Iran VS Israel US: इजराइली हमले में कितना पहुंचा मौत का आंकड़ा? देखिए तबाही की दर्दनाक तस्वीरें और वीडियो- Updates
ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच भड़के संघर्ष ने अब भयावह रूप ले लिया है. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली हमलों में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, तो वहीं मौत की सख्या बढ़ रही है. जबकि दर्जनों घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. तेहरान समेत कई शहरों में धमाकों के बाद इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं और आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया.
पश्चिम एशिया में तनाव ने शनिवार सुबह खतरनाक मोड़ ले लिया जब इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हवाई हमले किए. ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में हुए हमले में कम से कम 50 से अधिक छात्रों के मौत की खबर सामने सामने आई है. जबकि 45 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. धमाकों के बाद तेहरान के आसमान में धुएं का गुबार छा गया और लगातार एयर अटैक सायरन बजते रहे.
इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह कार्रवाई अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया. वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागने का दावा किया है. क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं और पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं.
1. रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय और परमाणु ऊर्जा संगठन को निशाना बनाया. हमलों के बाद खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने की खबर है.
2. इजराइल ने अपने इस अभियान को ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) नाम दिया है. अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है.
3. मिनाब में अब तक कितने छात्रों की मौत?
ईरानी एजेंसी IRNA के मुताबिक, होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर में हुए हमले में 51 छात्राओं की मौत हुई है और 45 अन्य घायल हैं. बताया जा रहा है कि मिनाब में ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का बेस भी मौजूद है. हालांकि, अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
4. ईरान ने जवाबी हमले में कहां-कहां निशाना बनाया?
हमलों के तुरंत बाद ईरान ने इजराइल पर पलटवार शुरू कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने करीब 400 मिसाइलें दागीं. इसके अलावा, कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है. UAE के दुबई शहर को भी टारगेट किए जाने की खबर सामने आई है.
5. इजराइल में आपातकाल जैसे हालात क्यों?
ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद इजराइल में आपातकाल घोषित कर दिया गया. रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने देशभर में सार्वजनिक समारोहों पर रोक, स्कूलों को बंद करने और गैर-जरूरी कार्यस्थलों को बंद रखने का आदेश दिया. अस्पतालों के मरीजों को भूमिगत सुविधाओं में शिफ्ट किया गया है.
6. परमाणु वार्ता के बीच क्यों भड़का संघर्ष?
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी. राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले ही ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि खतरा बढ़ा तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. ट्रम्प ने कहा कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य 'अमेरिका और उसके लोगों को खतरे से बचाना' है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने आपात बैठक बुलाई और क्षेत्रीय तनाव को कम करने की अपील की. ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि वह इस हमले में शामिल नहीं है और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है.
7. क्या बढ़ेगा पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा?
तेजी से बदलते घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है. ईरान और इजराइल के बीच सीधा टकराव बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है. फिलहाल दुनिया की निगाहें पश्चिम एशिया पर टिकी हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर करीबी नजर रखे हुए है.




