Begin typing your search...

गाय को किया जाए राष्ट्रीय पशु घोषित, मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान, बोले- काटने वालों को चढ़ाओ फांसी

बकरीद से पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है. उनका कहना है गाय के खिलाफ जो भी जुल्म करे उन्हें फांसी पर चढ़ाया जाए.

गाय को किया जाए राष्ट्रीय पशु घोषित, मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान, बोले- काटने वालों को चढ़ाओ फांसी
X
( Image Source:  @ArshadMadani007 )

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान आया है, उनका कहना है कि आखिर सरकार गाय को नेशनल एनिमल घोषित करने से क्यों बच रही है. उन्होंने इस दौरान कहा कि गाय बेचने, खरीदने और खाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें फांसी पर चढ़ाया जाए.

इस दौरान मौलान अरशद मदनी ने कहा कि हम सब मिलकर यही मांग करते हैं कि सरकार गाय को कौमी जानवर यानी नेशनल एनिमल घोषित करे. उनका मानना है कि ऐसा करने से गाय के खिलाफ हर सतह पर गाय के साथ होने वाला जुल्म खत्म हो जाएगा.

क्या बोले मौलान अरशद मदनी?

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि गाय के नाम पर लोगों को मारा जा रहा है. वह कहते हैं कि गाय को ज़िब्हा (काटना) मत करो, मैं कहता हूं कि एक कदम आगे बढ़कर कि तुम गाय को ज़िब्हा न करो." उन्होंने आगे कहा कि गाय के साथ हिंदू धर्म की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, ऐसे में मैं मांग करता हूं कि जैसे तुमने मोर को नेशनल बर्ड घोषित किया हुआ है, वैसे ही गाय को नेशनल एनिमल घोषित किया जाए.

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जो गाय को कसाई को बेचता है वो भी मुजरिम है, जो खरीदता है वो भी मुजरिम है और खाने वाला भी मुजरिम है. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. जिस सतह पर गाय के साथ जुल्म हो उसे करने वाले को फांसी पर चढ़ाया जाए. मदनी ने आगे कहा,"हमारा मुतालबा मुश्तरका (ज्वाइंट डिमांड) है. हम मांग करते हैं कि गाय को कौमी जानवर (नेशनल एनिमल) बनाओ."

अपने भाषण के दौरान उन्होंने पब्लिक को खड़ा करते हुआ कहा कि हम सभी मांग करते हैं कि गाय को नेशनल एनिमल बनाया जाए और बेचने, खरीदने और खाने वाले के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए. हर किसी को मुजरिम बनाओ केवल निहत्थों को नहीं. हम अपनी इस मांग को हुकूमत (सरकार) तक पहुंचाना चाहते हैं.

मौलान अरशद मदनी ने किया ट्वीट?

इससे पहले मौलाना अरशद मदनी ने ट्वीट भी किया था. जिसमें उन्होंने लिखा,"गाय को “राष्ट्रीय पशु” का दर्जा दिया जाना चाहिए. देश की बहुसंख्यक आबादी सिर्फ गाय को पवित्र नहीं मानती, बल्कि उसे मां का दर्जा भी देती है. ऐसे में यह समझना मुश्किल है कि आखिर कौन-सी राजनीतिक मजबूरी है, जिसकी वजह से सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित नहीं कर रही है."

उन्होंने आगे लिखा था,"गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग, भीड़ हिंसा, निर्दोष लोगों की हत्या, नफरत की राजनीति और मुसलमानों को बदनाम करने का खेल अब बंद होना चाहिए. अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए और इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकल आए, तो न किसी इंसान की जान जाएगी और न ही धर्म के नाम पर राजनीति होगी."

खुलेआम बीफ बेचे जाने पर क्या कहा?

उन्होंने यह भी कहा कि यह भी हैरानी की बात है कि देश के कुछ राज्यों में खुलेआम बीफ बेचा जाता है, लेकिन वहां न कोई विरोध होता है और न ही मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं देखने को मिलती हैं. दूसरी तरफ जहां मुस्लिम आबादी है, वहां गाय के नाम पर हिंसा और खून-खराबा होता है. यह भक्ति नहीं, बल्कि दोहरा रवैया और राजनीतिक खेल नजर आता है.

हम चाहते हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देकर इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म किया जाए. इसके लिए जो भी कानून बनाया जाए, वह देश के सभी राज्यों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू होना चाहिए. इस मामले में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि न्याय की मांग भी यही है.

क्या पहले भी हो चुकी है ऐसी मांग

यह पहली बार नहीं है कि कोई मुस्लिम उलेमा और नेता गाय को नेशनल एनिमल बनाने की मांग कर रहा है. इससे पहले भी कई बार ऐसी मांग हो चुकी है. इसी साल फरवरी के महीने में मध्य प्रदेश बजट सेशन के दौरान मुस्लिम विधायक आतिफ अकील ने गाय को नेशनल एनिमल बनाने की मांग की थी. उनका कहना था कि गाय भारतीय संस्कति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम आधार है.

फरवरी 2026 में All India Muslim Jamaat के राष्ट्रीय अध्यक्ष Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi ने केंद्र और राज्य सरकारों से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई थी. उन्होंने कहा था कि ऐसा करने से सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा. मौलाना ने इस्लामी दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि गाय का दूध सेहत के लिए लाभकारी माना गया है.

वहीं, All India Muslim Tyohar Committee के कुछ सदस्यों ने भोपाल के Itwara Square में अप्रैल के महीने में प्रदर्शन कर गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और गाय को सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक बताया था. प्रदर्शनकारियों ने इसे सांप्रदायिक एकता और गौ संरक्षण से जुड़ी भावनाओं के सम्मान का संदेश भी बताया. बाद में आयोजकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से इस मुद्दे पर विचार करने की अपील की थी.

अगला लेख