तनाव के बीच पाकिस्तान में भारत की एंट्री, कौन हैं आलोक डिमरी, जो SCO समिट में हुए शामिल? जानें कौन- कौन से देश संगठन का हिस्सा
पाकिस्तान से तनाव के बीच भारत का प्रतिनिधिमंडल SCO की बैठक के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है. जानिए कौन हैं आलोक डिमरी और SCO में कौन-कौन से देश शामिल हैं.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्रीय समन्वयकों की तीन दिवसीय बैठक चल रही है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अगले साल होने वाले SCO के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन की तैयारियां करना और संगठन के सदस्य देशों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करना है.
भारत भी इस बैठक में हिस्सा ले रहा है. भारत के नेशनल कॉर्डीनेटर आलोक डिमरी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है. पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद यह पहला मौका है जब भारत का ऐसा प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए इस्लामाबाद गया है. पाकिस्तान के नेशनल कॉर्डिनेटर मोहम्मद फैसल इस तीन दिवसीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. बैठक 28 से 30 सितंबर तक हो रही है.
कौन हैं आलोक डिमरी?
आलोक अमिताभ डिमरी का राजनयिक करियर भारत की विदेश नीति और दूसरे देशों के साथ संबंधों से जुड़ा रहा है. विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार, 2021 में जब वह किर्गिज गणराज्य में भारत के राजदूत थे, तब उन्हें ब्रुनेई दारुस्सलाम में भारत का अगला हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया था. वह जनवरी 2019 से फरवरी 2022 तक किर्गिज गणराज्य में भारत के राजदूत रहे. इसके बाद मार्च 2022 से उन्होंने ब्रुनेई दारुस्सलाम में भारत के हाई कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाली.
इससे पहले भी डिमरी विदेश मंत्रालय में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं. Garhwal Post की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह विदेश मंत्रालय में Director (South) के पद पर रहे. 2015 से 2018 के बीच उन्होंने Multilateral Economic Relations Division की जिम्मेदारी भी संभाली.
इस विभाग में उनका काम G20, BRICS, IBSA, OECD, WTO और UNCTAD जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मंचों से जुड़े मामलों को देखना था. यानी उनके करियर में अलग-अलग देशों के साथ भारत के संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ काम करने का भी लंबा अनुभव रहा है.
चीन और संयुक्त राष्ट्र में भी किया काम?
डिमरी ने अपने शुरुआती राजनयिक करियर में चीन, मंगोलिया और ताइपे में भी काम किया. इसके अलावा न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली.
चीन में काम करने का उनका अनुभव बाद में SCO से जुड़े काम में भी काम आया. अप्रैल 2026 में भारत और चीन के SCO National Coordinators के बीच नई दिल्ली में दो दिन की बातचीत हुई थी. भारतीय पक्ष का नेतृत्व आलोक अमिताभ डिमरी ने किया था, जबकि चीन की ओर से यान वेनबिन ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था. South China Morning Post ने इसे SCO से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच पहली विशेष द्विपक्षीय बातचीत के तौर पर रिपोर्ट किया था.
किताबों के भी शौकीन हैं डिमरी?
आलोक डिमरी की प्रोफाइल का एक दिलचस्प पहलू किताबों के प्रति उनका लगाव भी है. 2023 में Garhwal Post ने उनकी देहरादून यात्रा की रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इस दौरान डिमरी देहरादून की एक पुरानी किताबों की दुकान पहुंचे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें किताबें पढ़ने का काफी शौक है और उन्होंने खास तौर पर इतिहास से जुड़ी किताबों में रुचि दिखाई.
भारतीय राजनयिक आलोक अमिताभ डिमरी का पैतृक गांव हिमालय की पहाड़ियों में स्थित डिम्मर है. उन्होंने दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से राजनीति विज्ञान में मास्टर्स और एमफिल की पढ़ाई की है.
2027 में इस्लामाबाद में होगा SCO शिखर सम्मेलन?
SCO के राष्ट्राध्यक्षों की अगली बैठक अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में प्रस्तावित है. मौजूदा बैठक इसी शिखर सम्मेलन की शुरुआती तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है. पाकिस्तान 2026-27 के लिए SCO Council of Heads of State यानी राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता कर रहा है.
पाकिस्तान ने अपनी अध्यक्षता के लिए थीम क्या रखी है?
इस बार की थीम- “Turning Vision into Action: Connectivity, Innovation and Shared Prosperity”. यानी साझा सोच को कार्रवाई में बदलना, कनेक्टिविटी, नवाचार और साझा समृद्धि पर जोर देना.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, उसकी अध्यक्षता के दौरान चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा-
1. बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना
2.नवाचार और इनोवेशन को प्रोत्साहित करना
3. आर्थिक सहयोग को मजबूत करना
4. लोगों के बीच संपर्क और संबंध बढ़ाना
पाकिस्तान का कहना है कि उसका उद्देश्य SCO के सदस्य देशों की साझा सोच को ऐसे व्यावहारिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी कार्यक्रमों में बदलना है, जिनसे संगठन के देशों के बीच सहयोग और मजबूत हो. इसके लिए पाकिस्तान सभी सदस्य देशों और SCO सचिवालय के साथ मिलकर काम करने की बात कह रहा है.
भारत के लिए क्यों अहम है यह बैठक?
इस बैठक में भारत की भागीदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच काफी टेंशन पैदा हुई थी, इसके बाद यह पहला ऐसा दौरा है, जिसमें भारत का प्रतिनिधिमंडल SCO की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है. इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 15-16 अक्टूबर 2024 को इस्लामाबाद का दौरा किया था. उन्होंने वहां SCO Council of Heads of Government की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था
क्या है SCO?
Shanghai Cooperation Organisation एक प्रमुख यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है. वहीं SCO Summit संगठन के सबसे अहम फैसले लेने वाले निकाय यानी Council of Heads of State की सालाना हाई लेवल मीटिंग को कहा जाता है. इसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेते हैं. SCO का गठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और सदस्य देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है.
SCO में कितने देश शामिल हैं?
1. चीन
2. रूस
3. भारत
4. पाकिस्तान
5. कजाकिस्तान
6. किर्गिस्तान
7. ताजिकिस्तान
8. उज्बेकिस्तान
9. ईरान
10. बेलारूस
भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूरे सदस्य बने थे. ईरान 2023 में पूर्ण सदस्य बना, जबकि बेलारूस को 2024 में संगठन की पूर्ण सदस्यता मिली.




