खतरे में INDIA गठबंधन! AI समिट में इंटरनेशनल बदतमीजी के बाद कैसे कांग्रेस के अपने छोड़ रहे साथ? 'फ्रंटफुट' पर बीजेपी

India AI Impact Summit 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन को लेकर न सिर्फ बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला, बल्कि INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों ने भी दूरी बनानी शुरू कर दी.

AI समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से सहयोगियों ने बनाई दूरी
By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 21 Feb 2026 8:02 PM IST

20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit 2026 चल रहा था. दुनिया भर के डेलीगेट्स, इन्वेस्टर्स और टेक लीडर्स (सुंदर पिचाई और सैम अल्टमैन आदि) मौजूद थे. इसी दौरान Indian Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने PM मोदी और India-US ट्रेड डील के खिलाफ शर्ट उतारकर (Shirtless) विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और हंगामा मचाया, जिसके बाद पुलिस ने 4 नेताओं को गिरफ्तार किया. इस 'अंतरराष्ट्रीय बदतमीजी' को BJP ने 'देशद्रोह' और 'राष्ट्र की इमेज खराब करने की साजिश' बताया.

AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के विरोध प्रदर्शन ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. अब INDIA गठबंधन के ही प्रमुख सहयोगी दल (सपा, आरजेडी, शिवसेना UBT) भी कांग्रेस से दूरी बना रहे हैं और खुलकर इसकी निंदा कर रहे हैं.  सहयोगी दलों के कई नेताओं ने कहा कि मुद्दा सही हो सकता है, लेकिन मंच और तरीका गलत चुना गया. आइए, जानते हैं किसने क्या कहा और क्यों बढ़ रही है कांग्रेस की मुश्किलें...

अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष, कांग्रेस के प्रमुख UP सहयोगी)

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का विरोध भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि जब दुनिया के डेलीगेट्स आए हों तो हमें ऐसा हंगामा नहीं करना चाहिए. मैं इसके पक्ष में नहीं हूं. सरकार से लड़ाई आंतरिक मामला है. उनका मानना है कि घरेलू मुद्दों को उठाने के लिए देश के भीतर भी कई लोकतांत्रिक मंच मौजूद हैं.

मनोज झा (आरजेडी सांसद, बिहार में कांग्रेस के सहयोगी)

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि देश में गुस्सा है, कई मुद्दे हैं (India-US ट्रेड डील समेत), लेकिन AI समिट जैसी जगह पर प्रदर्शन करना अच्छा विकल्प नहीं था. उन्हें दूसरा फोरम चुनना चाहिए था. प्रोटेस्ट का सही जगह चुनना जरूरी है, चाहे सरकार के खिलाफ कितना भी गुस्सा हो.

अरविंद सावंत (शिवसेना UBT सांसद, महाराष्ट्र में कांग्रेस के सहयोगी)

शिवसेना यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि राजनीति में प्रोटेस्ट का अधिकार है, लेकिन जगह समझनी चाहिए. AI समिट जैसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसा नहीं करना चाहिए.   

आदित्य ठाकरे (शिवसेना UBT नेता)

शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए. समिट प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म है इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स का... यहां राजनीतिक confrontation नहीं होना चाहिए.

मायावती (पूर्व सीएम, बसपा प्रमुख)

मायावती ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेमी-न्यूड होकर गुस्सा जताना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऐसा नहीं करना चाहिए था.

क्या कांग्रेस अब अकेली पड़ गई है?

ये बयान दिखाते हैं कि कांग्रेस अब अकेली पड़ रही है. सहयोगी कह रहे हैं - देश की इमेज पहले, राजनीति बाद में. INDIA गठबंधन में दरार साफ दिख रही है. अखिलेश-तेजस्वी-उद्धव गुट अब कांग्रेस के 'अंतरराष्ट्रीय शर्म' वाले कदम से बचना चाहते हैं. कई विपक्षी नेताओं को डर है कि ऐसे कदम से सत्तापक्ष को राष्ट्रवाद का मुद्दा मिल जाता है. कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने निजी तौर पर माना कि विरोध का तरीका ज्यादा आक्रामक दिखा. उन्हें आशंका है कि इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है.  

एनडीए गठबंधन के नेताओं ने क्या कहा?

  • BJP MP अनुराग ठाकुर ने कहा, "कांग्रेस ने डेमोक्रेसी के नियमों को तोड़ा है... क्या वे मोदी विरोधी हैं या अब वे भारत विरोधी हो गए हैं? कांग्रेस इंटरनेशनल लेवल पर भारत को बदनाम कर रही है. यह कैसी पॉलिटिक्स है? राहुल गांधी मोदी का विरोध करते-करते भारत का विरोध करने लगे हैं."
  • BJP नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, "कांग्रेस पार्टी अपोज़िशन पार्टी की जगह एंटी-नेशनल पार्टी बन गई है.   कांग्रेस भारत को बदनाम करने और बेइज्ज़त करने में लगी हुई है, जो देश के लिए चिंता की बात है. इसमें शामिल लोगों पर देशद्रोह का केस चलना चाहिए."
  • BJP के नेशनल स्पोक्सपर्सन सैयद ज़फ़र इस्लाम ने कहा, "कांग्रेस पार्टी के घिनौने कामों ने देश को शर्मसार किया है. पूरा देश आज सोशल मीडिया पर विरोध कर रहा है... यहां तक ​​कि INDIA अलायंस के पार्टनर भी इससे खुद को दूर कर रहे हैं और इसकी बुराई कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी के युवा नेता राहुल गांधी, जो युवा नहीं हैं, उनकी सोच अब पूरी तरह से सामने आ गई है. वह जितना विरोध का सपोर्ट करेंगे, लोगों की नज़रों में उतने ही गिरेंगे."
  • शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा, "AI समिट में भारत ने इंटरनेशनल लेवल पर भारतीय नागरिकों और युवाओं को फायदा पहुंचाया है, चाहे वह डेटा हो, खेती हो, या क्लीन एनर्जी हो...लेकिन कांग्रेस पार्टी का दिवालियापन यहां दिख रहा है... वे भारत के चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने पर एतराज़ कर रहे हैं."
  • RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "दिल्ली में कांग्रेस का विरोध पूरे देश का अपमान है. प्रधानमंत्री मोदी पूरी दुनिया के सामने देश का नाम रोशन कर रहे हैं और कांग्रेस के लोग इस तरह विरोध कर रहे हैं. यह पूरे देश का अपमान है. उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए."

AI समिट का विवाद सिर्फ एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा. इसने विपक्ष की एकता, रणनीति और नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सहयोगियों के बयानों से साफ है कि कांग्रेस को आगे की राजनीति में कदम फूंक-फूंककर रखना होगा, वरना साथियों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है. वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन इस मुद्दे को राष्ट्रवाद से जोड़कर कांग्रेस पर जमकर हमला बोल रही है. 

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