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Iran is Burning! नए साल पर सुलगा ईरान, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन हुआ हिंसक; कई लोगों की मौत-देखें 7 वीडियो

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं. अयातुल्ला खामेनेई के विरोध में सड़कों पर उतरे लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है. प्रदर्शन अब तेहरान से ग्रामीण इलाकों तक फैल चुके हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि पश्चिमी प्रतिबंधों और गिरती अर्थव्यवस्था ने हालात को विस्फोटक बना दिया है.

Iran is Burning! नए साल पर सुलगा ईरान, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन हुआ हिंसक; कई लोगों की मौत-देखें 7 वीडियो
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( Image Source:  X/Amirator/ANI/ )

Iran protests against Khamenei: 2026 यानी नए साल की शुरुआत के साथ ही ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के विरोध में चल रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं. इन प्रदर्शनों में कई प्रदर्शनकारियों और कम से कम एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो चुकी है.

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करीब एक सप्ताह से जारी ये विरोध प्रदर्शन अब राजधानी तेहरान से निकलकर ग्रामीण इलाकों तक फैल चुके हैं. नए साल के साथ ही झड़पें तेज हो गई हैं. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगहों पर सीधी भिड़ंत देखने को मिली.

छात्रों ने सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह को मौत' जैसे नारे लगाए

इससे पहले तेहरान की यूनिवर्सिटियों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह को मौत' जैसे नारे लगाए और 1979 की इस्लामिक क्रांति में अपदस्थ किए गए शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के बेटे रज़ा पहलवी के समर्थन में नारेबाजी की. 'लॉन्ग लिव द शाह' के नारों के बीच अमेरिका में निर्वासन में रह रहे रज़ा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मैं आपके साथ हूं. जीत हमारी होगी, क्योंकि हमारा उद्देश्य न्यायपूर्ण है और हम एकजुट हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मौजूदा शासन सत्ता में रहेगा, ईरान की आर्थिक हालत और बदतर होती जाएगी.

रिकॉर्ड महंगाई और मुद्रा संकट के चलते हो रहा बड़ा जन आंदोलन

तीन वर्षों में यह ईरान का सबसे बड़ा जन आंदोलन माना जा रहा है, जिसकी जड़ में रिकॉर्ड महंगाई और मुद्रा संकट है. लॉर्डेगन, कुहदश्त और इस्फहान जैसे शहरों में मौतों की खबरें सामने आई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि असंतोष अब नए इलाकों तक फैल चुका है. शुरुआत में दुकानदारों और व्यापारियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों और रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जो अब व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है.

पश्चिमी शहर लॉर्डेगन में झड़पों के दौरान दो लोगों की मौत

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी और मानवाधिकार संगठन हेंगाव के अनुसार, पश्चिमी शहर लॉर्डेगन में झड़पों के दौरान कम से कम दो लोगों की मौत हुई. वहीं, कुहदश्त में एक और इस्फहान प्रांत में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि कुहदश्त में उनके सहयोगी बसीज स्वयंसेवी बल का एक सदस्य मारा गया और 13 अन्य घायल हुए हैं. गार्ड्स ने प्रदर्शनकारियों पर हालात का फायदा उठाने का आरोप लगाया है.

हालांकि, हेंगाव ने मृत बसीज सदस्य की पहचान आमिरहोसाम खुदायारी फर्द के रूप में की है और दावा किया कि वह खुद प्रदर्शन में शामिल था और सुरक्षा बलों की गोली से मारा गया. इस्फहान में भी एक प्रदर्शनकारी को गोली मारने की खबर है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

मरवदश्त शहर में भी प्रदर्शन

दक्षिणी फार्स प्रांत के मरवदश्त शहर में भी प्रदर्शन हुए, जबकि केर्मानशाह, खुज़ेस्तान और हमादान प्रांतों में कई प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की खबरें हैं. हालात इतने गंभीर हो गए कि सरकार ने ठंड का हवाला देते हुए एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी, जिससे बाजार और संस्थान बंद रहे.

गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है ईरान

ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते दिसंबर में महंगाई दर 42.5% तक पहुंच गई है. 2025 में ईरानी रियाल डॉलर के मुकाबले करीब आधा मूल्य खो चुका है. जून में इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों ने ईरान की सैन्य और परमाणु संरचना पर भी भारी दबाव डाला.

सरकार ने व्यापारियों और यूनियनों से सीधी बातचीत के दिए संकेत

सरकार ने एक ओर सख्त सुरक्षा कदम उठाए हैं, तो दूसरी ओर संवाद का संकेत भी दिया है. सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि सरकार व्यापारियों और यूनियनों से सीधी बातचीत करेगी. हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल संवाद से दशकों से जमे असंतोष और आर्थिक बदहाली को काबू में लाना आसान नहीं होगा.

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