भारत के सबसे बड़े सामाजिक संगठन Rashtriya Swayamsevak Sangh ने अपने 100वें वर्ष में एक बड़ा और ऐतिहासिक संगठनात्मक बदलाव किया है. हरियाणा के Samalkha में आयोजित ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ की बैठक में संघ ने दशकों पुरानी 46 प्रांतों की संरचना को खत्म कर दिया और अब पूरे देश को 85 संभागों में विभाजित करने का फैसला लिया है. विश्लेषक Sanjay Swami के अनुसार, संघ ने अपने 100वें वर्ष में 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशभर में अब तक 33 हजार से अधिक सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं और यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है. संजय स्वामी ने शिक्षा व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार नीतिगत स्तर पर चूक हो जाती है. उन्होंने University Grants Commission का जिक्र करते हुए कहा कि हर निर्णय में परफेक्शन संभव नहीं होता और कभी-कभी परिस्थितियों के चलते गलतियां हो जाती हैं.