क्या बार-बार बदलता है पीरियड ब्लड का कलर, तो समझें कब है खतरे की घंटी? डार्क ब्राउन से लेकर ग्रे तक जानें खून के रंग का मतलब
पीरियड्स के दौरान ब्लड का रंग हर महिला में अलग-अलग हो सकता है. यह शरीर के अंदर हो रहे बदलाव, हार्मोन और ब्लड फ्लो की स्पीड पर निर्भर करता है.
पीरियड ब्लड के बदलते रंग का मतलब
पीरियड्स के दौरान ब्लड का रंग हमेशा एक जैसा नहीं रहता. कभी यह हल्का लाल होता है, तो कभी गहरा भूरा या फिर थोड़ा गुलाबी भी नजर आ सकता है. कई बार यह बदलाव सामान्य होते हैं, लेकिन कभी-कभी यह शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव या किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकते हैं. इसलिए ब्लड के रंग में बदलाव को समझना बहुत जरूरी हो जाता है.
डार्क ब्राउन से लेकर ग्रे रंग तक हर शेड के पीछे अलग कारण छिपा होता है. जहां कुछ बदलाव सामान्य माने जाते हैं, वहीं कुछ रंग ऐसे भी हैं जो इंफेक्शन, हार्मोनल इंबैलेंस या अन्य गंभीर स्थितियों की ओर इशारा कर सकते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कब बदलाव नॉर्मल है और कब डॉक्टर से सलाह लेना सही रहेगा.
ब्राउन पीरियड ब्लड
भूरा रंग आमतौर पर पुराने खून का साइन होता है. जब ब्लड धीरे-धीरे बाहर आता है, तो उसे ऑक्सीडाइज होने का समय मिल जाता है, जिससे उसका रंग भूरा हो जाता है.
- पीरियड्स की शुरुआत या अंत में
- पिछले पीरियड का बचा हुआ खून
- प्रेग्नेंसी के शुरुआती संकेत (इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग)
- डिलीवरी के बाद (लोचिया)
- आमतौर पर यह नॉर्मल होता है, चिंता की बात नहीं.
ब्राइट रेड पीरियड ब्लड का मतलब
यह ताजा खून होता है जो तेजी से शरीर से बाहर निकलता है.
- पीरियड्स की शुरुआत में
- नॉर्मल और हेल्दी फ्लो
- लेकिन अगर यह बहुत ज्यादा या पीरियड्स के बीच में आए, तो यह इन्फेक्शन, फाइब्रॉइड या मिसकैरेज का संकेत भी हो सकता है.
डार्क रेड पीरियड ब्लड का मतलब?
गहरा लाल रंग तब दिखता है जब खून कुछ समय तक यूट्रस में रहता है और फिर बाहर निकलता है.
- सुबह उठते समय डार्क रेड ब्लड हो सकता है.
- पीरियड्स के आखिरी दिनों में अक्सर डार्क रेड ब्लड दिखाई देता है.
- डिलीवरी के बाद शुरुआती दिनों में भी खून का रंग गहरा लाल हो जाता है.
- यह भी ज्यादातर मामलों में सामान्य माना जाता है.
गुलाबी पीरियड ब्लड का कारण
गुलाबी रंग तब दिखता है जब खून सर्वाइकल फ्लूइड के साथ मिल जाता है.
- पीरियड्स की शुरुआत या अंत
- ओव्यूलेशन के दौरान
- शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी
- अगर बार-बार ऐसा हो, तो हार्मोनल इंबैलेंस की जांच जरूरी हो सकती है.
पीरियड में ऑरेंज ब्लड क्यों होता है?
यह रंग खून और अन्य फ्लूइड के मिक्स होने से बनता है.
- कभी-कभी इम्प्लांटेशन
- बैक्टीरियल या STI इन्फेक्शन
- अगर इसके साथ बदबू या जलन हो, तो डॉक्टर को दिखाएं.
काला ब्लड का मतलब?
काला रंग भी पुराने खून का ही रूप होता है, जो शरीर में ज्यादा समय तक रुका रहता है.
- पीरियड्स के शुरुआत या अंत में
- अगर बदबू, खुजली या दर्द हो, तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है.
ग्रे ब्लड
अगर आपक पीरियड ब्लड का रंग ग्रे हो जाए, तो यह नॉर्मल कंडीशन नहीं है.
- इन्फेक्शन (जैसे बैक्टीरियल वैजिनोसिस)
- मिसकैरेज
- इस कंडीशन में तुरंत डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करना जरूरी है.
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
- बहुत ज्यादा ब्लीडिंग या बड़े क्लॉट्स
- तेज दर्द या चक्कर
- बदबूदार डिस्चार्ज
- पीरियड्स के बीच में बार-बार ब्लीडिंग
- प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह का ब्लीड
पीरियड्स ब्लड का रंग आपके शरीर की कंडीशन का साइन देता है. हर रंग का मतलब अलग होता है और हर बार घबराने की जरूरत नहीं होती. लेकिन अगर रंग के साथ असामान्य लक्षण दिखें, तो समय पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम होता है.




