डायनासोर से भी पुराना-1 महीने तक भूखा-सिर कटने पर भी जिंदा, कॉकरोच के बारे में जान रह जाएंगे हैरान
क्या आपके घर में भी कॉकरोच दिखाई देते हैं? किचन में एक कॉकरोच दिख जाए तो कई लोग डरकर दूर भागने लगते हैं. जिस दौर में डायनासोर पृथ्वी पर नहीं आए थे, उस समय भी कॉकरोच मौजूद थे. मौसम बदले, धरती बदली, बड़े-बड़े जीव खत्म हो गए, लेकिन कॉकरोच आज भी जिंदा हैं.
कॉकरोच का खून नहीं होता लाल
क्या आपके घर में भी कॉकरोच होते हैं? किचन या बाथरूम में एक कॉकरोच दिख जाए तो अच्छे-अच्छों की हालत खराब हो जाती है. सोशल मीडिया पर भी इन दिनों “कॉकरोच” शब्द खूब चर्चा में है. यहां तक कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहे जाने के बाद एक शख्स ने “कॉकरोच जनता पार्टी” तक बना डाली. लेकिन जिस छोटे से कीड़े को हम मामूली समझते हैं, उसकी कहानी करोड़ों साल पुरानी है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि कॉकरोच डायनासोर से भी पुराने जीव हैं. ये करोड़ों साल पहले भी धरती पर मौजूद थे और आज भी जिंदा हैं. इतना ही नहीं, ये लंबे समय तक बिना खाना खाए रह सकते हैं और सिर कटने के बाद भी कई दिनों तक जीवित रहने की क्षमता रखते हैं. इसके अलावा, कॉकरोच का खून लाल रंग का नहीं होता है.
डायनासोर से भी पुराने हैं कॉकरोच
कॉकरोच को पृथ्वी के सबसे पुराने कीड़ों में गिना जाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इनका इतिहास करीब 30 से 35 करोड़ साल पुराना है. यानी ये उस दौर में भी थे, जब धरती पर प्राचीन जीव-जंतु रहते थे. बाद में डायनासोर आए और खत्म भी हो गए, लेकिन कॉकरोच समय के साथ खुद को बदलते रहे और आज तक बचे हुए हैं.
सिर कटने पर भी जिंदा रह सकता है कॉकरोच
कॉकरोच की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर अलग होने के बाद भी यह कई दिनों तक जिंदा रह सकता है. इंसानों की तरह इसकी पूरी बॉडी सिर्फ दिमाग पर निर्भर नहीं होती. इसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गैंगलियन नाम के नर्व सेंटर होते हैं, जो शरीर को कंट्रोल करते रहते हैं.
इतना ही नहीं, कॉकरोच नाक से सांस नहीं लेते. इनके शरीर में छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिन्हें स्पाइरेकल्स कहा जाता है. इन्हीं से ऑक्सीजन अंदर जाती है. यही कारण है कि सिर कटने के बाद भी कुछ समय तक यह जीवित रह सकता है.
महीनों तक भूखा रहने की क्षमता
कॉकरोच बेहद कम संसाधनों में भी जिंदा रह सकते हैं. ये कई दिनों तक बिना खाना खाए रह सकते हैं और जरूरत पड़ने पर छोटी-छोटी चीजों से भी अपना पेट भर लेते हैं. यही वजह है कि इन्हें खत्म करना आसान नहीं माना जाता.
रेडिएशन भी आसानी से झेल लेते हैं
अक्सर कहा जाता है कि परमाणु हमले के बाद भी कॉकरोच बच जाएंगे. हालांकि वैज्ञानिक मानते हैं कि विस्फोट की तेज गर्मी इन्हें भी खत्म कर सकती है, लेकिन इनमें रेडिएशन सहने की क्षमता दूसरे जीवों के मुकाबले ज्यादा होती है.
कॉकरोच का खून कैसे रंग का होता है?
इंसानों का खून लाल रंग का होता है. वहीं, कई जानवरों का भी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कॉकरोच के खून का रंग लाल नहीं बल्कि कलरलेस होता है. कुछ कंडीशन में यह हल्का सफेद या मटमैला हो सकता है.




