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आज 'कनकपुरा के रॉक' लेंगे CM पद की शपथ, जी परमेश्वरा बन सकते हैं डिप्टी CM; देखिए शिवकुमार की कैबिनेट की लिस्ट

करीब तीन साल बाद कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है. डीके शिवकुमार आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि जी परमेश्वरा को डिप्टी CM बनाया जा सकता है.

आज कनकपुरा के रॉक लेंगे CM पद की शपथ, जी परमेश्वरा बन सकते हैं डिप्टी CM; देखिए शिवकुमार की कैबिनेट की लिस्ट
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( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी7 Mins Read

Updated on: 3 Jun 2026 12:00 AM IST

कर्नाटक की राजनीति में आखिरकार वह पल आ ही गया, जिसका डीके शिवकुमार के चाहने वाले नेताओ को लंबे समय से इंतजार था. करीब एक साल से चल रही सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच अब कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए डीके शिवकुमार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने पर मुहर लगा दी है और आज यानी 3 जून को बेंगलुरु में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह की काफी चर्चा हो रही है.

सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को दूसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन तीन साल बाद 28 मई 2026 को उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर इस्तीफा दे दिया. उन्होंने राज्यपाल सचिवालय को अपना त्यागपत्र सौंपा और इसके साथ ही सत्ता की कमान अब डीके शिवकुमार के हाथों में जाती दिखाई दे रही है. अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, बल्कि यह भी है कि शिवकुमार के साथ कौन-कौन मंत्री बनेगा? डिप्टी सीएम कौन होगा और कांग्रेस किस सामाजिक-राजनीतिक समीकरण के जरिए 2028 की तैयारी करेगी.

डीके शिवकुमार के सिर सजेगा कर्नाटक का ताज

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में थे. कांग्रेस के भीतर सत्ता साझेदारी और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई दौर की बैठकों के बाद आखिरकार पार्टी ने उन पर भरोसा जताया. डीके शिवकुमार को कांग्रेस का संकटमोचक माना जाता है. चाहे कर्नाटक में सरकार बचाने की लड़ाई हो या पार्टी संगठन को मजबूत करना, शिवकुमार हर बार कांग्रेस के सबसे भरोसेमंद चेहरे के रूप में सामने आए. अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने सरकार और संगठन दोनों को संतुलित रखने की चुनौती होगी.

जी परमेश्वरा बन सकते हैं इकलौते डिप्टी CM

सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ दलित नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी परमेश्वरा को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला ले रहा है. हालांकि पार्टी के भीतर कुछ नेता एक से ज्यादा डिप्टी सीएम बनाने की पैरवी कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल जी परमेश्वरा के अकेले उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है.

शपथ ग्रहण में कौन-कौन ले सकता है मंत्री पद की शपथ?

सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में मुख्यमंत्री समेत करीब 13 मंत्री शपथ ले सकते हैं. कांग्रेस हाईकमान ने क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए संभावित नामों पर चर्चा की है.

पहले चरण में जिन नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं, उनमें शामिल हैं:

  1. जी परमेश्वरा
  2. केएच मुनियप्पा
  3. यूटी खादर
  4. केजे जॉर्ज
  5. कृष्णा बायरे गौड़ा
  6. एमबी पाटिल
  7. प्रियांक खड़गे
  8. सतीश जारकीहोली
  9. रामलिंगा रेड्डी
  10. दिनेश गुंडू राव
  11. बायराथी सुरेश
  12. ईश्वर खंड्रे
  13. यतींद्र सिद्धारमैया

इन नामों के जरिए कांग्रेस लिंगायत, दलित, ओबीसी, मुस्लिम और वोक्कालिगा समुदायों के बीच राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर रही है.

दिल्ली में चला हाईवोल्टेज मंथन

नई सरकार के गठन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की कई अहम बैठकें हुईं. इन बैठकों में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों शामिल हुए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला के साथ हुई चर्चाओं में सिर्फ मंत्रिमंडल गठन ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक बदलाव, प्रदेश अध्यक्ष, राज्यसभा सीटों और विधान परिषद के समीकरणों पर भी चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि नई सरकार सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित न रहे, बल्कि अगले विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत राजनीतिक संदेश भी दे.

यह सपना नहीं, संघर्ष का परिणाम- डीके शिवकुमार

मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा को संघर्ष और समर्पण का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि उनका मुख्यमंत्री बनना किसी किस्मत का खेल नहीं, बल्कि दशकों की मेहनत का नतीजा है. उन्होंने कहा कि 'यह कोई सपना नहीं था, यह समर्पण था. कठिन मेहनत और लंबे संघर्ष का परिणाम था.' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री बनने तक का सफर आसान नहीं रहा. लंबे समय तक इंतजार और राजनीतिक दबाव के बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा.

गांधी परिवार को दिया श्रेय

डीके शिवकुमार ने अपने राजनीतिक करियर में गांधी परिवार की भूमिका को भी अहम बताया. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक युवा कार्यकर्ता में संभावना देखी और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया. शिवकुमार ने कहा कि राजीव गांधी ने मुझमें वह क्षमता देखी, जिसे शायद मैं खुद भी नहीं पहचान पाया था.' उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व के प्रति वफादारी और संगठनात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है.

कर्नाटक को ग्लोबल पावरहाउस बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री पद संभालने से पहले डीके शिवकुमार ने अपनी प्राथमिकताओं का भी खुलासा किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सुशासन, विकास और निवेश को प्राथमिकता देगी.

उनकी सरकार का फोकस इन मुद्दों पर रहने की संभावना है:

  • बुनियादी ढांचे का विस्तार
  • निवेश और उद्योग को बढ़ावा
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत करना
  • टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर फोकस
  • युवाओं के लिए रोजगार
  • समावेशी विकास मॉडल

शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक पहले से देश का टेक्नोलॉजी हब है और उनकी कोशिश इसे वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूत बनाने की होगी.

सिद्धारमैया समर्थकों को साधना होगी सबसे बड़ी चुनौती

हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने सत्ता परिवर्तन शांतिपूर्ण तरीके से करा दिया है, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी. डीके शिवकुमार को सिद्धारमैया समर्थक खेमे को साथ लेकर चलना होगा. कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत सिर्फ 34 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं, जबकि दावेदारों की संख्या कहीं ज्यादा है. ऐसे में कैबिनेट विस्तार के दौरान असंतोष को संभालना शिवकुमार सरकार की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है.

'कनकपुरा के रॉक' से मुख्यमंत्री तक का सफर

डीके शिवकुमार को उनके समर्थक 'कनकपुरा का रॉक' कहते हैं. कांग्रेस संगठन में एक जमीनी कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का उनका सफर लगातार संघर्ष, रणनीति और राजनीतिक धैर्य की कहानी रहा है. अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने सिर्फ सरकार चलाने की जिम्मेदारी नहीं होगी, बल्कि कांग्रेस को एकजुट रखने और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के खिलाफ मजबूत राजनीतिक लड़ाई लड़ने की चुनौती भी होगी.

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