अभी इतना झुलस रहे तो नौतपा में क्या होगा हाल, कितना बढ़ेगा तापमान, इसलिए जरूरी है भीषण गर्मी?
अभी से गर्मी लोगों का हाल बेहाल कर रही है, लेकिन नौतपा शुरू होते ही पारा 50 से ऊपर जा सकता है. दरअसल नौपता को अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस झुलसाने वाली गर्मी के चलते मानसून में अच्छी बारिश होती है.
कितना बढ़ेगा नौतपा में तापमान
गर्मियों के मौसम में हर साल एक ऐसा समय आता है, जब गर्मी अपने सबसे तीखे रूप में दिखाई देती है. इस दौर को नौतपा कहा जाता है. नौतपा के दौरान सूरज की तपिश इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा पहुंच सकता है.
ज्योतिष शास्त्र में भी नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तभी नौतपा की शुरुआत होती है. यह समय खेती, मौसम और मानसून से भी जुड़ा माना जाता है.
कब से शुरू होगा नौतपा?
नौतपा वह नौ दिन होते हैं, जिसमें झुलसाने वाली गर्मी होती है. दरअसल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहता है. इस साल 25 मई से 2 जून तक नौपता रहेगा.
नौतपा में कितना बढ़ सकता है तापमान?
नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर अधिक प्रभाव डालती हैं. इसके कारण तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है. ऐसे में फिलहाल ज्यादातर राज्यों में 43-45 डिग्री तापमान बना हुआ है, तो नौतपा के दौरान पारा 50 से ऊपर जा सकता है. इस समय लू चलने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है, जिससे लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
क्यों जरूरी मानी जाती है ये भीषण गर्मी?
भले ही नौतपा लोगों को परेशान करता हो, लेकिन इसे प्रकृति के लिए जरूरी माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार तेज गर्मी से वातावरण में नमी और दबाव का संतुलन बनता है, जो अच्छे मानसून में मदद करता है. ज्योतिष में भी मान्यता है कि नौतपा के दौरान जितनी तेज गर्मी पड़ती है, उतनी ही अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ती है.
इन दिनों रखें खास ध्यान
नौतपा के दौरान शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना, धूप में निकलने से बचना और हल्का भोजन करना फायदेमंद माना जाता है. खासतौर पर दोपहर के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए.




