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कौन हैं Accenture की CEO Julie Sweet? 14 साल की उम्र में नौकरी कर ऐसे बनी महिलाओं की रोल मॉडल

सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी और काउंसलिंग कंपनियों में से एक Accenture की CEO जूली स्वीट ने India AI-Impact Summit 2026 के मंच से एक अहम संदेश दिया है.

Accenture CEO Julie Sweet
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Accenture CEO Julie Sweet

( Image Source:  X/@crystalballmkt )

India AI-Impact Summit 2026 के मंच से Accenture की CEO Julie Sweet ने एक अहम संदेश दिया है कि कंपनियों और सरकारों को एंट्री-लेवल नौकरियों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में भी इंसानों को लीड में रखना चाहिए न कि लूप में, ताकि तकनीक का उपयोग सकारात्मक रूप से हो सके और रोजगार के अवसर बनें.

स्वीट ने कहा कि अगर कंपनियां और देश एआई को विकास का इंजन मानकर अपनाते हैं, तो इससे रोजगार, उत्पादकता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा. वहीं छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को तकनीक तक पहुंच देना भी कितना महत्वपूर्ण है, इस पर उन्होंने जोर दिया.

कौन हैं जूली स्वीट?

आज के कॉरपोरेट और टेक्नोलॉजी जगत में जूली स्वीट का नाम विशेष सम्मान और पहचान के साथ लिया जाता है. वे अमेरिकी कॉरपोरेट लीडर हैं और वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी और काउंसलिंग कंपनियों में से एक Accenture की CEO हैं. उनके नेतृत्व में एक्सेंचर ने वैश्विक स्तर पर कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं.

जूली स्वीट को उनकी नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दूरदर्शिता और महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है. वे फोर्ब्स की दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं और फॉर्च्यून की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल रह चुकी हैं.

जूली स्वीट का करियर सफर

जूली स्वीट ने काफी कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया, वे महज 14 साल की उम्र में नौकरी करने लगी थीं. इसके बाद उनका करियर तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा. सितंबर 2019 में उन्हें Accenture का CEO बनाया गया और सितंबर 2021 में उन्होंने कंपनी की अध्यक्षता संभाली. उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी और काउंसलिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं.

कर्मचारियों को क्या दी थी चेतावनी?

जूली स्वीट ने पहले ही साफ कर दिया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अनुरूप खुद को ढालना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है, वरना उन्हें कंपनी छोड़नी पड़ेगी. उनका यह कड़ा संदेश निवेशकों और कर्मचारियों दोनों के लिया था. उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के लिए AI पर Reskilling संभव नहीं है.

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