'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप खोलो', क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ने बदल दिया Strait of Hormuz का नाम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा बंद किए गए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसको लेकर ट्रंप कई बार ईरान को चेतावनी दे चुके हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा बंद किए गए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसको लेकर ट्रंप कई बार ईरान को चेतावनी दे चुके हैं. आए दिन ट्रंप कोई न कोई बयान दे रहे हैं. इस बीच मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया.
ट्रंप का ये बयान सुनकर हर कोई हंसने लगा. लेकिन मजाक-मजाक में ट्रंप द्वारा दिए गए इस बयान ने अब नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है.
मजाक या रणनीतिक संकेत?
अपने बयान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा “हम अभी बातचीत कर रहे हैं, और अगर हम कुछ कर सकें तो बहुत अच्छा होगा, लेकिन उन्हें इसे खोलना होगा. उन्हें ट्रंप जलडमरूमध्य, मेरा मतलब है, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना होगा,” इसके बाद उन्होंने हंसते हुए कहा “माफ़ कीजिए, मुझे बहुत खेद है. कितनी बड़ी गलती हो गई.”
मीडिया पर कटाक्ष करते हुए ट्रंप ने कहा “फर्जी खबरें कहेंगी कि उन्होंने गलती से स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया. नहीं, मेरे साथ ऐसी कोई गलती नहीं होती. बहुत कम ही होती हैं.”
ईरान को लेकर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी सेना युद्ध में अपने लक्ष्यों को हासिल कर रही है, भले ही तेहरान इन दावों को खारिज कर रहा हो. उन्होंने कहा "हम मध्य पूर्व के उत्थान के पहले से कहीं अधिक करीब हैं, जो ईरानी आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल से मुक्त होगा."
इसके साथ ही उन्होंने सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा “मेरे नेतृत्व में अमेरिका इस कट्टरपंथी शासन से उत्पन्न खतरे को समाप्त कर रहा है, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के माध्यम से ईरान की क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर रहा है, ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया. हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, 47 सालों से ईरान को मध्य पूर्व का दबंग माना जाता रहा है, लेकिन अब वह दबंग नहीं रहा.”
क्यों किया सुलेमानी की हत्या का जिक्र?
अपने पहले कार्यकाल को याद करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि उस समय शासन के भीतर ही इस कदम को लेकर संतोष था. ट्रंप ने कहा कि हमलों के दौरान ईरान के शीर्ष नेतृत्व को बड़ा नुकसान हुआ था, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन प्रभावित हुआ.
ट्रंप ने कब तक टाले हमले?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमले को 6 अप्रैल तक टालने का फैसला किया है. यह कदम तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है. गौरतलब है कि इस जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है.




