ट्रेन में चोरी या सामान गुम होने पर क्या करें? रेलवे के ये 4 ऑप्शन आएंगे काम
अगर आपका सामान ट्रेन से चोरी हो गया है या लगेज खो गया है, तो रेलवे के बताए गए ये चार ऑप्शन्स आपके काम आने वाले हैं.;
Luggage Stolen in Train: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेलवे ट्रांसपोर्ट्स में से एक है. भारत में हर दिन 10 हजार से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं. रेलवे का कहना है कि लोगों की सिक्योरिटी ही उनकी अहम प्राथमिकता है. इसके लिए ट्रेनों में ऑनबोर्ड सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से लेकर स्टेशनों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने जैसे कई कदम उठाए गए हैं.
इसके बावजूद ट्रेन यात्रा के दौरान सामान चोरी या गुम हो जाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे में यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अगर सफर के दौरान लगेज चोरी हो जाए, तो शिकायत कहां और कैसे दर्ज कराई जाए, खासकर तब जब बीच रास्ते ट्रेन से उतरना संभव नहीं होता.
ट्रेन में समान चोरी होने या खो जाने पर क्या करें?
रेल मंत्रालय के मुताबिक, अगर चलती ट्रेन में किसी यात्री का सामान चोरी हो जाए, लूट या डकैती की घटना हो, तो यात्री सीधे ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं. इसमें ट्रेन कंडक्टर, कोच अटेंडेंट, गार्ड या फिर ऑनबोर्ड मौजूद GRP और RPF के जवान शामिल हैं.
ये अधिकारी यात्री को FIR का फॉर्म उपलब्ध कराते हैं, जिसे भरकर वहीं जमा किया जा सकता है. इसके बाद शिकायत संबंधित पुलिस स्टेशन को भेज दी जाती है और यात्री को अपनी यात्रा बीच में रोकने की जरूरत नहीं होती है. रेलवे का कहना है कि यात्री बड़े स्टेशनों पर मौजूद RPF सहायता केंद्रों से भी शिकायत दर्ज कराने में मदद ले सकते हैं.
क्या इसके अलावा है कोई और तरीका?
इसके अलावा, अब डिजिटल माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. रेलमदद मोबाइल एप के जरिए यात्री चोरी या अन्य सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं. रेलवे के अनुसार, रेलमदद को यात्रा के दौरान सहायता के लिए सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म माना जाता है.
इस एप के अलावा 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसे राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 से जोड़ा गया है.
रेलवे के मामलों को कौन देखता है?
रेलवे परिसरों और ट्रेनों में अपराध की रोकथाम, जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की एजेंसियों, यानी गवर्नमेंट रेलवे पुलिस और जिला पुलिस की होती है. वहीं रेलवे सुरक्षा बल, यानी RPF, इन एजेंसियों की कोशिशों को मजबूत करने का काम करता है ताकि यात्रियों और रेलवे परिसरों की सुरक्षा बेहतर हो सके.
ट्रेन में सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है सरकार?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे और GRP मिलकर कई कदम उठा रहे हैं. संवेदनशील और चिन्हित रूटों पर ट्रेनों में RPF के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की GRP के जरिए भी एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाती है.
यात्रियों को तुरंत मदद देने के लिए रेलमदद पोर्टल और हेल्पलाइन 139 की सुविधा उपलब्ध है. रेलवे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर, फेसबुक और कू के जरिए भी यात्रियों से संपर्क में रहता है और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करता है.
प्लेटफॉर्म्स पर ऐलान से लोगों को किया जाता है जागरुक
इसके अलावा, स्टेशनों और ट्रेनों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार घोषणाएं की जाती हैं, ताकि यात्रियों को चोरी, झपटमारी और नशीला पदार्थ खिलाकर अपराध करने जैसी घटनाओं से सतर्क किया जा सके. सुरक्षा बढ़ाने के लिए कोचों और रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
रेलवे में महिलओं के लिए क्या है सहेली एप?
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने 'मेरी सहेली'एप लॉन्च की हुआ है. इसके तहत अकेले यात्रा कर रही महिलाओं पर खास ध्यान दिया जाता है, ताकि वे पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित महसूस कर सकें.
रेलवे ने जोनल स्तर पर यह भी निर्देश दिए हैं कि ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी में पुरुष और महिला RPF कर्मियों की संयुक्त तैनाती की जाए. साथ ही, हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं, जिनकी अध्यक्षता संबंधित राज्यों के पुलिस महानिदेशक या आयुक्त करते हैं.