नमाज अदा कर रहे थे नमाजी, खिसियाए ईरान ने मस्जिद के पास बरसाई मिसाइलें; युद्ध के 22 दिन में अब तक क्या हुआ?
28 फरवरी से शुरू हुई यह जंग अब 22 दिन पार कर चुकी है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं. Iran के बड़े-बड़े कद्दावर नेताओं की लगातार हत्याएं हो रही हैं, तो वहीं Israel और United States अपने हमलों को लेकर आक्रामक रुख बनाए हुए हैं. आइए जानते हैं अब तक के बड़े अपडेट...
28 फरवरी से शुरू हुई यह जंग अब 22 दिन पार कर चुकी है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं. Iran के बड़े-बड़े कद्दावर नेताओं की लगातार हत्याएं हो रही हैं, तो वहीं Israel और United States अपने हमलों को लेकर आक्रामक रुख बनाए हुए हैं. हालात अब “करो या मरो” की स्थिति में पहुंचते दिख रहे हैं, जहां हर दिन मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है और हजारों जिंदगियां इस जंग की भेंट चढ़ चुकी हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इस संघर्ष से दूर होने के बावजूद India भी महंगाई की मार झेलने लगा है, जिससे आम जनता चिंता में डूबी हुई है.
मध्य पूर्व में बढ़ता यह टकराव अब सिर्फ सीमित युद्ध नहीं, बल्कि वैश्विक संकट का संकेत बन चुका है. United States-Israel बनाम Iran की यह जंग चौथे हफ्ते में और ज्यादा खतरनाक हो गई है. ईद और नववर्ष जैसे पवित्र मौके भी बारूद की गूंज में दब गए हैं. मिसाइल हमले, ड्रोन स्ट्राइक और खाड़ी देशों में बढ़ती अस्थिरता ने पूरी दुनिया की शांति और अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बयान आग में घी डालने जैसा है- "आप उस समय युद्धविराम नहीं करते, जब आप सामने वाले को पूरी तरह तबाह कर रहे होते हैं." यह साफ संकेत है कि फिलहाल यह जंग थमने वाली नहीं, बल्कि और भी भयानक रूप ले सकती है.
मिडिल ईस्ट में जंग: 8 बड़े सवाल, 8 बड़े जवाब
1. क्या ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया?
ईरान का दावा है कि उसने यूएई के अल-मिनहाद बेस और कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर हमला कर सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया. ईरान के मुताबिक इन ठिकानों से उसके खिलाफ कार्रवाई हो रही थी. इसके अलावा बगदाद में अमेरिकी सैन्य परिसर के पास ड्रोन हमले से भीषण आग लगने की खबर ने हालात और गंभीर कर दिए हैं.
2. क्या ईद के दिन यरुशलम में मिसाइल हमला हुआ?
ईद-उल-फितर के मौके पर Jerusalem में ईरानी मिसाइल गिरने की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. यह मिसाइल Al-Aqsa Mosque से कुछ ही दूरी पर गिरी. हालात इतने खराब थे कि सैकड़ों नमाजियों को मस्जिद के बाहर ही ईद की नमाज पढ़नी पड़ी. इजराइल ने कहा कि 'ईद-उल-फितर के दौरान यरुशलम पर एक ईरानी मिसाइल गिरी, जो मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के सबसे पवित्र स्थलों से महज़ कुछ सौ मीटर की दूरी पर थी.'
3. क्या अमेरिका-इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया?
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के Natanz nuclear facility पर एयर स्ट्राइक की. हालांकि ईरानी मीडिया का कहना है कि 'No leakage of radioactive materials" हुआ और आसपास के लोगों को कोई खतरा नहीं है.
4. इस जंग में अब तक कितनी तबाही हुई?
अब तक इस युद्ध में ईरान में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 200 से अधिक बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा लेबनान, इराक और सीरिया में भी भारी जान-माल का नुकसान हुआ है. इजराइल भी लगातार मिसाइल हमलों से प्रभावित हो रहा है.
5. क्या खाड़ी देशों में भी जंग फैल चुकी है?
सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और यूएई अब सीधे इस संघर्ष की चपेट में हैं. बहरीन ने 143 मिसाइल और 242 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने 47 ड्रोन नष्ट किए. कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से आग लग गई.
6. क्या यह जंग वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला रही है?
इस युद्ध का सीधा असर तेल बाजार पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. खाड़ी में जहाजों पर बढ़ते हमलों से वैश्विक सप्लाई चेन और व्यापार पर भी खतरा बढ़ गया है.
7. क्या सीजफायर की कोई उम्मीद है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि फिलहाल युद्धविराम का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा कि'आप उस समय युद्धविराम नहीं करते, जब आप सामने वाले को पूरी तरह तबाह कर रहे होते हैं.' हालांकि अमेरिका धीरे-धीरे ऑपरेशन कम करने पर विचार कर रहा है.
8. क्या यह जंग और खतरनाक रूप ले सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह संघर्ष वैश्विक युद्ध में बदल सकता है. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ऊर्जा सप्लाई को खतरे में डालने की चेतावनी दी है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है.




