सगाई केतन से शादी चेतन से, सिया को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा- सहेलियों ने क्या-क्या बताया
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़. सिया गोयल की कथित गुपचुप शादी, 19 दिन की कथित साजिश, बैंक रिकॉर्ड, इंस्टाग्राम और पुलिस जांच से जुड़े बड़े खुलासे.
एक रिश्ता, दो चेहरे और एक ऐसी मौत, जिसने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया. पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिरकर हुई मौत अब सिर्फ एक हादसा नहीं मानी जा रही, बल्कि पुलिस इसे सुनियोजित हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है. हर गुजरते दिन के साथ इस केस में ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं, जो कहानी को और पेचीदा बना रहे हैं.
कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 से होती है. परिवारों की रजामंदी से पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल और 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई हुई. नवंबर में उदयपुर में दोनों की भव्य शादी तय थी. होटल बुक हो चुका था और तैयारियां भी शुरू थीं. लेकिन इस रिश्ते के पीछे एक ऐसा राज छिपा था, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था.
सिया और चेतन ने कर ली थी शादी
जांच में सामने आए दावों के मुताबिक, सिया पहले से ही चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी. मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, सिया ने केतन से सगाई होने के बाद भी करीब चार महीने पहले चेतन से कथित तौर पर पुणे के रजिस्ट्रार कार्यालय में गुपचुप शादी कर ली थी. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत वास्तव में दोनों का विवाह पंजीकृत हुआ था. इसके लिए कथित मैरिज सर्टिफिकेट, दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.
बताया जा रहा है कि इस कथित शादी में सिया की दो कॉलेज सहेलियां गवाह बनी थीं. पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है. वहीं तकनीकी टीम एक निजी इंस्टाग्राम अकाउंट से डिलीट की गई तस्वीरें रिकवर करने की कोशिश कर रही है. दावा है कि इन तस्वीरों में सिया और चेतन वरमाला पहने नजर आ रहे थे.
पुलिस की जांच में अब तक क्या आया सामने?
इसी बीच जांच में एक और अहम पहलू सामने आया. पुलिस चेतन चौधरी के बैंक खातों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों को शक है कि कथित गुप्त शादी की प्रक्रिया जल्दी पूरी कराने के लिए किसी बिचौलिए को पैसे दिए गए हो सकते हैं, ताकि सार्वजनिक नोटिस की अनिवार्य प्रक्रिया से बचा जा सके. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
जांच के मुताबिक, हत्या की कथित साजिश 31 मई के आसपास आकार लेने लगी. पुलिस का दावा है कि केतन को ट्रैकिंग का शौक था और वह अक्सर सिया को अपने साथ पहाड़ों पर ले जाता था. इसी दौरान सिया ने लोहागढ़ किले को कथित वारदात की जगह के रूप में चुना.
5 जून को सिया ने केतन से दोबारा लोहागढ़ चलने की जिद की, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ. अगले दिन दोनों का बाली जाने का कार्यक्रम था. पुलिस का दावा है कि विदेश यात्रा रोकने के लिए सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट छिपा दिया.
कब से चर्चा में आया सिया और चेतन का मामला?
14 जून को दोनों पहली बार लोहागढ़ पहुंचे. जांच के अनुसार, यहीं पहली बार कथित हत्या की कोशिश हुई. पुलिस का आरोप है कि सिया ने केतन को खाई की ओर धक्का दिया, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से उसकी जान बच गई. जब केतन ने कारण पूछा तो सिया ने कहा कि वहां सांप था और उसे बचाने के लिए धक्का दिया. घर लौटकर केतन ने परिवार को यही कहानी सुनाई और उसे लगा कि सिया ने उसकी जान बचाई है.
लेकिन चार दिन बाद, 18 जून को कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया. पुलिस के मुताबिक, अगले दिन सिया का जन्मदिन मनाने के लिए महाबलेश्वर जाने का कार्यक्रम था. उससे पहले सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर केतन को एक बार फिर लोहागढ़ किले पर चलने के लिए मना लिया. आरोप है कि इस बार चेतन चौधरी भी चुपचाप वहां पहुंच गया. जब केतन घाटी की ओर देख रहा था, तभी दोनों ने कथित तौर पर उसे पीछे से धक्का दे दिया. करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई.
जांच के दौरान एक और चैट चर्चा में आई. दावा है कि 25 मई को स्नैपचैट पर अपनी दोस्त से बातचीत में सिया ने शादी की बुकिंग के लिए आधार कार्ड मांगा था. उसी चैट में उसने लिखा था—"शादी की टिकट के लिए आधार कार्ड फ्रंट-बैक भेज दे... जो होने नहीं वाली, लेकिन फिर भी भेज दे." पुलिस इस चैट की भी फॉरेंसिक जांच कर रही है.
अब पुलिस इस पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया डेटा, कथित विवाह से जुड़े दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटा रही है. सिया गोयल और चेतन चौधरी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की अंतिम तस्वीर साफ होगी.




