परमाणु हमले के बाद कहां छिपें, कैसे रेडिएशन से बचें, ईरान ने जारी की एडवाइजरी... क्या सच में होने वाला है न्यूक्लियर अटैक?
ईरान पर अमेरिका परमाणु अटैक कर सकता है, जिसको लेकर अब ईरान ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी करके नागरिकों को बताया गया है धमाके बाद क्या करें?
Iran Nuclear Attack Advisory
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने नागरिकों को परमाणु हमले से बचाव के तरीके बताने शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार हमले की धमकियों के बीच ईरान के सरकारी टीवी और समाचार एजेंसियों ने एक खास एडवाइजरी जारी की है. इसमें बताया गया है कि अगर देश पर परमाणु हमला होता है, तो लोगों को खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करना चाहिए.
करीब आठ मिनट के इस वीडियो में धमाके के समय और उसके बाद उठाए जाने वाले जरूरी कदमों की जानकारी दी गई है. लोगों को तेज रोशनी से नजरें बचाने, सुरक्षित जगह पर छिपने और रेडियोएक्टिव धूल से दूर रहने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, खाने-पीने की चीजों, कपड़ों और कुछ खास दवाओं को लेकर भी सावधानियां बताई गई हैं. इस एडवाइजरी का खास महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसे ऐसे इलाके से जारी किया गया है जहां ईरान का अहम परमाणु केंद्र मौजूद है.
अटैक होने पर सबसे पहले क्या करें?
ईरान की एडवाइजरी में कहा गया है कि परमाणु विस्फोट के समय सबसे पहले अपनी आंखों को तेज रोशनी से बचाना जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति खुले स्थान पर है, तो उसे किसी मजबूत दीवार या दूसरी सुरक्षित आड़ के पीछे छिप जाना चाहिए. इसके बाद जमीन पर लेटकर सिर और चेहरे को ढक लेना चाहिए.
धमाके से उठने वाली तेज लहर गुजरने के बाद जल्द से जल्द किसी मजबूत इमारत के अंदर पहुंचने की सलाह दी गई है. वहां खिड़कियों और बाहरी दीवारों से दूर रहना चाहिए. संभव हो तो बेसमेंट या इमारत के बीच वाले हिस्से में शरण लेनी चाहिए, क्योंकि वहां बाहर से आने वाले रेडिएशन का खतरा तुलनात्मक रूप से कम हो सकता है.
रेडिएशन से बचने के लिए क्या करें?
एडवाइजरी में रेडियोएक्टिव धूल से बचने के लिए कुछ खास सावधानियां बताई गई हैं. अगर कोई व्यक्ति धमाके के बाद बाहर था, तो उसे अपने बाहरी कपड़े सावधानी से उतारकर एक बंद बैग में रखने चाहिए. इसके बाद साबुन और पानी से अच्छी तरह नहाने की सलाह दी गई है. लोगों को घर या सुरक्षित ठिकाने के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के लिए कहा गया है. बाहर की हवा अंदर लाने वाले एयर कंडीशनर और वेंटिलेशन सिस्टम भी बंद कर देने चाहिए. खाने के लिए पैक्ड भोजन और पीने के लिए बोतलबंद पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. साथ ही, कम से कम 24 घंटे तक सुरक्षित जगह पर रहने की तैयारी रखने को कहा गया है.
किन दवाओं का किया गया जिक्र?
ईरान की गाइडलाइन में रेडिएशन से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं का भी जिक्र है. हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना आयोडीन की गोलियां नहीं खानी चाहिए. इस्फहान की प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी सर्विसेज के प्रवक्ता अब्बास आबेदी के मुताबिक, कुछ खास परिस्थितियों में स्टेबल आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि में रेडियोएक्टिव आयोडीन के जमा होने की मात्रा कम कर सकता है लेकिन यह परमाणु विस्फोट से निकलने वाले दूसरे रेडियोएक्टिव पदार्थों या हर तरह के विकिरण से सुरक्षा नहीं देता.
किसने जारी किया वीडियो?
यह वीडियो ईरान के इस्फहान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं की ओर से जारी किया गया है. इसी प्रांत में नतांज परमाणु केंद्र स्थित है. इसके अलावा, नतांज के पास पहाड़ के भीतर गहराई में बने परमाणु ठिकाने 'पिकैक्स माउंटेन' को लेकर भी चर्चा हो रही है.




