पड़ोसियों को बेचैन करेगा हल्दिया नेवी बेस, पूर्व IG CRPF बोले- बदलेगा बंगाल की खाड़ी का खेल

पश्चिम बंगाल के हल्दिया में नए नेवी बेस की घोषणा को भारत की बड़ी सामरिक चाल माना जा रहा है. पूर्व CRPF कोबरा कमांडो और रिटायर्ड IG KK Sharma के मुताबिक यह कदम भारत की सुरक्षा को मजबूत करेगा और Bangladesh के साथ बढ़ती China की नजदीकियों पर लगाम लगाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि Bay of Bengal क्षेत्र में यह बेस भारत को जल-थल-नभ तीनों स्तरों पर रणनीतिक बढ़त देगा. सिर्फ घोषणा से ही पड़ोसी देशों की बेचैनी बढ़ गई है.;

करीब एक साल से अपनी ही लगाई आग में धूंधूं करके जल-झुलस रहा पड़ोसी बांग्लादेश हताशा में हर वह काम कर रहा है, जिसका भारत पर विपरीत असर पड़े. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय और विदेश व कूटनीति में माहिर भारत ने बांग्लादेश की हर चाल को बेहद चतुरता से समझकर उनसे नाकाम कर दिया है. भारत के इस कदम से बांग्लादेश और भी ज्यादा बौखला गया है.

जैसे ही बांग्लादेश ने पाकिस्तान चीन और अमेरिका से नजदीकियां बढ़ाना शुरू किया, वैसे ही उसके प्रमुख पॉलिटिशियंस और वहां के नेताओं ने भी भारत के खिलाफ दिए जा रहे बयानों में आग उगलना शुरू कर दिया. दिसंबर 2025 में कुछ बांग्लादेशी छुटभैय्ये नेताओं ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया कि, “हमने भारत के हिस्से में मौजूद अपनी सातों बहनों को अपनी हद में मिलाने की तैयारी शुरू कर दी है.”

बांग्लादेश के बड़ेबोले नेताओं पर लगाम

इस बे-सिर-पैर के बयान को भारत ने गंभीरता से लिया. उधर इन बयानों को चीन और पाकिस्तान को खुश करने के लिए बांग्लादेशी नेताओं ने बजाये लगाम लगाने के इन्हें हवा देनी शुरू कर दी. नतीजा आज सामने है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत पहुंचने के बाद से ही बौखलाए बांग्लादेश के कार्यवाहक (अंतरिम) पॉलिटिकल एडवाइजर मोहम्मद युनूस की अकल ठिकाने लगाने को भारत ने जो रास्ता अख्तियार किया है, उसने बांग्लादेश वहां के सिर-फिरे नेताओं का दिन का चैन और रातों की नींद छीन ली है.

भारत की घोषणा भर से बांग्लादेश बेहाल

बांग्लादेश को उसकी औकात बताने की गरज से अब भारत ने घोषणा कर दी है कि हम पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक मजबूत नेवी-बेस बनाएंगे. अभी तो सिर्फ यह घोषणा ही भारत ने की है. मगर इस घोषणा की गुंजार ने बांग्लादेश और उसके मक्कार माई-बाप पाकिस्तान चीन की हालत पतली कर दी है. भारत ने हल्दिया में अपना नेवी बेस बनाने का ऐलान करके साफ कर दिया है कि बांग्लादेश ने अगर आइंदा जरा भी गुर्राने या चूं चपड़ करने की कोशिश भी की तो उसे भारत बंगाल की खाड़ी तक जल, थल और नभ में चौतरफा घेर लेगा.

नक्सलियों के दुश्मन आईजी केके शर्मा

इन्हीं तमाम उथल-पुथल के बीच आखिर बांग्लादेश और भारत के तल्ख होते संबंध आइंदा किस करवट बैठेंगे? सवाल के जवाब के लिए स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन ने 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में मौजूद कमल कांत शर्मा से एक्सक्लूसिव बात की. के के शर्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ कोबरा (CRPF Cobra Commandos) कमांडो बटालियन के प्रमुख (महानिरीक्षक) रह चुके हैं. उन्होंने न केवल जम्मू-कश्मीर का चप्पा-चप्पा छान रखा है. अपितु झारखंड छत्तीसगढ़ बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश के सीमांत घने जंगलों में कई साल तक नक्सलवाद और नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए भी खाक छानी है. कितने नक्सली इनके द्वारा लीड किए गए ऑपरेशंस में ढेर हो चुके आज की तारीख में के के शर्मा को यह गिनती भी सही से याद नहीं होगी.

हल्दिया को इसलिए जानता-समझता हूं

बकौल के के शर्मा, “हल्दिया में मेरी तैनाती भले न रही हो मगर मैं उस इलाके को गहराई से जानता समझता हूं. सीआरपीएफ की नौकरी के दौरान अक्सर हल्दिया और उसके आसपास के इलाकों में जाने का मौका मिला. भारत सरकार की हल्दिया में नया नेवी बेस बनाने की घोषणा भर से ही बांग्लादेश बीमार हो चुका होगा. यह कदम भारत को अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है. भारत के इस कदम से अब हल्दिया इलाके में भी बांग्लादेश-चीन अब बंगाल की खाड़ी के आसपास जल जमीन और आसमान तक मुंह खोलने की हिमाकत नहीं कर सकेंगे.”

भारत के कदम से हलकान चीन-बांग्लादेश

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के रिटायर्ड महानिरीक्षक के के शर्मा कहते हैं कि, भारतीय फौज असम, बंगाल और बिहार में नए बेस स्थापित करने पर पहले से ही काम में जुटी है. जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा-निगरानी के लिए भारत ने शिलॉन्ग में अपना ईस्टर्न एअर कमांड मुख्यालय पहले ही स्थापित कर रखा है. जब बांग्लादेश और चीन की नजदीकी तेजी से बढ़ रही हो तो ऐसे नाजुक दौर में भारत का हल्दिया में नेवी बेस बनाने की घोषणा या तैयारियों का शुरू किया जाना बेहद अहम है.

सांप से ज्यादा जहरीला ‘सपोला’ है

सीआरपीएफ कोबरा कमांडो फोर्स के पूर्व आईजी के के शर्मा (KK Sharma IG Cobra Commandos CRPF) स्टेट मिरर हिंदी के एक सवाल के जवाब में कहते हैं, “भय बिनु होय न प्रीत. भले ही बांग्लादेश कभी भारत का कोई बाल बांका न कर सके. मगर सांप से ज्यादा जहरीला उसका बच्चा यानी सपोला होता है. मेरे कहने का मतलब यह है कि बांग्लादेश भले ही भारत ने पूर्वी पाकिस्तान को काटकर उसकी कोख से क्यों न जन्मा हो मगर, जब दुश्मन देश या पड़ोसी किसी हमारे दूसरे तीसने दुश्मन (चीन, अमेरिका या पाकिस्तान) के हाथों की कठपुतली बनाकर नचाया जाने लगे. तो यह जिम्मेदारी हमारी (भारत) है कि हम अपनी हदों को कैसे सुरक्षित करते हैं. क्योंकि दुश्मन को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए.”

बांग्लादेश काबू करने को इतना बहुत

विशेष लंबी बातचीत के दौरान पूर्व कोबरा कमांडो फोर्स प्रमुख ने कहा, “हल्दिया में हमारा कोस्ट गार्ड बेस तो पहले से ही स्थापित है. हल्दिया में नेवल बेस तैयार होने से भारत को अब बांग्लादेश-म्यांमार के इर्द-गिर्द बंगाल की खाड़ी के ऊपरी इलाके में नए तरीके की सामरिक और सैन्य मजबूती हासिल होने से कोई नहीं रोक सकेगा. क्योंकि ऐसा होने के बाद यहां 24 घंटे भारतीय जल सेना का युद्धपोत तैनात रहेगा या रहेंगे. बेमुरब्बती मतलबपरस्त बांग्लादेश जैसे मक्कार देश का दिमाग ठिकाने लगाने के लिए इतना ही काफी है.”

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