कौन हैं ये भूरे बालों वाली महिला नेता? जिन्होंने AI Summit में PM मोदी के बांधे तारीफों के पुल, Impress होकर क्या बोलीं

AI समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करने वाली भूरे बालों वाली महिला नेता दरअसल स्वीडन की उपमुख्यमंत्री है. उन्होंने भारत की बढ़ती डिजिटल ताकत, एआई में नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर निभाई जा रही भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ संयोग नहीं है कि भारत ग्लोबल साउथ में पहली बार इस तरह के समिट की मेजबानी कर रहा है.;

Sweden Deputy PM Ebba Busch

Curated By :  सागर द्विवेदी
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नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान स्वीडन की उप प्रधानमंत्री Ebba Busch ने भारत के साथ अपने देश की साझेदारी को नई ऊंचाई पर बताया. उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारत यूरोप के लिए एक 'चुना हुआ साझेदार' बनकर उभरा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन, व्यापार और भू-राजनीति जैसे अहम क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं.

NDTV के मुताबिक, Busch ने भारत द्वारा ग्लोबल साउथ में पहली बार वैश्विक AI समिट आयोजित करने की सराहना की और हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 'सिर्फ व्यापार से कहीं ज्यादा' बताया.

AI समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करने वाली भूरे बालों वाली महिला नेता दरअसल स्वीडन की उपमुख्यमंत्री है. उन्होंने भारत की बढ़ती डिजिटल ताकत, एआई में नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर निभाई जा रही भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ संयोग नहीं है कि भारत ग्लोबल साउथ में पहली बार इस तरह के समिट की मेजबानी कर रहा है. उन्होंने भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और दूसरे सबसे बड़े बाजार के रूप में अहम साझेदार बताया. दिलचस्प बात यह भी है कि स्वीडन में हल्के भूरे से लेकर गहरे भूरे रंग के बाल काफी आम हैं, इसलिए उनकी पहचान को लेकर सोशल मीडिया पर खास चर्चा देखने को मिली.

भारत को 'चुना हुआ साझेदार' क्यों बता रहीं Ebba Busch?

Ebba ने कहा कि 'यह कोई संयोग नहीं है कि भारत अब पहली बार ग्लोबल साउथ में इस वैश्विक एआई समिट की अध्यक्षता और मेजबानी कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए आगे कहा कि तकनीक जो मनुष्य से उत्पन्न हो और मानवता के व्यापक हित की सेवा करें.

उन्होंने कहा कि स्वीडन वैश्विक इनोवेशन रैंकिंग में शीर्ष देशों में शामिल है और जटिल समस्याओं के समाधान के लिए साझेदारी चाहता है. 'नवाचार से जुड़ी कई वैश्विक रैंकिंग में स्वीडन पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रहता है… और भारत निश्चित रूप से ऐसा ही एक साझेदार है.'

कौन हैं एब्बा बुश?

एब्बा बुश स्वीडन की उप प्रधानमंत्री, ऊर्जा मंत्री और उद्योग मंत्री के पद पर कार्यरत हैं. इनका जन्म 11 फरवरी 1987 को हुआ है. इनकी आयु 39 साल है. 2015 से वह क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स पार्टी की नेता हैं. उप्साला में जन्मीं बुश ने उप्साला यूनिवर्सिटी से पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज की पढ़ाई की. उन्होंने स्वीडिश राजनीति में बहुसंस्कृतिवाद पर सवाल उठाए हैं और इजरायल में स्वीडिश दूतावास को यरुशलम स्थानांतरित करने के विचार का समर्थन किया है.

भारत-EU FTA सिर्फ व्यापार है या रणनीतिक साझेदारी?

बुश ने FTA को 'वास्तव में एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा दिन' बताते हुए कहा कि यह समझौता दो दशकों की लंबी बातचीत के बाद संभव हो पाया है. उनके अनुसार यह समझौता 'दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार' को जोड़ता है. उन्होंने साफ कहा कि 'यह मुक्त व्यापार समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है. यह उन मूल्य-आधारित संबंधों के निर्माण के बारे में है जो आने वाली पीढ़ियों तक कायम रह सकते हैं.' उनके मुताबिक मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में यूरोप अपने साझेदार सोच-समझकर चुन रहा है और स्वीडन निश्चित रूप से भारत को एक ठोस कारण से चुन रहा है.

AI रेगुलेशन पर स्वीडन की सोच क्या?

AI सुरक्षा और नियमन पर चल रही वैश्विक बहस के बीच बुश ने संतुलित दृष्टिकोण की वकालत की. उन्होंने कहा कि 'हमें व्यापक लक्ष्य को विनियमित करने की जरूरत है, बजाय इसके कि हम यह सोचें कि इतनी तेजी से आगे बढ़ रही AI जैसी तकनीक को छोटे स्तर पर नियंत्रित कर सकते हैं और चेतावनी दी कि जरूरत से ज्यादा नियंत्रण यूरोप को ट्रेन चल पड़ने के बाद प्लेटफ़ॉर्म पर छूट जाने जैसी स्थिति में ला सकता है.

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