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अरब देशों को कैसे प्यासा मार सकता है ईरान? ट्रंप की धमकी के बाद दे डाली चेतावनी, जानें पानी कैसे बना सबसे बड़ा हथियार

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव के बीच ईरान ने ऐसी चेतावनी दी है, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है.

Iran Warning Trump
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Iran Warning Trump

( Image Source:  AI: Sora )

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव के बीच ईरान ने ऐसी चेतावनी दी है, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. यह संघर्ष अब केवल तेल या सैन्य ताकत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत पर भी खतरा मंडराने लगा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद ईरान ने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी है, उसने इस टकराव को और गंभीर बना दिया है. अब आशंका जताई जा रही है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो अरब देशों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो सकता है.

क्या है ईरान की चेतावनी?

रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर Strait of Hormuz को 48 घंटे में नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को खत्म कर देगा. इस पर जवाब देते हुए ईरान की सेना ने साफ कहा "अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के ‘एनर्जी, आईटी और सबसे अहम डिसैलिनेशन प्लांट्स’ को निशाना बनाएगा." इस बयान ने साफ कर दिया है कि अब जंग का फोकस बुनियादी ढांचे पर भी हो सकता है.

किन देशों पर मंडराएगा खतरा?

गल्फ देशों के पास तेल के विशाल भंडार हैं, लेकिन पीने के पानी की भारी कमी है. ऐसे में डिसैलिनेशन प्लांट्स उनकी जीवनरेखा हैं, जो समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाते हैं.

1. सऊदी अरब अपनी लगभग 70% पानी की जरूरत इन्हीं प्लांट्स से पूरी करता है.

2. कुवैत करीब 90%

3. ओमान 86%

4. यूएई भी बड़े पैमाने पर इन पर निर्भर है.

अगर इन प्लांट्स पर हमला होता है, तो कुछ ही दिनों में बड़े शहरों में पानी की भारी किल्लत हो सकती है.

क्या पहले भी मिली चेतावनी?

CIA ने 1983 में ही चेतावनी दी थी कि अगर इन प्लांट्स पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल सकती है. लोगों को शहर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. हाल के दिनों में इस खतरे की झलक भी देखने को मिली है. ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने उसके Qeshm Island पर स्थित एक डिसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, हालांकि अमेरिका ने इससे इनकार किया है. इसके अगले ही दिन Bahrain ने भी अपने प्लांट पर हमले का दावा किया, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

‘इन्फ्रास्ट्रक्चर वॉर’ से क्या होगा परिणाम?

1. बड़े शहरों में कुछ ही दिनों में पानी का संकट

2. पर्यावरणीय खतरे में वृद्धि

3. समुद्री जीवन पर गंभीर असर

4. केमिकल रिसाव से मानव स्वास्थ्य को खतरा

ईरान इजरायल युद्धवर्ल्‍ड न्‍यूज
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