अमेरिकी युद्धपोतों की एंट्री से गरमाया होर्मुज, Iran की ‘फाइनल वॉर्निंग’, जानें कैसे टला बड़ा टकराव?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोतों की एंट्री ने उस वक्त तनाव बढ़ा दिया, जब इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता जारी थी. इस दौरान अमेरिकी युद्धपोत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में घुस गए.
Iran-America Tension: शनिवार को इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू होने ही वाली थी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुई एक घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम को लगभग पटरी से उतार दिया. इससे पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही अहम बातचीत पर भी खतरा मंडराने लगा.
इसी दौरान अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के नेता छह हफ्तों से चल रही पश्चिम एशिया की जंग को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे थे. इस कदम को वॉशिंगटन द्वारा होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण के दावे को चुनौती देने के तौर पर देखा गया. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर दावा किया कि अमेरिका अब होर्मुज को साफ कर रहा है.
CENTCOM ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बाद में पुष्टि की कि नौसेना के दो गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाजों ने होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का ऑपरेशन चलाया, ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रह सके.
CENTCOM के बयान के मुताबिक, "USS Frank E. Peterson (DDG 121) और USS Michael Murphy (DDG 112) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए अरब सागर क्षेत्र में ऑपरेशन किया. इसका मकसद उन समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना था, जिन्हें पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बिछाया था."
ईरान ने क्या कहा?
इस घटना की जानकारी इस्लामाबाद में मौजूद ईरानी अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पाकिस्तान से कहा कि वह अमेरिका से अपने जहाज 30 मिनट के भीतर वापस बुलाने को कहे, वरना IRGC की ओर से हमले का सामना करना पड़ सकता है.
इसके बाद होर्मुज के पानी में तनाव और बढ़ गया, जब IRGC के बलों ने अमेरिकी युद्धपोतों को बार-बार चेतावनी दी कि वे वापस लौट जाएं, नहीं तो परिणाम भुगतने होंगे. एक रेडियो बातचीत, जिसे पास के एक नागरिक जहाज के क्रू मेंबर्स ने रिकॉर्ड किया और जिसकी जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी, इस टकराव को दिखाती है. ईरानी बलों ने चेतावनी दी, “यह आखिरी चेतावनी है, यह आखिरी चेतावनी है.”
अमेरिकी जहाजों ने क्या कहा?
इसके जवाब में अमेरिकी जहाज ने कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गुजर रहे हैं. हमारा आपको चुनौती देने का इरादा नहीं है और हम अपने सरकार के युद्धविराम के नियमों का पालन कर रहे हैं." पहले ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिकी जहाज वापस लौट गए, लेकिन बाद में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पुष्टि की कि वे बिना ईरान को जानकारी दिए होर्मुज से गुजर गए.
ईरान-अमेरिकी बातचीत का क्या कोई निकला हल?
CENTCOM ने अपने बयान में यह भी कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी बल, जिनमें पानी के अंदर काम करने वाले ड्रोन भी शामिल हैं, इस सफाई अभियान में शामिल होंगे. आखिरकार, इस्लामाबाद में हुई बातचीत से कोई ठोस समझौता नहीं निकल सका. बातचीत खत्म होने के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा, "बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके- और मुझे लगता है कि यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है. हम बिना समझौते के अमेरिका लौट रहे हैं."




