Gold-Silver Crash: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद चांदी में 85 हजार की गिरावट, सोने की चमक भी हुई फीकी; कब खरीदना होगा सही?

सोना और चांदी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद जोरदार गिरावट दर्ज की गई. 24 घंटे में चांदी 85 हजार रुपये और सोना 25 हजार रुपये से ज्यादा टूट गया. एक्सपर्ट्स इसे मुनाफावसूली और शॉर्ट सेलिंग का नतीजा बता रहे हैं. उन्होंने 2 से 2.5 लाख की रेंज को चांदी के लिए सुरक्षित खरीदारी जोन मान रहे हैं.;

रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलकर सोना-चांदी में तगड़ी गिरावट, मुनाफावसूली से टूटा बाजार

(Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 30 Jan 2026 9:49 PM IST

Gold Silver Price Today: कमोडिटी बाजार में शुक्रवार (30 जनवरी) को बड़ा झटका देखने को मिला, जब सोना और चांदी दोनों की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई. महज 24 घंटे के भीतर चांदी करीब 85,000 रुपये प्रति किलो टूट गई, जबकि सोने के भाव में भी 25,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई. यह गिरावट ऐसे वक्त पर आई है, जब एक दिन पहले ही चांदी 4.20 लाख रुपये और सोना करीब 2 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा था.

चांदी में सबसे बड़ा क्रैश

MCX पर शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी का भाव करीब 65,000 रुपये गिरकर 3,35,001 रुपये पर आ गया, जबकि गुरुवार शाम को ही चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था. इस हिसाब से देखें तो 24 घंटे के भीतर चांदी में करीब 85,000 रुपये की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई.

सोना की चमक पड़ी फीकी

सोने की कीमतों में भी जोरदार टूट देखने को मिली. गुरुवार, 29 जनवरी को MCX पर सोना अपने रिकॉर्ड हाई 1,93,096 रुपये तक पहुंच गया था, लेकिन शुक्रवार को यह करीब 25,500 रुपये गिरकर 1,67,406 रुपये पर आ गया. यानी एक दिन में ही सोने की चमक भी फीकी पड़ गई.

गुरुवार को बना था रिकॉर्ड

गौरतलब है कि गुरुवार को वायदा बाजार में चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच दिया था. एक ही दिन में इसमें करीब 34,000 रुपये की तेजी आई थी. इसी तरह सोना भी 29 जनवरी को 16,000 रुपये उछलकर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था, लेकिन इसके ठीक अगले दिन बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई.

अचानक क्यों फूटा बुलबुला?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह गिरावट मुनाफावसूली (Profit Booking) का नतीजा है. बीते कई हफ्तों से सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे थे. चांदी ने कुछ ही समय में 3 लाख से 4 लाख का सफर तय कर लिया था. ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करना शुरू किया. इसके अलावा, जैसे ही बाजार में बिकवाली तेज हुई, वैसे ही शॉर्ट सेलर्स भी एक्टिव हो गए. ट्रेडिंग सेशन के दौरान भारी शॉर्टिंग के चलते चांदी के दाम और तेजी से फिसलते चले गए.

ग्लोबल फैक्टर भी जिम्मेदार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी और अन्य धातुओं की कीमतों में कमजोरी देखी गई, जिसका असर सीधे MCX पर पड़ा. साथ ही, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से डॉलर मजबूत हुआ, जिसमें उन्होंने फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल को हटाने की बात कही. डॉलर में मजबूती और वैश्विक तनाव में नरमी से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा.

ETF निवेशकों को भी झटका

कीमतों में तेज गिरावट का असर Gold और Silver ETF पर भी साफ दिखा. बाजार बंद होने तक कई ETF में 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई.

  • ICICI Silver ETF: 20.14% गिरावट
  • Nippon India Silver ETF: 18.59% टूट
  • Tata Silver ETF: 13% गिरावट
  • Tata Gold ETF: 9.16% गिरा
  • Nippon India Gold ETF: 10.50% की गिरावट

क्या अब खरीदारी का मौका है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा गिरावट को हेल्दी करेक्शन माना जा सकता है. जिन निवेशकों की नजर लॉन्ग टर्म पर है, उनके लिए चांदी में 2 लाख से 2.50 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर सुरक्षित एंट्री जोन हो सकता है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से चांदी की डिमांड अब भी मजबूत बनी हुई है.

डिस्क्लेमर- सोना और चांदी की  खरीदारी करने से पहले एक्सपर्ट से एक बार जरूर सलाह लें.

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