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50 से ज्यादा हाई प्रोफाइल मामले, टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति को झटका देने वाले भारतीय मूल के वकील Neal Katyal कौन

अमेरिकी राजनीति और कानून की दुनिया में हाल ही में एक बड़ा फैसला सुर्खियों में रहा, जिसमें यूएस सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराया. इस ऐतिहासिक फैसले के पीछे भारतीय मूल के वकील नील कत्याल का हाथ है.

neal katyal
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( Image Source:  x-@ViduraUvacha )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 21 Feb 2026 10:48 AM IST

भारतीय मूल के अमेरिकी वकील नील कत्याल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ मामले में उनकी दलीलों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को बड़ा झटका दिया. 50 से ज्यादा हाई-प्रोफाइल मामलों में सुप्रीम कोर्ट के सामने बहस कर चुके कत्याल को संवैधानिक कानून का विशेषज्ञ माना जाता है.

उन्हें सरकार द्वारा कई अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका है. इतना ही नहीं, वह राइटर भी हैं. चलिए ऐसे में जानते हैं टैरिफ पर ट्रंप को चुनौती देने वाले वकील नील कत्याल कौन हैं.

कौन हैं नील कत्याल?

नील कत्याल भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे. उनके पिता डॉक्टर और मां इंजीनियर थीं. उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज से ग्रेजुएशन और येल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की. इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस स्टीफन ब्रेयर के साथ क्लर्क रहे, जो किसी भी वकील के करियर में बेहद अहम पड़ाव माना जाता है. उनकी कानूनी समझ और संवैधानिक विषयों पर पकड़ ने उन्हें अमेरिका के टॉप वकीलों में शामिल कर दिया.

कौन-से पद पर कर चुके हैं काम?

साल 2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति Barack Obama ने उन्हें एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल अपॉइंट किया. इस पद पर रहते हुए वे अमेरिकी सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलीलें पेश करते थे. अब तक वे 50 से अधिक मामलों में सुप्रीम कोर्ट के सामने बहस कर चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है.

किन बड़े मामलों से जुड़े रहे नील?

नील कत्याल ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में हिस्सा लिया है. उन्होंने 1965 के वोटिंग राइट्स एक्ट की संवैधानिक वैधता का बचाव किया. इसके अलावा, 2017 में ट्रंप प्रशासन के ट्रैवल बैन के खिलाफ कानूनी चुनौती में भी उनकी अहम भूमिका रही. वे “Impeach: The Case Against Donald Trump” नामक किताब के राइटर भी हैं, जिसमें उन्होंने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कानूनी दलीलों को विस्तार से रखा.

कौन-कौन से मिले हैं अवॉर्ड?

नील कत्याल को अमेरिकी न्याय विभाग का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'एडमंड रैंडोल्फ अवॉर्ड' मिल चुका है. उन्हें 2017 और 2023 में “लिटिगेटर ऑफ द ईयर” भी चुना गया. संवैधानिक और अपीलीय मामलों में उनकी विशेषज्ञता को कानूनी जगत में खास पहचान मिली है.

क्या कोई विवाद भी?

नील कत्याल का नाम कई राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों से जुड़ा रहा है. ट्रंप प्रशासन के खिलाफ उनकी कानूनी लड़ाइयों और महाभियोग पर लिखी किताब के कारण वे रिपब्लिकन समर्थकों के निशाने पर भी रहे. कुछ आलोचकों का मानना है कि वे कानूनी मामलों में राजनीतिक रुख अपनाते हैं, हालांकि उनके समर्थक इसे संविधान के प्रति प्रतिबद्धता बताते हैं.


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