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बेहद फिट है 90s की ये Bollywood एक्ट्रेस, 63 साल की उम्र में दे रही यंग फिटनेस मॉडल्स को टक्कर

63 साल की उम्र में Anita Raj अपनी फिटनेस और स्ट्रेंथ से नए बेंचमार्क सेट कर रही हैं. उनके वर्कआउट वीडियो लोगों को हैरान कर रहे हैं. उनकी ट्रेनिंग करने का तरीका काफी परफेक्ट है.

बेहद फिट है 90s की ये Bollywood एक्ट्रेस, 63 साल की उम्र में दे रही यंग फिटनेस मॉडल्स को टक्कर
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( Image Source:  Insta- @anitaraaj )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 12 April 2026 11:16 AM IST

Anita Raj Fitness: वेटरन एक्ट्रेस Anita Raj 63 साल की उम्र में भी फिटनेस के मायने बदलती नजर आ रही हैं. उनके हालिया वर्कआउट वीडियो सिर्फ एक्टिव रहने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके शरीर पर बेहतरीन कंट्रोल, ताकत और अनुशासन को दिखाते हैं.

केटलबेल एक्सरसाइज से लेकर जिमनास्टिक रिंग्स तक, अनीता जिम में सिर्फ वर्कआउट नहीं करतीं, बल्कि हर मूवमेंट को शानदार तालमेल और पावर के साथ निभाती हैं. उनकी परफॉर्मेंस इतनी दमदार है कि वह अपनी उम्र से आधी उम्र के लोगों को भी कड़ी चुनौती देती दिखती हैं. उनके इंस्टाग्राम वीडियोज में फिटनेस का एक संतुलित और मल्टी-डायमेंशनल तरीका नजर आता है, जिसमें स्ट्रेंथ, स्टेबिलिटी और कार्डियो तीनों पर बराबर फोकस है.

अनीता राज से क्या मिलती है सीख?

अनीता राज की फिटनेस जर्नी यह साफ कर देती है कि उम्र केवल एक संख्या है. उनके वीडियो यह प्रेरणा देते हैं कि सही ट्रेनिंग, निरंतर अभ्यास और मजबूत इरादों के साथ 60 की उम्र भी सबसे ज्यादा ताकतवर दौर बन सकती है.

वर्कआउट रूटीन में क्या है शामिल?

उनके वर्कआउट रूटीन में फार्मर्स वॉक शामिल है, जिसमें वह भारी केटलबेल उठाकर चलती हैं. यह एक्सरसाइज ग्रिप स्ट्रेंथ, कोर स्टेबिलिटी और पूरे शरीर के संतुलन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है. इसके बाद वह प्लैंक पोजीशन में केटलबेल रो करती हैं, जिसमें शरीर को स्थिर रखने के लिए काफी ताकत और कंट्रोल की जरूरत होती है.

उनके ट्रेनिंग सेशन का सबसे खास हिस्सा जिमनास्टिक रिंग्स पर किया गया अभ्यास है. यहां वह असिस्टेड पुल-अप्स और एल-सिट होल्ड्स करती हैं, जो कंधों की मजबूती, संतुलन और फोकस को बेहतर बनाने के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण एक्सरसाइज मानी जाती हैं.

एक अन्य वीडियो में अनीता डंबल्स के साथ कर्ल और प्रेस करती दिखाई देती हैं, जिसमें लोअर बॉडी की ताकत और ओवरहेड मूवमेंट का कॉम्बिनेशन होता है. इसके अलावा वह पुलडाउन, सीटेड रो और वेटेड एब्डॉमिनल एक्सरसाइज भी करती हैं. इन एब्डॉमिनल मूवमेंट्स में वह योगा ब्लॉक्स और वेट प्लेट्स का इस्तेमाल कर अपने कोर को और मजबूत बनाती हैं.

महिलाओं के लिए कितना जरूरी है वर्कआउट?

भले ही अनीता का वर्कआउट देखने में आसान लगे, लेकिन इसके पीछे छिपे फायदे काफी गहरे हैं. World Health Organisation और National Institutes of Health के मुताबिक, बढ़ती उम्र में महिलाओं के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत होती है.

किस गंभीर बीमारी समस्या से बचाता है वर्कआउट?

30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में हर दशक में करीब 3 से 5 प्रतिशत तक मांसपेशियां कम होने लगती हैं, जिसे सारकोपीनिया कहा जाता है. वहीं मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन में कमी आने से हड्डियों की घनत्व तेजी से घटती है.

ऐसे में केटलबेल और डंबल जैसी रेजिस्टेंस ट्रेनिंग हड्डियों पर जरूरी दबाव बनाती है, जिससे उनकी मजबूती बढ़ती है और फ्रैक्चर व ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है. डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को हर हफ्ते 150 से 300 मिनट तक मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए. इसके साथ ही हफ्ते में कम से कम दो दिन मसल्स को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करना भी जरूरी माना गया है.

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