कठुआ में AK-47 से 18 राउंड फायरिंग! CISF कैंप में क्यों भिड़े जवान? 4 की मौत, आरोपी अवधेश गिरफ्तार- 10 Point में जानिए पूरी कहानी
कठुआ के CISF कैंप में AK-47 से 18 राउंड फायरिंग में 4 जवानों की मौत हो गई. आरोपी अवधेश कुमार सिंह गिरफ्तार, जानें विवाद से फायरिंग तक पूरी कहानी.
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में CISF कैंप के अंदर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया. घटना में एक ही फोर्स के चार जवानों की मौत हो गई. मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी बदलने के दौरान CISF कर्मियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इसी दौरान हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से साथियों पर गोली चला दी.
घटना के बाद कठुआ पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है. CISF मुख्यालय ने भी मामले की जांच के लिए Court of Inquiry के आदेश दिए हैं. फिलहाल फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर जांच जारी है.
1. कठुआ में CISF कैंप में आखिर क्या हुआ?
यह घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में SEWA-2 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF जवानों के कैंप में हुई. अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार शाम ड्यूटी बदलने के दौरान जवानों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई. बताया गया है कि विवाद बढ़ने के बाद CISF हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी. गोली लगने से चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. बाद में सभी ने दम तोड़ दिया. घटना को fratricide यानी एक ही सुरक्षा बल के जवानों के बीच हुई घातक फायरिंग के मामले के तौर पर देखा जा रहा है.
2. फायरिंग में किन चार CISF जवानों की मौत हुई?
इस घटना में चार CISF कर्मियों की मौत हुई है. मृतकों की पहचान इस प्रकार बताई गई है-
- असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे
- सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह
- कॉन्स्टेबल संजीव कुमार
- कॉन्स्टेबल मोहम्मद रफीक
इन चारों की तैनाती SEWA-2 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में थी.
3. आरोपी CISF जवान कौन है?
फायरिंग के मामले में CISF के हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया है. घटना के बाद कठुआ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं. फायरिंग के पीछे क्या वजह थी और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ, इसकी जानकारी जांच के बाद ही साफ होगी.
4. क्या ड्यूटी बदलने के दौरान हुआ था विवाद?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना के समय जवानों की ड्यूटी बदल रही थी. इसी दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर बहस हुई. इसके बाद स्थिति इतनी बिगड़ी कि कथित तौर पर फायरिंग हो गई. हालांकि, विवाद की शुरुआत किस मुद्दे से हुई और फायरिंग तक मामला कैसे पहुंचा, इसकी आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है. यही कारण है कि फिलहाल बहस के पीछे किसी खास कारण को अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं बताया जा सकता.
5. आरोपी के पास AK-47 और कितनी गोलियां थीं?
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के पास उसकी सरकारी AK-47 राइफल थी और उसके पास करीब 150 राउंड गोलियां होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, हथियार और गोला-बारूद से जुड़ी इन जानकारियों की जांच भी मामले की आधिकारिक जांच का हिस्सा है.
6. घटना के बाद पुलिस ने क्या किया?
फायरिंग की सूचना मिलते ही कठुआ जिला पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और आरोपी जवान को हिरासत में लिया. घटना की जांच कठुआ पुलिस को सौंपी गई है. इसके अलावा CISF के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है.
7. CISF ने जांच के लिए क्या कदम उठाया?
घटना को गंभीरता से लेते हुए CISF मुख्यालय ने Court of Inquiry के आदेश दिए हैं. इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना से पहले क्या हुआ, विवाद कैसे शुरू हुआ, फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई या नहीं. CISF के महानिदेशक पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं.
फायरिंग की असली वजह अभी तक क्यों साफ नहीं हुई? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक ही फोर्स के जवानों के बीच ऐसा क्या हुआ कि बात फायरिंग तक पहुंच गई. अभी तक अधिकारियों ने विवाद की वजह को लेकर कोई अंतिम जानकारी नहीं दी है. इसलिए सोशल मीडिया या शुरुआती सूत्रों के आधार पर किसी एक वजह को घटना का कारण मानना जल्दबाजी होगी. पुलिस पूछताछ और Court of Inquiry के बाद घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.
8. SEWA-2 प्रोजेक्ट कहां स्थित है?
जिस जगह यह घटना हुई, वह कठुआ जिले के माश्का इलाके में स्थित SEWA-2 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट है. यह इलाका हिमाचल प्रदेश की सीमा के करीब है और इसके दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश का चंबा जिला पड़ता है. प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए CISF की तैनाती की गई थी.
9. क्या यह वही पावर प्रोजेक्ट है जो कई साल से बंद है?
इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में SEWA-2 और SEWA-3 को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आ रहे हैं. इसलिए दोनों प्रोजेक्ट को एक ही मानना सही नहीं होगा. आपके दिए विवरण के मुताबिक, SEWA-3 प्रोजेक्ट रावी नदी पर बसोहली तहसील में स्थित है, जिसे 1993 में शुरू किया गया था. 2013 की बाढ़ में इसके करीब 300 मीटर लंबे हिस्से को नुकसान पहुंचने के बाद इसके बंद होने की बात कही गई है. हालांकि, मौजूदा फायरिंग SEWA-2 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के CISF कैंप में होने की जानकारी अधिकारियों से सामने आई है.
10. क्या आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है?
आरोपी CISF हेड कॉन्स्टेबल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. मामले की जांच कठुआ पुलिस कर रही है. साथ ही CISF की विभागीय जांच भी चल रही है. पुलिस जांच और Court of Inquiry से घटना के कानूनी और विभागीय पहलुओं की स्थिति आगे साफ होगी.




