Begin typing your search...

क्या है तोशाखाना-2 मामला? जिसमें इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को हुई 17-17 की सजा

तोशाखाना-2 मामले में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई है.

क्या है तोशाखाना-2 मामला? जिसमें इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को हुई 17-17 की सजा
X
( Image Source:  X/ @MeghUpdates )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 8 Feb 2026 9:26 AM

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में अदालत ने दोषी ठहराते हुए 17-17 साल की सजा सुनाई है. इस फैसले ने पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.

73 वर्षीय इमरान खान पहले से ही अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं. ताजा फैसला रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अडियाला जेल में सुनाया गया, जहां इमरान खान फिलहाल कैद हैं.

किन धाराओं में हुई सजा?

अदालत ने इमरान खान और बुशरा बीबी को पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 409 के तहत आपराधिक विश्वासघात का दोषी ठहराया. इसके तहत दोनों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई. इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत उन्हें 7 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई. इस तरह कुल सजा 17-17 साल तय की गई.

अदालत ने सजा में क्यों दिखाई नरमी?

फैसले में अदालत ने कहा “इस अदालत ने सजा सुनाते समय इमरान अहमद खान नियाजी की वृद्धावस्था और बुशरा इमरान खान के महिला होने के तथ्य पर विचार किया है. इन्हीं दोनों कारकों को ध्यान में रखते हुए कम सजा देने में नरमी बरती गई है.”

आरोपों पर क्या बोले इमरान खान?

मुकदमे की सुनवाई के दौरान इमरान खान ने इन आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया था. इमरान खान इन्हें दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. खान का कहना रहा है कि उन्हें राजनीति से बाहर करने के लिए इन मामलों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

क्या है तोशाखाना-2 मामला?

यह मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था. आरोप है कि इमरान खान और बुशरा बीबी ने तोशाखाना से मिली महंगी घड़ियां, हीरे और सोने के आभूषणों के सेट को नियमों के मुताबिक जमा नहीं किया और बाद में उन्हें बेच दिया. वित्त राज्य मंत्री बिलाल अजहर कयानी ने जियो न्यूज से बातचीत में कहा कि उपहार तोशाखाना में जमा नहीं किए गए थे और इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा “कानूनी कार्यवाही के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार सेट का वास्तविक मूल्य 70 मिलियन रुपये था हालांकि इसका मूल्यांकन 5.8-5.9 मिलियन रुपये पर किया गया था.”

तोशाखाना क्या है?

तोशाखाना, पाकिस्तान के मंत्रिमंडल विभाग के अंतर्गत आने वाला एक विशेष विभाग है. यहां विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, सरकारों और अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पाकिस्तान के शासकों या सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहारों को संग्रहित किया जाता है। नियमों के अनुसार, इन उपहारों को घोषित करना और तय प्रक्रिया के तहत जमा करना अनिवार्य होता है।

पाकिस्तानवर्ल्‍ड न्‍यूज
अगला लेख