कुछ लोगों को एआई में डर दिखता, भारत को भाग्य दिखता है : India AI Impact Summit में PM Modi की 20 बड़ी बातें
पीएम मोदी ने आज एआई समिट में संबोधन किया. इस दौरान उन्होंने एआई से फ्यूचर में होने वाले फायदों के बारे में बताया. आइये जानते हैं उनके जरिए की गई 20 बड़ी बातें.
PM Modi in AI Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट में अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारत न सिर्फ नई टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाता है, बल्कि उसे बड़े पैमाने पर लागू भी करता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में एआई समिट का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्लोबली एक अहम संदेश है कि तकनीकी नेतृत्व अब सीमित भौगोलिक दायरे में नहीं, बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के हाथों में भी है.
पीएम मोदी ने यह भी हाईलाइट किया कि भारत की युवा पीढ़ी जिस गति और रचनात्मकता के साथ एआई का इस्तेमाल कर रही है, वह अभूतपूर्व है. समिट में पेश इनोवेशन और स्टार्टअप सॉल्यूशन भारत की इनोवेटिव कैपेबिलिटी का सशक्त उदाहरण हैं. उन्होंने कहा कि भारत एआई को केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे समावेशी विकास, रोजगार सृजन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के मकसद से आगे बढ़ाएगा.
पीएम मोदी ने एआई समिट में क्या कहा?
- भारत तेजी से टेक्नोलॉजी अपनाता है, और उसे तेजी से आपनाता भी है.
- एआई समिट का भारत में होना पूरे दुनिया के साउथ हिस्सा के लिए काफी अहम है.
- जिस तरह युवा पीढ़ी एआई का इस्तेमाल कर रही है, वह अभूतपूर्व है.
- एआई समिट में जो भी इनोवेशन पेश किए गए हैं, वह भारत की इनोवेटिव कैपेबिलिटी का बहुत बड़ा उदाहरण हैं.
- जब बोली को पहली बार नीति में बदला गया तो किसी ने नहीं जाना कि रिटन नोलिज की बैकबोन बनेगी.
- एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रहा है, उससे भी अधिक मानव सामर्थ को कई गुना बढ़ा रही है, अंतर सिर्फ है इस बार स्पीड अभूतपूर्व है.
- पहले टेकनोलोजी का इम्पैक्ट दिखने में काफी वक्त लगता था, लेकिन अब इसकी स्पीड बढ़ गई है.
- सवाल यह नहीं है कि भविष्य में एआई क्या करेगा. हमें देखना है कि हम मौजूदा वक्त में इससे क्या करते हैं. जैसे न्यूक्लियर का सही इस्तेमाल भी है और गलत इस्तेमाल भी.
- एआई को मशीन सेंट्रिक से ह्यूमन सेंट्रिक कैसे बनाएं, यही ग्लोबल एआई समिट का मूल उद्देश्य है.
- एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा. इसे एंपावरमेंट का माध्यम बनना होगा.
- एआई को ओपन स्काई देना होगा और कमांड भी अपने हाथ में रखनी होगी.
- आज हम एआई को जिस दिशा में लेकर जाएंगे वैसा ही हमारा भविष्य तय होगा.
- पीएम मोदी ने 'एमएएनएवी' पेश किया जिसमें
M यानी Moral and Ethical System
A- Accountable governance
N- National Sovereignty
A- Accessible and Exclusive
V- Valid and Legitimate
- आज कल्पना करना मुश्किल है कि इस फील्ड में किस तरह की जॉब्स पैदा होंगी.
- एआई हमारे काम को और अधिक तेज करेगा और हम इससे बेहतर डिसीज़न ले सकेंगे, जिससे लोगों को मीनिंगफुल रोल मिलेंगे.
- पारदर्शिता की सबसे बड़ी सुरक्षा है. कुछ देश और कंपनियां मानती हैं कि एआई को कॉन्फीडेंशियल तरीके से डेवलप करना चाहिए, लेकिन एआई तभी लाभकारी होगी जब इसे शेयर किया जाएगा.
- एआई को कॉमन Global Good के तौर पर विकसित किया जाए.
- डिजिटल वर्ल्ड में कंटेंट के लिए ऑथेंटिसिटी लेबल होने चाहिए. ताकि लोगों को असली और एआई में फर्क पता चले.
- हमें Child Security के प्रति और सजक होना होगा. ऐसे में एआई चाइल्ड सेफ और फैमिली गाइडेड होना चाहिए.
- कुछ लोगों को एआई में डर दिखता है और कुछ लोगों को एआई में भाग्य दिखता है. हमें भय नहीं, एआई में भाग्य दिखता है, भारत को एआई में भविष्य दिखता है.
- भारत के पास Diversity, Demography and Democracy है. जो एआई मॉडल भारत में कामयाब होता है वो ग्लोबली काम कर सकता है.





