भारतीय सेना की इंग्लिश पर सवाल, खुद ट्रोल हुए पाक अधिकारी! सोशल मीडिया यूजर्स ने क्यों लगाई जमकर क्लास?
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाक DG ISPR अहमद शरीफ चौधरी ने भारतीय अधिकारियों के अंग्रेजी इस्तेमाल पर सवाल उठाया. इसके बाद से उन्हें जबरदस्त ट्रोल किया जा रहा है.
Pakistan News: 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर एक अलग तरह की बहस सामने आई. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारतीय सैन्य अधिकारियों से सवाल किया कि वे ब्रीफिंग के दौरान अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल क्यों कर रहे थे.
चौधरी, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी महमूद सुल्तान बशीर-उद-दीन का बेटा बताया जाता है, उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र कर रहे थे जिसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद उसकी रणनीतिक समीक्षा और उससे मिले सबक साझा किए थे. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव और उससे जुड़े अनुभवों पर भी चर्चा की.
क्या बोले अहमद शरीफ चौधरी?
चौधरी ने पूछा, “आपको अंग्रेजी में बोलने के लिए किसने कहा? क्या आप दुनिया को अपनी कहानी बताना चाहते हैं?” उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि वह मानते हैं कि भारतीय अधिकारी अंग्रेजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात पहुंचाने के लिए कर रहे हैं, या वह इस भाषा के उपयोग को लेकर आपत्ति जता रहे हैं.
हालांकि भारत जैसे बहुभाषी देश में अंग्रेजी को एक ऐसी भाषा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कॉन्टैक्ट आसान हो सके. ताकि अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग एक-दूसरे को समझ सकें और संवाद आसान हो सके. इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जिसमें पाकिस्तान के लोग भी शामिल थे.
अहमद शरीफ को लोग कर रहे ट्रोल?
पाकिस्तान सेना के पूर्व अधिकारी और पत्रकार आदिल फारूक राजा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जब आप खुद कांच के घर में रहते हैं, तो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सेना में ऊपर से लेकर नीचे तक सभी आदेश अंग्रेजी में ही दिए जाते हैं.
राजा ने आगे आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारी अपनी जनता को प्रभावित करने के लिए उर्दू का इस्तेमाल करते हैं, जबकि प्रचार और जानकारी का बड़ा हिस्सा अंग्रेजी में ही फैलाया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि ISPR, जो पाकिस्तान की सेना का मीडिया विंग है, उस पर बड़े पैमाने पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगते रहे हैं.
आदिल फारूक राजा के अलावा भी कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स ने ISPR और उसके प्रमुख की आलोचना की. एक यूजर ने लिखा,"एक हाई लेवल पर होने पर उनकी अंग्रेजी इतनी कमजोर है." वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा कि वह इंग्लिश में इसलिए बोल रहे हैं कि आपकी आतंकी सेना को यह बातचीत समझ न आए. वहीं एक यूजर लिखता है, यह कैसे क्लोन आर्मी है जो प्रोफेशनली बोल भी नहीं सकती है.




