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पहले ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, अब अब्दुल अल-सयद की सीनेट में एंट्री; अमेरिका में कितने मुसलमान, कहां कितना असर?

ममदानी के बाद अब्दुल अल-सयद की अमेरिकी राजनीति में एंट्री चर्चा में है. जानिए अमेरिका में मुसलमानों की आबादी कितनी है और किन राज्यों में उनका राजनीतिक असर ज्यादा है.

पहले ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, अब अब्दुल अल-सयद की सीनेट में एंट्री; अमेरिका में कितने मुसलमान, कहां कितना असर?
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में इस बार मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मसला भी सुर्खियों में है. ट्रंप ने अपनी नीतियों की वजह से वहां की मीडिया ने इस मुद्दे को तूल भी दिया है. यूएस मीडिया के अनुसार पहले जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क का मेयर बनकर इतिहास रचा और अब अब्दुल अल-सयद ने अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीतकर इस कड़ी में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. अमेरिका की राजनीति में मुस्लिम समुदाय की बढ़ती भागीदारी एक बार फिर चर्चा में है. ममदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने, वहीं अब्दुल अल-सयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं. इन दोनों घटनाओं के बीच एक सवाल उठता है कि अमेरिका में मुसलमानों की आबादी कितनी है और किन-किन राज्यों में उनका प्रभाव ज्यादा है?

अमेरिका में कितने मुसलमान?

प्यू रिसर्च सेंटर की ओर से सितंबर 2026 में जारी अध्ययन के मुताबिक, अमेरिका में करीब 55 लाख मुसलमान रहते हैं. साल 2007 में यह संख्या लगभग 24 लाख थी. यानी करीब दो दशकों में मुस्लिम आबादी दोगुने से ज्यादा हो गई है. हालांकि, अमेरिका की आधिकारिक जनगणना में लोगों से उनका धर्म नहीं पूछा जाता. इसलिए ये आंकड़े सर्वे और जनसांख्यिकीय अनुमानों पर आधारित हैं.

किस राज्य में मुसलमानों की आबादी सबसे ज्यादा?

अमेरिका में मुस्लिम आबादी सभी राज्यों में एक समान नहीं है. 2020 की अमेरिकी धार्मिक जनगणना के मुताबिक, न्यूयॉर्क में करीब 7.24 लाख मुसलमान रहते थे. कैलिफोर्निया में यह संख्या 5.04 लाख, इलिनॉय में 4.73 लाख और न्यू जर्सी में करीब 3.21 लाख थी. इसके अलावा मिशिगन में 2.41 लाख, मैरीलैंड में 1.88 लाख और वर्जीनिया में करीब 1.69 लाख मुसलमान दर्ज किए गए थे.

किस राज्य में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत ज्यादा?

साल 2020 के आंकड़ों के अनुसार, इलिनॉय में कुल आबादी का करीब 3.70 फीसदी हिस्सा मुस्लिम था. न्यूयॉर्क में यह हिस्सेदारी 3.59 फीसदी, न्यू जर्सी में 3.46 फीसदी और मैरीलैंड में 3.06 फीसदी थी. मिशिगन में मुस्लिम आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का करीब 2.40 फीसदी थी.

न्यूयॉर्क और मिशिगन क्यों हैं चर्चा में?

न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी 1 जनवरी 2026 को शहर के 112वें मेयर बने. वह न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल के मेयर हैं. उनकी जीत को अमेरिकी राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम माना गया.

वहीं मिशिगन से अब्दुल अल-सयद ने सीनेट का चुनाव जीता है. वह पेशे से डॉक्टर और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं. इससे पहले वह डेट्रॉयट के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख रह चुके हैं. मिशिगन में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी आबादी है. खासकर डियरबॉर्न और डेट्रॉयट के आसपास अरब-अमेरिकी और मुस्लिम समुदाय की बड़ी मौजूदगी है.

किन-किन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी का असर ज्यादा?

प्यू रिसर्च सेंटर और इंस्टीट्यूट फॉर सोशल पॉलिसी एंड अंडरस्टैंडिंग (ISPU) की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राजनीति में मिशिगन और उसके डियरबॉर्न इलाके को मुस्लिम समुदाय के प्रभाव का प्रमुख केंद्र माना जाता है. मिशिगन एक अहम स्विंग स्टेट है, जहां अरब-अमेरिकी और मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी मौजूदगी है. यहां अब्दुल अल-सयद और रशीदा तलीब जैसे नेता चर्चा में रहे हैं.

इसके अलावा मिनेसोटा से इल्हान उमर और कीथ एलिसन जैसे नेता उभरे हैं. न्यूयॉर्क में भी मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक सक्रियता मजबूत है. वहीं कैलिफोर्निया और मैरीलैंड में मुस्लिम उम्मीदवार स्थानीय और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं. हालांकि, इन राज्यों में प्रभाव का स्तर आबादी और चुनावी भागीदारी के अनुसार अलग-अलग है.

कितना बढ़ रहा मुस्लिम प्रतिनिधित्व?

अमेरिका में मुस्लिम आबादी अभी भी कुल जनसंख्या का छोटा हिस्सा है, लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ती दिखाई दे रही है. ममदानी का न्यूयॉर्क का मेयर बनना और अब्दुल अल-सयद का सीनेट पहुंचना इसके उदाहरण हैं. हालांकि, किसी समुदाय का राजनीतिक प्रभाव केवल उसकी आबादी से तय नहीं होता. मतदाताओं की भागीदारी, उनका भौगोलिक वितरण, चुनावी मुद्दे और दूसरे समुदायों के साथ गठजोड़ भी चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं.

कहां के मूल निवासी हैं अब्दुल?

अब्दुल अल-सयद मूल रूप से मिशिगन, अमेरिका के रहने वाले हैं, जहाँ रोचेस्टर हिल्स में 31 अक्टूबर 1984 को उनका जन्म हुआ. उनके माता-पिता मिस्र के अप्रवासी हैं. पेशे से महामारी विज्ञानी (epidemiologist) और राजनेता अल-सयद की पत्नी डॉ. सारा जुकाकू भारतीय मूल (भटकल, कर्नाटक) से ताल्लुक रखती हैं.

एक्सप्लेनरडोनाल्ड ट्रंप
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