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Explainer: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर तीन देशों का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 24 गिरफ्तार, करोड़ों की ड्रग्स और हथियारों के साथ कई बड़े खुलासे

लॉरेंस बिश्नोई गैंग समेत भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त कार्रवाई की गई. ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत 24 संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं और कई बड़ खुलासे भी हुआ हैं.

Explainer: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर तीन देशों का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 24 गिरफ्तार, करोड़ों की ड्रग्स और हथियारों के साथ कई बड़े खुलासे
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Lawrence Bishnoi Gang: भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग भी शामिल है, के खिलाफ अमेरिका, कनाडा और यूरोप में बड़े स्तर पर ज्वाइंट एक्शन हुआ है. इस अभियान के दौरान कुल 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों का कहना है कि हाल के सालों में अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है.

इन अपराधी संगठनों पर हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, रंगदारी वसूली और कई देशों में फैली हिंसक आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ एक्शन, किस ऑपरेशन ते तहत कार्रवाई?

अमेरिका के कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्थित यूएस अटॉर्नी कार्यालय ने बताया कि इस संयुक्त अभियान का नाम "ऑपरेशन हार्ड बॉल" (Operation Hard Ball) रखा गया. यह कार्रवाई कई सालों तक चली जांच के बाद की गई, जिसमें अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर काम किया. जांच तीन बड़े आपराधिक संगठनों पर केंद्रित थी, जिन पर उत्तर अमेरिका और अन्य देशों में कई गंभीर अपराधों को अंजाम देने का आरोप है. अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने तीन अलग-अलग आरोपपत्र (Indictments) सार्वजनिक किए हैं, जिनमें कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

गिरफ्तार किए गए लोगों में अमेरिका में 13 आरोपी शामिल हैं. इनमें से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया से पकड़ा गया. इसके अलावा कनाडा में तीन और स्पेन में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. वहीं, सात आरोपी पहले से ही हिरासत में थे. अधिकारियों के अनुसार, अभी भी 10 फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिनके अमेरिका, भारत और यूरोप में होने की आशंका है.

जांच एजेंसियों ने क्या किया ज़ब्त?

कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने लगभग एक मीट्रिक टन कोकीन, एक किलोग्राम हेरोइन, करीब 40 हजार अमेरिकी डॉलर नकद और 12 हथियार भी बरामद किए. जांच के तहत कई स्थानों पर तलाशी ली गई. इनमें सैक्रामेंटो क्षेत्र की 23 संपत्तियां और लॉस एंजिलिस की 11 जगहें शामिल हैं.

अधिकारियों ने क्या कहा?

अधिकारियों ने इस जांच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता बताया. उनका कहना है कि ये संगठन हिंसा, धमकी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के जरिए दुनिया भर में भारतीय मूल के लोगों के समुदायों के बीच अपना प्रभाव बढ़ा रहे थे.

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने कहा कि इस अभियान में उन अपराधी संगठनों को निशाना बनाया गया, जिन पर टारगेट किलिंग, रंगदारी, अपहरण, ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े अपराधों के जरिए लोगों में डर फैलाने के आरोप हैं.

अमेरिका के फर्स्ट असिस्टेंट यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा, "जो अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह डर, ड्रग्स और हिंसा फैलाते हैं, उन्हें कानून की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा." उन्होंने कहा कि अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की एजेंसियों ने मिलकर कई महाद्वीपों में फैले इन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है.

क्या है लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप?

इस मामले का सबसे गंभीर आरोप लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा है. 33 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है. संघीय अभियोजकों के अनुसार, बिश्नोई ने जेल के अंदर से ही अवैध मोबाइल फोन और एन्क्रिप्टेड इंटरनेट संचार उपकरणों का इस्तेमाल कर अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन किया.

आरोपपत्र में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई ने पब्लिकली खुद को राष्ट्रवादी और धार्मिक छवि वाले व्यक्ति के रूप में पेश किया, जबकि गुप्त रूप से वह एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था. इस नेटवर्क पर राजनीतिक हत्याएं, हत्या, अपहरण, रंगदारी, ड्रग तस्करी और मानव तस्करी जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं.

क्या हरदीप निज्जर के हत्याकांड का भी जिक्र?

आरोपपत्र में 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे (Surrey) स्थित एक सिख गुरुद्वारे के बाहर हुई खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी जिक्र किया गया है. अदालत के दस्तावेजों में पीड़ित की पहचान केवल "H.S.N." के रूप में की गई है. अभियोजकों का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके उत्तर अमेरिकी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने इस हत्या का आदेश दिया था.

कनाडा की सरकार ने साल 2025 में बिश्नोई संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किया था. अधिकारियों के अनुसार, ऐसा संगठन पर राजनीतिक हिंसा में कथित भूमिका को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण किया गया.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर और क्या हैं आरोप?

जांचकर्ताओं के अनुसार, बिश्नोई संगठन सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और हिंसक घटनाओं की जिम्मेदारी लेने वाले सार्वजनिक संदेशों का इस्तेमाल कर व्यापारियों, धार्मिक नेताओं और राजनीतिक हस्तियों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के बीच डर का माहौल बनाता था. संघीय अभियोजकों का आरोप है कि संगठन ने कैलिफोर्निया के कई लोगों, जिनमें लॉस एंजिलिस और थाउजेंड ओक्स के निवासी शामिल हैं, से हिंसा की धमकी देकर करोड़ों डॉलर की रंगदारी मांगने की कोशिश की.

कैसे जुटाई थी फंडिंग?

अधिकारियों का आरोप है कि संगठन अपनी गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी और प्रतिद्वंद्वी अपराधी गिरोहों से ड्रग्स की खेप लूटकर धन जुटाता था. जांचकर्ताओं का दावा है कि 2024 से 2025 के बीच लॉस एंजिलिस क्षेत्र में 520 किलोग्राम से अधिक चोरी की गई कोकीन की खेप इस गिरोह से जुड़ी थी.

क्या है जग्गू भगवानपुरिया गैंग, जो है जांच के दायरे में?

दूसरा आरोपपत्र भगवानपुरिया आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ा है, जिसकी स्थापना भारत में जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने कथित तौर पर की थी. अधिकारियों के अनुसार, वह पहले लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी था, लेकिन बाद में दोनों दुश्मन बन गए. संघीय अभियोजकों का आरोप है कि भगवानपुरिया नेटवर्क एक वैश्विक संगठन बन चुका है, जिसके 1,000 से अधिक सदस्य और सहयोगी भारत, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूनाइटेड किंगडम में सक्रिय हैं.

क्या है इस संगठन पर आरोप?

इस संगठन पर सुपारी देकर हत्या करवाने, ड्रग तस्करी, अपहरण, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और रंगदारी जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं. अभियोजकों का यह भी आरोप है कि इस सिंडिकेट ने भारत में कुछ कानून प्रवर्तन अधिकारियों को प्रभावित किया और झूठे आपराधिक मामलों का इस्तेमाल कर विरोधियों को डराने और रंगदारी वसूलने की कोशिश की.

आरोपपत्र के अनुसार, एक आरोपी ने अमेरिका के ओहायो में रहने वाले एक परिवार को धमकी दी थी कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह उनके बच्चों को गोली मार देगा. उस समय आरोपी इमिग्रेशन हिरासत में था.

तीसरा आरोपपत्र किससे जुड़ा है?

तीसरा आरोपपत्र कनाडा के वैंकूवर स्थित रविंदर सिंह ढांडा के नेतृत्व वाले एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है. अभियोजकों के अनुसार, यह नेटवर्क हर सप्ताह दक्षिणी कैलिफोर्निया से कनाडा तक सैकड़ों किलोग्राम कोकीन और मेथामफेटामाइन ट्रकों के जरिए पहुंचाता था. कुछ मामलों में मादक पदार्थों को खेती में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के अंदर छिपाकर सीमा पार ले जाया जाता था.

जांचकर्ताओं ने इस संगठन को 2023 और 2024 के बीच 430 किलोग्राम से अधिक कोकीन की तस्करी से भी जोड़ा है. कई जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने इस अभियान को संगठित अपराध के खिलाफ अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण बताया.

लॉस एंजिलिस पुलिस ने क्या कहा?

लॉस एंजिलिस पुलिस प्रमुख जिम मैकडॉनेल ने कहा कि यह अभियान स्थानीय, संघीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है, जिसका उद्देश्य हिंसक अपराधी संगठनों को खत्म करना और लोगों की सुरक्षा बढ़ाना है.

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक डुहेम ने कहा कि इस जांच ने उन अपराधी संगठनों को बड़ा झटका दिया है, जो हत्या, धमकी और डर के जरिए कनाडा और अमेरिका में लोगों को निशाना बना रहे थे. उन्होंने कहा कि ऐसे नेटवर्क जहां भी सक्रिय होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

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