मुनीर और शहबाज की गुज़ारिश ने बदला जंग का गेम! ट्रंप ने आगे बढ़ाया सीजफायर, युद्ध टलने की उम्मीद या नई चाल?
डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने ये फैसला शहबाज और मुनीर की सलाह के बाद लिया है. वहीं ईरान इसे एक साज़िश के तौर पर देख रहा है.
Iran-US Ceasefire Increased: सीजफायर की अवधि खत्म होने से कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इसे और बढ़ा दिया है. पाकिस्तान, जो ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, उसने कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को बदलने में अहम भूमिका निभाई है.
रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि वे सीजफायर को तब तक बढ़ाएंगे जब तक ईरान एक संयुक्त और एकीकृत प्रस्ताव नहीं लाता. ट्रंप के अनुसार यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर की “अनुरोध” के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान को अपना प्रस्ताव तैयार करने तक हमले रोके जाएं.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
हालांकि ट्रंप लगातार ईरान को लेकर सख्त बयान दे रहे हैं और उन्होंने इसे “गंभीर रूप से बंटा हुआ” देश बताया, फिर भी सीजफायर बढ़ाने का उनका यह फैसला एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है. क्योंकि इससे पहले बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को बढ़ाने की घोषणा की है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) जारी रहेगी, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित हैं.
ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में कहा कि उन्होंने सेना को आदेश दिया है कि नाकाबंदी जारी रखी जाए और बाकी सभी मामलों में भी पूरी तरह तैयार और सतर्क रहे. उन्होंने कहा कि सीजफायर तब तक बढ़ाया जाएगा जब तक ईरान अपनी प्रस्तावित योजना नहीं देता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, चाहे उसका कोई भी परिणाम हो.
अपने बयान से कैसे पलटे डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप के पहले बयान के मुताबिक, उन्होंने कुछ घंटे पहले सीजफायर बढ़ाने के सवाल पर कहा था कि वे ऐसा नहीं करना चाहते. उन्होंने CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा था कि “मैं ऐसा नहीं करना चाहता, हमारे पास इतना समय नहीं है.” उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता और सीजफायर खत्म हो जाता है तो हालात और बिगड़ सकते हैं, यहां तक कि हमले की स्थिति बन सकती है.
कैसे सीजफायर बढ़ाने में पाकिस्तान ने निभाया रोल?
लेकिन इसके बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया. हालांकि ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि किस वजह से उन्होंने अपना रुख बदला, लेकिन उन्होंने दो बातें जरूर कही. पहली, ईरान की सरकार को “गंभीर रूप से बंटा हुआ” बताया और दूसरी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अनुरोध का जिक्र किया.
शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध को स्वीकार करते हुए सीजफायर को बढ़ाया गया है ताकि चल रही कूटनीतिक कोशिशें आगे बढ़ सकें.
शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि विश्वास और भरोसे के साथ पाकिस्तान आगे भी इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास जारी रखेगा. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत का दूसरा दौर पाकिस्तान में होने वाला है, हालांकि इसकी तारीख नहीं बताई गई.
ईरान ने क्या कहा?
दूसरी ओर, ईरान की संसद के स्पीकर के एक सलाहकार और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालिबाफ के एक सहयोगी ने ट्रंप के सीजफायर बढ़ाने के बयान को खारिज किया है. उन्होंने इसे “सरप्राइज अटैक” करने की एक रणनीति बताया. सलाहकार ने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर जारी प्रतिबंध के खिलाफ सैन्य प्रतिक्रिया की जरूरत है.




