'ऑफिस-घर और नींद, Week Off तो कपड़े धुलने के लिए'; गुरुग्राम की युवती का दर्द सुन लोगों ने कहा कि Exactly...
गुरुग्राम की जेसिका मल्होत्रा ने वायरल वीडियो में बताया कि ऑफिस, घर और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच खुद के लिए समय नहीं बचता. उनके अनुभव से हजारों सोशल मीडिया यूजर्स ने खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया.
क्या नौकरी सिर्फ बिल भरने के लिए रह गई है? क्या सोमवार से शुक्रवार तक ऑफिस और वीकेंड में घर के काम ही अब जिंदगी बन चुके हैं? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने हजारों नौकरीपेशा लोगों को अपनी कहानी याद दिला दी है.
गुरुग्राम की रहने वाली जेसिका मल्होत्रा (Jaysika Malhotra) का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की थकान, बढ़ते खर्चों और कामकाजी जीवन की भागदौड़ को लेकर खुलकर बात करती नजर आ रही हैं. उनकी बातें सुनकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि यही उनकी भी जिंदगी है.
'ऑफिस जाओ, घर आओ और सो जाओ'
वीडियो में जेसिका कहती हैं कि उनकी पूरी जिंदगी अब सिर्फ तीन चीजों के इर्द-गिर्द घूम रही है- ऑफिस जाना, घर लौटना और सो जाना. उनका कहना है कि हफ्ते में मिलने वाली एकमात्र छुट्टी भी आराम करने में नहीं, बल्कि कपड़े धोने, चादर बदलने, सफाई करने और दूसरे घरेलू कामों में निकल जाती है. ऐसे में खुद के लिए समय ही नहीं बचता.
'सैलरी खाते में आने से पहले ही खत्म हो जाती है'
वीडियो में जेसिका अपनी आर्थिक परेशानियों का भी जिक्र करती हैं. उनका कहना है कि महीने की सैलरी खाते में आने से पहले ही खर्चों में बंट जाती है. वह सवाल करती हैं कि आखिर किसने कहा था कि नौकरी करने से लग्जरी लाइफ मिलती है. उनके मुताबिक, बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के बीच न तो घूमने का मौका मिलता है और न ही बचत हो पाती है. वीडियो के अंत में वह कहती हैं कि 'आखिर मैं क्या करूं?'
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- यही तो हमारी कहानी है. जेसिका के वीडियो पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने लिखा कि वे भी रोज उसी दिनचर्या में फंसे हुए हैं और जिंदगी एक अंतहीन चक्र जैसी लगने लगी है. एक यूजर ने लिखा, "हर दिन वही रूटीन... समझ नहीं आता इससे बाहर कैसे निकलें." दूसरे ने लिखा, "हर सुबह उठकर यही सोचता हूं कि नौकरी छोड़ दूं या नहीं." एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "सैलरी वाला हिस्सा सबसे ज्यादा दिल को लगा." वहीं कई लोगों ने लिखा कि आज के समय में नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी बिल, काम और थकान तक ही सीमित होकर रह गई है.
क्यों लोगों से जुड़ गया यह वीडियो?
यह वीडियो ऐसे समय वायरल हुआ है, जब सोशल मीडिया पर वर्क-लाइफ बैलेंस, बर्नआउट, बढ़ती महंगाई और मानसिक थकान जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है. ऐसे में जेसिका की बातें कई नौकरीपेशा लोगों को अपनी जिंदगी का आईना लगीं. हालांकि, यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है. इसमें व्यक्त विचार संबंधित व्यक्ति के हैं और जरूरी नहीं कि हर नौकरीपेशा व्यक्ति का अनुभव भी ऐसा ही हो.




