कौन हैं ताइवानी ऑथर Yang Shuang-zi? International Booker Prize जीतकर रचा इतिहास, उनकी फिक्शन नॉवेल में ऐसा क्या खास
ताइवान की लेखिका यांग शुआंग-जीऔर ट्रांसलेटर लीन किंग की किताब 'Taiwan Travelogue' ने International Booker Prize जीतकर नया इतिहास रच दिया. यह पहली मैंडरिन से अंग्रेजी में ट्रांसलेट हुई पहली किताब है.
ताइवान की फेमस ऑथर यांग शुआंग-जी (Yáng Shuāng-zǐ) और उनकी ट्रांसलेटर लिन किंग (Lin King) को अपनी किताब 'ताइवान ट्रैवलॉग' के लिए इंटरनेशनल Booker Prize से सम्मानित किया गया है. यह खुशी की खबर है क्योंकि यह किताब मैंडरिन चीनी भाषा से अंग्रेजी में ट्रांसलेटेड होकर यह अवार्ड जीतने वाली पहली किताब बन गई है. अवार्ड इवेंट लंदन की फेमस टेट मॉडर्न गैलरी में ऑर्गनाइज किया गया था.
ऑथर के बारे में
यांग शुआंग-जी का जन्म साल 1984 में हुआ था. इस अवार्ड के साथ वे इंटरनेशनल बुकर अवार्ड जीतने वाली पहली ताइवानी राइटर बन गई हैं. उनकी कहानियां आमतौर पर ताइवान की कल्चर, हिस्ट्री, महिलाओं के अनुभवों और स्थानीय जीवन को बहुत शानदार तरीके से पेश करती हैं. उनकी ट्रांसलेटर लिन किंग ताइवानी-अमेरिकी हैं. उन्होंने मूल चीनी किताब को अंग्रेजी में इतनी सुंदरता से ट्रांसलेट किया है कि पूरी दुनिया की रीडर ग्रुप आसानी से समझ पा रही है.
किताब की कहानी और खासियत
'ताइवान ट्रैवलॉग' की कहानी 1930 के दशक के ताइवान पर बेस्ड है. उस समय ताइवान पर जापानी कोलोनियल रूल था. किताब दो महिलाओं के बीच की लव स्टोरी के बारें में बताती है. साथ ही किताब में ताइवान के ट्रेडिशनल और लोकल फूड को खूबसूरत और इंट्रेस्टिंग तरीके से डिस्क्राइब किया गया है. राइटर की खाने और यात्रा को कहानी का जरुरी हिस्सा बनाया है. यांग शुआंग-जी कहती हैं कि इस किताब का मुख्य आधार खाना और यात्रा है. इन दोनों चीजों ने उनकी लाइफ को दो तरीकों से पूरी तरह से बदल दिया. यांग शुआंग-जी ने कहा, 'इससे मेरी बचत कम हो गई और मेरा वजन बढ़ गया. यह किताब सबसे पहले साल 2020 में मैंडरिन चीनी भाषा में पब्लिश हुई थी. इसके बाद इसे ताइवान का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान 'गोल्डन ट्रिपॉड अवॉर्ड' भी मिल चुका है.
क्यों है यह खास अचीवमेंट?
यह अवार्ड इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले कभी भी कोई मैंडरिन चीनी भाषा से ट्रांसलेटेड किताब यह सम्मान नहीं जीत पाई. इस जीत के साथ ताइवान की साहित्यिक दुनिया और चीनी भाषा की कहानियां अब ग्लोबल प्लेटफार्म पर मजबूती से जगह बना रही है. रीडर्स को यह किताब न सिर्फ लव स्टोरी के तौर में बल्कि ताइवान के इतिहास, कल्चर, खान-पान और उस दौर के सामाजिक स्थिति को समझने का एक सुंदर माध्यम भी लग रही है
क्या है इंटरनेशनल बुकर अवार्ड?
इंटरनेशनल बुकर अवार्ड दुनिया भर के उन बेहतरीन फिक्शन नॉवेल को दिया जाता है जिन्हें किसी भी भाषा में लिखा गया हो. लेकिन अंग्रेजी अनुवाद Available हो और किताब यूके या आयरलैंड में पब्लिश हुई हो. इस अवार्ड की शुरुआत साल 2005 में हुई थी. पहला अवार्ड अल्बानिया के ऑथर इस्माइल कदारे को मिला था. यह अवार्ड हर दो साल में एक बार दिया जाता है. विनर ऑथर और ट्रांसलेटर को 50,000 पाउंड (लगभग 65 लाख रुपये) की राशि मिलती है. इस अवार्ड का मकसद उन ऑथर्स और ट्रांसलेटर्स सम्मान देना है जो अलग-अलग भाषाओं और कल्चर की कहानियां पूरी दुनिया में पेश करते हैं.




