Switzerland Bar Fire Case: क्या सीलिंग फोम से भड़की आग, जिससे हुई 47 लोगों की मौत? वायरल हो रही तस्वीर और वीडियो
Switzerland Bar Fire Cause: स्विट्ज़रलैंड के Le Constellation बार में न्यू ईयर ईव पर हुए भीषण अग्निकांड में 47 लोगों की मौत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों ने आग की वजह को लेकर नई बहस छेड़ दी है. दावा है कि छत पर लगी साउंडप्रूफिंग फोम में शैम्पेन स्पार्कलर से आग लगी, लेकिन स्विस प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है. जांच एजेंसियां फ्लैशओवर थ्योरी समेत कई एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं,
Switzerland bar fire viral video, Swiss nightclub fire cause: स्विट्ज़रलैंड में न्यू ईयर ईव पर हुए भीषण बार अग्निकांड को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मची हुई है. इस हादसे में 47 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 115 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. अब इस त्रासदी से जुड़े कुछ वायरल वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें आग लगने की शुरुआती वजह को लेकर नए दावे किए जा रहे हैं.
स्टेट मिरर अब WhatsApp पर भी, सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही तस्वीर और वीडियो में दावा किया गया है कि Le Constellation नामक लग्जरी बार में छत पर लगी साउंडप्रूफिंग फोम ने आग को भड़काने में अहम भूमिका निभाई. वायरल तस्वीर, जिसे Visegrad24 ने शेयर किया, में कथित तौर पर दिखाया गया है कि शैम्पेन की बोतलों पर रखी मोमबत्तियां या स्पार्कलर बार की कम ऊंचाई वाली छत के बेहद करीब पहुंच गईं, जिससे फोम में आग लग गई.
वीडियो में दिखा अफरी-तफरी का मंजर
वहीं, कमेंटेटर मारियो नॉफल द्वारा शेयर किए गए वीडियो में बार के अंदर अफरा-तफरी का मंजर दिखाई देता है. वीडियो में कुछ लोग आग बुझाने की कोशिश करते नजर आते हैं, जबकि बाकी लोग जान बचाने के लिए बाहर निकलने के रास्ते ढूंढते दिखते हैं. नॉफल ने चश्मदीदों के हवाले से दावा किया कि स्पार्कलर लगी शैम्पेन बोतल को जश्न के दौरान ऊपर उठाया गया, जिससे वह सीधे छत के पास पहुंच गई और फोम ने तुरंत आग पकड़ ली. हालांकि, स्विस प्रशासन ने इन वायरल दावों की पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी.
जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर कर रहीं काम
वालैस कैंटन की अटॉर्नी जनरल बीट्राइस पिलौड ने मीडिया को बताया कि जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि प्राथमिक तौर पर ‘फ्लैशओवर’ थ्योरी की जांच की जा रही है. पिलौड के मुताबिक, “अभी कई परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाना बाकी है. कई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल जिस मुख्य थ्योरी पर काम हो रहा है, वह फ्लैशओवर की है, जिसके कारण आग बेहद तेजी से फैली. कई गवाहों के बयान लिए जा चुके हैं और घटनास्थल से बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है.”
क्या होता है फ्लैशओवर?
फ्लैशओवर वह स्थिति होती है, जब बंद जगह में छत के पास अत्यधिक गर्म गैसें जमा हो जाती हैं और तापमान अचानक इतना बढ़ जाता है कि वहां मौजूद ज्वलनशील वस्तुएं एक साथ आग पकड़ लेती हैं. नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन (NFPA) के अनुसार, फ्लैशओवर के बाद आग कुछ ही सेकंड में बेकाबू हो जाती है.
हादसे के वक्त बार में मौजूद थे 200 लोग
बताया गया है कि हादसे के वक्त बार में करीब 200 लोग मौजूद थे, जिनमें बड़ी संख्या में युवा पर्यटक शामिल थे. आग लगते ही आपात सेवाओं को पूरी रात राहत-बचाव कार्य में जुटना पड़ा. एंबुलेंस और रेस्क्यू हेलीकॉप्टरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. अधिकारियों ने साफ किया है कि इस घटना को आतंकी हमले के रूप में नहीं देखा जा रहा है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बार ने फायर सेफ्टी नियमों, छत और इंटीरियर में इस्तेमाल की गई सामग्री, और इमरजेंसी एग्जिट्स से जुड़े मानकों का पालन किया था या नहीं.





