क्या है बाब-अल-मंदेब, होर्मुज के बाद अगर ईरान ने कर दिया बंद, तो तेल-गैस के लिए तरस जाएगी दुनिया!
ईरान की बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर चेतावनी ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है. जानिए क्यों यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण है
Bab al-Mandeb Strait
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता दिखाई नहीं दे रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बयानबाजी जारी है. वहीं अब ईरान की ओर से दी गई एक चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पहले से जारी तनाव के बीच अब ईरान ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर भी संकेत दिए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक यदि दुनिया के इन दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में किसी तरह का व्यवधान पैदा होता है, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा. तेल और गैस की कीमतों से लेकर वैश्विक सप्लाई चेन और समुद्री व्यापार तक, पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ सकती है.
ईरान ने क्या दी चेतावनी?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी ने संकेत दिया है कि यदि इजरायल गाजा और लेबनान में सैन्य अभियान जारी रखता है तो क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा और बढ़ सकता है. क़ानी ने कहा कि ‘रेजिस्टेंस एक्सिस’ अपनी प्रतिक्रिया को व्यापक बना सकता है और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में भी वही परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं जो वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास देखने को मिल रही हैं.
क्या है बाब-अल-मंदेब?
बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में गिना जाता है. यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप और एशिया के बीच समुद्री संपर्क का प्रमुख रास्ता है. यह जलडमरूमध्य यमन, जिबूती और इरिट्रिया के बीच स्थित है. इसके सबसे संकरे हिस्से की चौड़ाई लगभग 26 से 29 किलोमीटर है, जिसके कारण यह समुद्री परिवहन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है.
क्यों अहम है बाब-अल-मंदेब?
यूरोप और एशिया के बीच होने वाले बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से होकर गुजरता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुमान लगाया जाता है कि वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 10 से 12 प्रतिशत हिस्सा हर साल बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के जरिए संचालित होता है.
इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, ऑटोमोबाइल, औद्योगिक उपकरण और उपभोक्ता वस्तुओं से लदे हजारों कंटेनर जहाज इसी रास्ते से यूरोप और एशियाई देशों के बीच आवागमन करते हैं. ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का संकट वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है.
ऊर्जा आपूर्ति के लिए क्यों है बेहद अहम?
बाब-अल-मंदेब केवल व्यापारिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इसी समुद्री मार्ग से होकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका तक पहुंचते हैं. इसके अलावा कतर सहित खाड़ी देशों से निर्यात होने वाली बड़ी मात्रा में एलएनजी (LNG) भी इसी मार्ग का उपयोग करती है. यदि इस समुद्री रास्ते में बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.
होर्मुज और बाब-अल-मंदेब दोनों बंद हुए तो क्या होगा?
रिपोर्ट के मुताबिक यदि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब दोनों ही एक साथ प्रभावित होते हैं, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाएगा. ये दोनों समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की रीढ़ माने जाते हैं. ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि, माल ढुलाई खर्च में बढ़ोतरी, सप्लाई चेन में बाधा और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां सामने आ सकती है.। कई देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बन सकती है.




