लोकतंत्र में डील का अजीब ट्रेंड: चुनावी हार के बाद हिसाब-किताब! वोट नहीं दिया तो कैश-गिफ्ट लौटाओ
तेलंगाना के कई शहरों में चुनाव हारने के बाद उम्मीदवारों द्वारा वोटरों से कैश और गिफ्ट वापस मांगने के आरोप लगे हैं. वायरल वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ रहा है, हालांकि कोई आधिकारिक शिकायत नहीं हुई है.
तेलंगाना में म्यूनिसिपल चुनाव के नतीजों के बाद एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोकतंत्र की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं0 आरोप है कि चुनाव हार चुके उम्मीदवार अब उन वोटरों के घर-घर जाकर दस्तक दे रहे हैं, जिन्हें उन्होंने प्रचार के दौरान कैश और गिफ्ट दिए थे. हारे उम्मीदवार अब दिए पैसे वापस मांग रहे हैं. जहां कुछ जगहों पर बहस, धमकी और यहां तक कि झड़प की नौबत भी आ गई. सवाल उठता है, क्या यह चुनावी सिस्टम का नया ट्रेंड है या फिर हार की हताशा में उठाया गया विवादित कदम?
तेलंगाना में चुनाव के बाद ये कैसा विवाद?
तेलंगाना में म्यूनिसिपल चुनाव के नतीजों के करीब एक हफ्ते बाद तेलंगाना के कई जिलों में एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है. आरोप है कि चुनाव हार चुके उम्मीदवार अब उन वोटरों के घर पहुंच रहे हैं, जिन्हें उन्होंने प्रचार के दौरान कैश या गिफ्ट दिए थे. हारे उम्मीदवार अब लोगों से रकम वापस मांग रहे हैं.
किन-किन जिलों से सामने आए ऐसे मामले?
तेलंगाना के मेडचल मलकाजगिरी, सूर्यपेट, हद्राद्री कोठागुडेम, जगतियाल और निजामाबाद से इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं. कई जिलों से पैसा वापस करने को लेकर जोर देने पर झड़प और विवाद की खबरें भी आई हैं. कुछ जगहों पर यह मामला बहस से बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है.
क्या चुनाव से पहले वोटरों को बांटे गए थे पैसे और गिफ्ट?
मीडया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 फरवरी को होने वाले मतदान से एक दिन पहले मतदान से पहले कई इलाकों में उम्मीदवारों ने वोटरों को लुभाने के लिए 2,000 से 3,000 रुपये तक कैश, प्रेशर कुकर और साड़ियां बांटी थीं. हार के बाद कुछ उम्मीदवारों को शक है कि उन्हें अपेक्षित वोट नहीं मिले, जिसके चलते यह “रिकवरी अभियान” शुरू हुआ.
एक वायरल क्लिप में एक आदमी और एक औरत, जो एक बड़ी पार्टी से जुड़े हैं, साड़ी ले जाते हुए दिख रहे हैं. जब जांच की गई, तो औरत को यह कहते हुए सुना गया कि अगर उन्हें एक वोट मिला, तो विरोधी पार्टी को चार वोट मिलेंगे. एक और वीडियो में, एक औरत, जिसे उम्मीदवार माना जा रहा है, एक वोटर पर यह वादा करने के लिए दबाव डालती दिख रही है कि उसने उसे वोट दिया है. भरोसा दिलाने के बाद, वोटर ने वोटर का नाम लिस्ट में डाल दिया.
मेडचल मलकाजगिरी जिले में, एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर गिनती के दिन के तुरंत बाद घर-घर जाकर पैसे मांगे. हैदराबाद के पास येलमपेट नगर निगम में, एक हारे हुए निर्दलीय उम्मीदवार के पति ने कथित तौर पर लोगों से या तो पैसे वापस करने या यह "स्वीकार" करने के लिए कहा कि उन्होंने उसकी पत्नी को वोट दिया था.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बावजूद, राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि कोई औपचारिक शिकायतकर्ता नहीं मिला है, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने वीडियो नोट कर लिए हैं।
क्या चुनाव आयोग ने लिया कोई एक्शन?
तेलंगाना चुनाव अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. अधिकारियों ने साफ किया है कि इस तरह पैसे या गिफ्ट वापस मांगना नियमों के खिलाफ है.
चुनावी सिस्टम पर बड़ा सवाल है?
यह मामला सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे चुनावी सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है. क्या वोट खरीदने की संस्कृति अब “रिफंड पॉलिटिक्स” में बदल रही है? अगर यह ट्रेंड बढ़ा, तो लोकतंत्र की पारदर्शिता और निष्पक्षता दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है.




