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जिंदा हैं मोजतबा खामेनेई और सुपर एक्टिव... ईरान के सुप्रीम लीडर को लेकर बड़ा अपडेट- मार्को रुबियो ने क्या-क्या बताया

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि खामेनेई जिंदा हैं और हाल के समय में देश के मामलों में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता रुकी हुई है और मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है.

जिंदा हैं मोजतबा खामेनेई और सुपर एक्टिव... ईरान के सुप्रीम लीडर को लेकर बड़ा अपडेट- मार्को रुबियो ने क्या-क्या बताया
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 2 Jun 2026 11:19 PM IST

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान की राजनीति और उसके सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर एक अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि खामेनेई जिंदा हैं और हाल के समय में ईरान के शासन और प्रशासनिक मामलों में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ती दिखाई दे रही है.

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत रुकी हुई है और मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए अस्थायी सीजफायर के बावजूद क्षेत्र में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक राजनीति पर भी असर देखने को मिल रहा है.

सीनेट में क्या बोले मार्को रुबियो?

अमेरिकी सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सामने बोलते हुए मार्को रुबियो ने ईरान के नेतृत्व को लेकर बदलते संकेतों की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि "मुझे लगता है कि ऐसे संकेत मौजूद हैं कि वह किसी न किसी स्तर पर पहले से अधिक सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं." रुबियो ने सीनेटरों से कहा. उनके अनुसार, ईरान के भीतर सत्ता संरचना में बदलाव और बढ़ती सक्रियता के संकेत दिखाई दे रहे हैं.

क्या ईरान में नेतृत्व की भूमिका बदल रही है?

रुबियो के बयान के अनुसार, ईरान के भीतर राजनीतिक और प्रशासनिक फैसलों में मोजतबा खामेनेई की भूमिका पहले की तुलना में अधिक सक्रिय होती दिख रही है. हालांकि उन्होंने किसी औपचारिक सत्ता परिवर्तन का स्पष्ट दावा नहीं किया, लेकिन इसे “बढ़ती भागीदारी” के रूप में रेखांकित किया.

ईरान-अमेरिका वार्ता क्यों अटकी हुई है?

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है. दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर है. अमेरिका का कहना है कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर सख्त सीमाएं स्वीकार करनी होंगी.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका की सख्त शर्तें क्या हैं?

मार्को रुबियो ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक माना जाता है. उन्होंने कहा कि "उन्हें यह बहुत स्पष्ट रूप से घोषणा करनी होगी कि ‘जलडमरूमध्य अब खुला है, हम कोई टोल नहीं वसूल रहे हैं.’ हम उन बारूदी सुरंगों को हटाने में मदद करेंगे जो उन्होंने वहां बिछाई हैं, और वे जहाजों पर गोलीबारी नहीं करेंगे. उनके अनुसार, ईरान को इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और खुला घोषित करना होगा, साथ ही वहां बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर भी सहमति देनी होगी.

क्या परमाणु कार्यक्रम पर समझौता जरूरी होगा?

रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका किसी भी संभावित समझौते के तहत ईरान से यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को या तो सीमित करने या पूरी तरह समाप्त करने की मांग करेगा. उन्होंने कहा कि "उन्हें गंभीर और दीर्घकालिक सीमाओं पर बातचीत करने पर सहमत होना होगा और/या यूरेनियम संवर्धन गतिविधि को पूरी तरह समाप्त करना होगा."

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के संकेत?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मध्य पूर्व की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. अमेरिका-ईरान तनाव, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद ने क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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