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Shubh-Laabh: संतान सुख चाहते हैं तो भूलकर भी न करें ये गलतियां, ज्योतिष में क्या-क्या बताया गया?

Shubh-Laabh: ज्योतिष शास्त्र में संतान सुख को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि कुछ गलत आदतें, पितृ दोष और वास्तु संबंधी भूलें संतान प्राप्ति में बाधा बन सकती हैं.

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संतान सुख चाहते हैं तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

( Image Source:  AI Perplexity )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 21 May 2026 12:08 PM IST

Shubh-Laabh: संतान सुख को वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक माना जाता है. हर विवाहित जोड़ा चाहता है कि उसके घर में बच्चों की किलकारियां गूंजें और परिवार खुशहाल रहे. लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कई बार कुछ ग्रह दोष, वास्तु संबंधी गलतियां और व्यक्ति के कर्म संतान सुख में रुकावट पैदा कर सकते हैं. कई लोगों को काफी कोशिशों के बाद भी संतान प्राप्ति में देरी का सामना करना पड़ता है, तो कुछ लोगों के जीवन में बार-बार परेशानियां आती रहती हैं.

ज्योतिष मान्यता के मुताबिक कुंडली का पंचम भाव, गुरु ग्रह और चंद्रमा संतान सुख से जुड़े माने जाते हैं. यदि इनकी स्थिति कमजोर हो या व्यक्ति जीवन में कुछ गलत कार्य करता रहे, तो इसका असर संतान सुख पर पड़ सकता है. इसके अलावा घर का वास्तु और पितरों की नाराजगी भी एक बड़ा कारण मानी जाती है. ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी बताया गया है.

उत्तर-पूर्व दिशा में गंदगी

वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि इस जगह पर भारी सामान, गंदगी या कबाड़ रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है. इसका असर परिवार की सुख-शांति और संतान सुख पर भी पड़ता है. इसलिए इस दिशा को हमेशा साफ और हल्का रखना चाहिए.

पितृ दोष बन सकता है बड़ी वजह

ज्योतिष के अनुसार कुंडली में पितृ दोष होने पर संतान सुख में बाधाएं आ सकती हैं. माना जाता है कि जब पितरों की कृपा नहीं मिलती, तो परिवार में मानसिक तनाव और संतान से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. ऐसे में अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना शुभ माना गया है. इससे पितरों का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.

पेड़ों को नुकसान पहुंचाना माना जाता है अशुभ

ज्योतिष में पीपल, बरगद और केले के पेड़ को बेहद पवित्र माना गया है. मान्यता है कि इन पेड़ों का संबंध गुरु ग्रह से होता है, जो संतान सुख का कारक माना जाता है. ऐसे में इन पेड़ों को काटना या नुकसान पहुंचाना अशुभ फल दे सकता है. इसके बजाय इनकी पूजा और सेवा करना शुभ माना गया है.

क्या करने से मिल सकता है लाभ

ज्योतिष अनुसार नियमित पूजा-पाठ, गुरु और माता-पिता का सम्मान तथा जरूरतमंदों की मदद करने से सकारात्मक फल मिलते हैं. गुरुवार के दिन पीली चीजों का दान करना और बच्चों को भोजन कराना भी शुभ माना गया है. इसके साथ ही घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखना बेहद जरूरी बताया गया है. मान्यता है कि अच्छे कर्म और सकारात्मक सोच से जीवन में सुख-समृद्धि के साथ संतान सुख की संभावनाएं भी बढ़ती हैं.

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