दो जगह से SIR फॉर्म भरने से हो सकती है जेल? ऑनलाइन भरने से लेकर चेक करने तक जानें SIR फाइलिंग की A टू Z बातें
देश में मतदाता पहचान और डिजिटल गणना प्रक्रिया यानी एसआईआर के तहत अब दोहरी एंट्री करने पर सख्त कार्रवाई होगी. यदि कोई व्यक्ति दो जगहों से एसआईआर फॉर्म भरता है तो उसे एक साल तक की जेल या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.;
हर चुनाव में मतदाता सूची को अपडेट रखना बेहद जरूरी होता है, ताकि कोई फर्जी नाम या मृतक मतदाता वोटिंग प्रक्रिया में शामिल न हो सके. इसी मकसद से इस बार चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान को डिजिटल युग की ताकत से और भी सख्त कर दिया है.
लेकिन सवाल उठता है कि अगर कोई मतदाता इस बार दो अलग-अलग जगहों से फॉर्म जमा करे तो क्या होगा? इसके अलावा, क्या ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है. कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं.
क्या दो जगह भर सकते हैं फॉर्म?
इस बार मतदाताओं के लिए दो जगह से एसआईआर फॉर्म भरना लगभग नामुमकिन हो गया है. चुनाव आयोग ने ऐसा डिजिटल इंतजाम किया है कि कोई भी व्यक्ति अगर दो अलग-अलग जगहों से फॉर्म भरने की कोशिश करेगा, तो उसे कुछ ही मिनटों में पकड़ लिया जाएगा. इसके अलावा, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के अनुसार, ऐसा करने पर एक साल तक की जेल या जुर्माने की सजा भी हो सकती है.
क्या SIR फॉर्म भरने के लिए डॉक्यूमेंट्स जरूरी?
शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कई मतदाता अक्सर इस बात को लेकर भ्रम में रहते हैं कि अगर वे दोनों जगह वोटर हैं, तो किस स्थान से एसआईआर फॉर्म भरें. इस पर एसडीएम ने साफ बताया है कि चाहे आप शहर में हों या अपने पुराने गांव में आपको केवल एक ही जगह से फॉर्म जमा करना होगा. फॉर्म जमा करने के लिए किसी तरह के अलग कागजात या अटैचमेंट की जरूरत नहीं है. आपको बस अपने माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और आधार जैसी बुनियादी जानकारी भरनी है और प्रपत्र जमा कर देना है.
क्या फॉर्म न भरने से कट जाएगा नाम?
कई मतदाता यह सोचकर घबराते हैं कि अगर वे फार्म जमा नहीं कर पाए तो उनका नाम मतदाता सूची से कट जाएगा, लेकिन यह चिंता पूरी तरह निराधार है. एसआईआर का उद्देश्य केवल डुप्लीकेट और मृतक मतदाताओं को हटाना है, न कि किसी के सही वोट को प्रभावित करना. इसलिए फार्म जमा करते समय उसकी एक कॉपी अपने पास जरूर रखें, ताकि भविष्य में कोई जांच हो तो उसका हवाला दिया जा सके.
क्या ऑनलाइन भरा जा सकता है फॉर्म?
जिन मतदाताओं ने बीएलओ की मदद से फार्म नहीं भरा है, वे आसानी से वॉटर्स डॉट ईसीआई डॉट गोव डॉट इन पर जाकर ऑनलाइन गणना प्रपत्र जमा कर सकते हैं. ध्यान रहे कि मोबाइल नंबर वोटर आईडी से लिंक होना जरूरी है. इसके अलावा, मतदाता अपने ईपीसी नंबर की मदद से यह भी जांच सकते हैं कि उनका फार्म बीएलओ के द्वारा ऑनलाइन जमा हुआ है या नहीं.