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'तेल खरीदकर भारत कमा रहा खून का पैसा, जिससे लोगों की...'; US Trade Adviser ने भारत पर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिका के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को निशाना बनाया. उन्होंने दावा किया कि भारत रूस से तेल खरीदकर "रक्त पैसा" कमा रहा है और इस कदम से लोगों की जान खतरे में है. X ने उनके पोस्ट को "पाखंडी" बताते हुए फैक्ट-चेक किया, लेकिन नवारो ने इसे प्रचार और गलत रिपोर्ट करार दिया.

तेल खरीदकर भारत कमा रहा खून का पैसा, जिससे लोगों की...; US Trade Adviser ने भारत पर लगाए गंभीर आरोप
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( Image Source:  Social Media )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 9 Sept 2025 12:51 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने सोमवार को भारत के खिलाफ एक बार फिर तीखा हमला किया. इस बार उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को निशाना बनाया, जिसने उनके पोस्ट को फैक्ट-चेक कर 'हाइपोक्रीटिकल' टैग दिया था. नवारो ने दावा किया कि भारत ने रूस से तेल खरीदकर “ब्लड मनी” कमाई, और इसके कारण लोगों की जान जा रही है.

नवारो के इस बयान ने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार और विदेश नीति पर चल रहे विवाद को फिर से हवा दे दी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यू डेल्ही ने यूक्रेन संकट से पहले रूस का तेल बड़ी मात्रा में नहीं खरीदा था, लेकिन अब इस पर लाभ कमाने का काम कर रहा है.

नवारो का पोस्ट और आरोप

नवारो ने अपने ट्वीट में लिखा कि 'X से फिर बकवास. तथ्य: भारत ने रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने से पहले बड़ी मात्रा में रूसी तेल नहीं खरीदा था. यह खून का पैसा है और लोग मर रहे हैं. इसे अपनी पिछवाड़े में ठूंस लो, मदर जोन्स, और शर्म तुम्हें आए.

इसके पहले नवारो ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल आयात करके सिर्फ मुनाफा कमा रहा है और इसके जरिए रूस की युद्ध मशीन को पोषण मिल रहा है. उन्होंने कहा कि 'तथ्य: भारत के उच्चतम टैरिफ अमेरिकी नौकरियों की लागत बढ़ाते हैं. भारत केवल मुनाफा कमाने के लिए रूसी तेल खरीदता है, जिसकी आय रूस की युद्ध मशीन को फीड करती है. यूक्रेन और रूस के लोग मर रहे हैं. अमेरिकी करदाता ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं. भारत सच को नहीं झेल सकता. इसे तोड़मरोड़ कर पेश करता है @washpo, लेफ्टिस्ट अमेरिकी फेक न्यूज़.

फैक्ट-चेक और डबल स्टैंडर्ड का आरोप

एलन मस्क के स्वामित्व वाले X प्लेटफॉर्म ने नवारो के पोस्ट को फैक्ट-चेक करते हुए “हाइपोक्रीटिकल” टैग दिया. फैक्ट-चेक में यह भी बताया गया कि अमेरिका हर साल रूस से अरबों डॉलर के सामान, जैसे उर्वरक और यूरेनियम, आयात करता है, जिससे नवारो के आरोपों में दोहराव और डबल स्टैंडर्ड नजर आता है. एक नोट में कहा गया कि 'नवारो के दावे पाखंडी हैं. भारत द्वारा ऊर्जा सुरक्षा के लिए कानूनी और संप्रभु रूप से रूसी तेल की खरीद अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करती.

नवारो का प्रतिक्रिया और कड़ा रुख

नवारो ने फैक्ट-चेक पर तीखी प्रतिक्रिया दी और एलन मस्क पर प्लेटफॉर्म पर 'प्रोपेगेंडा' चलाने का आरोप लगाया. उन्होंने फैक्ट-चेक नोट्स को “क्रप नोट” करार दिया और फिर से जोर देकर कहा कि भारत के तेल आयात सिर्फ मुनाफे के लिए हैं.

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