AI Agent क्या है? Anthropic Claude कैसे कर रहा इंसानों जैसा काम, क्या बदल जाएगा वर्क कल्चर?
AI एजेंट पारंपरिक चैटबॉट से आगे बढ़कर खुद योजना बनाकर मल्टी-स्टेप काम करने लगा है. डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट और बेसिक कंटेंट सेक्टर में सबसे ज्यादा ऑटोमेशन का खतरा माना जा रहा है. इससे जॉब नहीं खत्म होगा, काम करने का तरीका बदल जाएगा.;
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं रही. अब AI “डिजिटल कर्मचारी” की तरह काम करने लगा है. यह प्लान बनाता है, डेटा विश्लेषण करता है, ईमेल भेजता है, रिपोर्ट तैयार करता है और जरूरत पड़े तो खुद सुधार भी करता है. अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने अपने मॉडल क्लाउड (Claude) को AI एजेंट के रूप में विकसित किया है, जो इंसान की तरह मल्टी-स्टेप काम कर सकता है.
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या AI एजेंट नौकरियां खत्म कर देंगे? अगर हां, तो किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा संकट है? और किन सेक्टरों में नए अवसर पैदा होंगे? यह रिपोर्ट इन्हीं सवालों का विश्लेषण करती है. AI एजेंट पारंपरिक AI से अलग हैं, क्योंकि वे केवल सवाल का जवाब नहीं देते, बल्कि लक्ष्य तय कर खुद काम पूरा करते हैं. उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी को मार्केट रिसर्च चाहिए तो AI एजेंट डेटा इकट्ठा करेगा, उसका विश्लेषण करेगा और अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट (लेवल-1), बेसिक कंटेंट राइटिंग और जूनियर कोडिंग जैसी नौकरियों पर सबसे अधिक खतरा है. वहीं क्रिएटिव, स्ट्रेटेजिक और भावनात्मक बुद्धिमत्ता वाली भूमिकाएं अभी सुरक्षित मानी जा रही हैं.
AI से नौकरी पूरी तरह खत्म होने की बजाय “काम का स्वरूप” बदलने की संभावना ज्यादा है. आने वाले समय में AI सुपरवाइजर, प्रॉम्प्ट इंजीनियर और AI ऑडिटर जैसी नई भूमिकाओं की मांग बढ़ सकती है.
क्या होते हैं AI एजेंट?
AI एजेंट (Artificial Intelligence Agents) ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं जो स्वतंत्र रूप से निर्णय लेकर काम कर सकते हैं. ठीक वैसे ही जैसे कोई इंसान किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करता है. साधारण AI (जैसे चैटबॉट) सिर्फ सवाल का जवाब देता है, लेकिन AI एजेंट दिए गए लक्ष्य को समझता है. प्लान बनाता है. कई टूल्स का उपयोग करता है. जैसे ईमेल, स्प्रेडशीट, कोडिंग, वेब सर्च आदि.
एआई एजेंट परिणाम देखकर खुद सुधार करता है. बतौर उदाहरण, अगर आप एआई एजेंट से कहें, “मेरे लिए अगले महीने की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी बना दो.” इसके जवाब में AI एजेंट पहले मार्केट डेटा खोजेगा, प्रतिस्पर्धियों का विश्लेषण करेगा, बजट का प्लान बनाएगा और आपको रिपोर्ट तैयार कर देगा.
Anthropic क्या है?
Anthropic एक अमेरिकी AI रिसर्च कंपनी है, जिसकी स्थापना 2021 में हुई थी. इसे पूर्व OpenAI कर्मचारियों ने शुरू किया था. यह कंपनी “सुरक्षित और जिम्मेदार AI” बनाने पर फोकस करती है. Anthropic का प्रमुख AI मॉडल है क्लाउड. इसे खासतौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि वो सवालों का सही जवाब दे. लंबे दस्तावेज को समझ सके. कोडिंग, रिसर्च और विश्लेषण जैसे काम कर सके.
Anthropic के AI एजेंट इंसान की तरह कैसे काम करता हैं?
एंथ्रोपिक ने Claude को “AI Agent” के रूप में विकसित करना शुरू किया है. उनके ये एजेंट प्लानिंग करते हैं. पहले समस्या को छोटे हिस्सों में बांटते हैं. फिर ये टूल्स इस्तेमाल करते हैं. जैसे वेब ब्राउजर, कोड रनर, API एक्सेस, फाइल एनालिसिस आदि. उसके बाद मल्टी-स्टेप काम करते हैं. यानी एक त्रएक बार में नहीं, बल्कि कई स्टेप में लक्ष्य पूरा करते हैं. एआई एजेंट फीडबैक से सीखता है. गलती होने पर खुद सुधार कर लेता हैं.यानी ये सिर्फ “जवाब देने वाला बॉट” नहीं बल्कि डिजिटल कर्मचारी की तरह काम करता है.
किन क्षेत्रों में नौकरी समाप्त होने का खतरा?
AI एजेंट्स खासकर उन नौकरियों को प्रभावित कर सकते हैं जहां दोहराव वाला काम हो. डेटा आधारित निर्णय हो. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम होता हो. कंटेंट राइटिंग और बेसिक जर्नलिज्म, कस्टमर सपोर्ट, डेटा एंट्री और बैक ऑफिस, जूनियर कोडिंग, लीगल और फाइनेंशियल रिसर्च, डॉक्युमेंट एनालिसिस और कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू AI बेहतर तरीके से कर सकता है.
जॉब के किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा संकट?
एआई एजेंट से सबसे ज्यादा खतरा डेटा एंट्री और प्रोसेसिंग हो सकता है. यह 70 से 90 प्रतिशत तक ऑटोमेट हो सकता है. कस्टमर सपोर्ट सेक्टर जैसे क्षेत्र में काम करे वालों के लिए एआई खतरा है. इसी तरह बेसिक कंटेंट और ट्रांसलेशन के क्षेत्र में जॉब कम हो सकता है.
क्या सारी नौकरियां खत्म हो जाएंगी?
नहीं, ऐस नहीं है. एआई काम का तरीका बदलेगा. बतौर AI ट्रेनर, प्रॉम्प्ट इंजीनियर, AI ऑडिटर नई नौकरियां पैदा करेगा. हाइब्रिड स्किल की मांग बढ़ेगी. याी Anthropic जैसे AI कंपनियां ऐसे एजेंट बना रही हैं जो “डिजिटल कर्मचारी” की तरह काम कर सकते हैं. सबसे ज्यादा खतरा दोहराव वाले डिजिटल कार्यों में है. लेकिन क्रिएटिव, इमोशनल और लीडरशिप वाली भूमिकाएं अभी भी मानव केंद्रित रहेंगी.