Begin typing your search...

'इसमें हमारी भूमिका नहीं', काराकास में हुई फायरिंग पर अमेरिका का आया जवाब, करीब 45 मिनट तक हुई गोलीबारी | Videos

काराकास में राष्ट्रपति भवन के पास हुई गोलीबारी और संदिग्ध ड्रोन गतिविधि ने वेनेजुएला की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर ड्रोन को मार गिराया, जबकि शहर के कई इलाकों में 45 मिनट तक फायरिंग की आवाजें सुनी गईं. हालिया सैन्य कार्रवाई में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद शक अमेरिका पर गया, लेकिन व्हाइट हाउस ने किसी भी भूमिका से इनकार किया है.

इसमें हमारी भूमिका नहीं, काराकास में हुई फायरिंग पर अमेरिका का आया जवाब, करीब 45 मिनट तक हुई गोलीबारी | Videos
X
( Image Source:  X/@theinformant_x )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Updated on: 6 Jan 2026 9:26 AM IST

काराकास में राष्ट्रपति भवन के आसपास हुई अंधाधुंध फायरिंग ने एक बार फिर वेनेजुएला को अस्थिरता के दौर में धकेल दिया है. अचानक गोलियों की आवाज़ों और संदिग्ध ड्रोन की मौजूदगी ने राजधानी में दहशत फैला दी. हालात इतने संवेदनशील थे कि सेना को तुरंत एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव करना पड़ा. यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है, जब देश पहले ही सत्ता परिवर्तन और बाहरी दबाव से गुजर रहा है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक मिराफ्लोरेस पैलेस के ऊपर एक अज्ञात ड्रोन देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हरकत में आ गईं. सेना ने एंटी-एयरक्राफ्ट हथियारों का इस्तेमाल कर ड्रोन को मार गिराया. इसके तुरंत बाद बख्तरबंद गाड़ियां और भारी हथियारों से लैस जवान राष्ट्रपति भवन के चारों ओर तैनात कर दिए गए. सरकार ने इसे संप्रभुता पर हमला बताते हुए सख्त शब्दों में निंदा की.

45 मिनट तक गोलियों की आवाज़, बिजली गुल

स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काराकास के कई इलाकों में करीब 45 मिनट तक गोलीबारी की आवाज़ें सुनी गईं. कुछ लोगों ने ड्रोन या विमान जैसी आवाज़ों का भी जिक्र किया. इस दौरान कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई. हालांकि सरकार का दावा है कि हालात काबू में हैं, लेकिन ज़मीन पर डर का माहौल साफ दिखा.

शक अमेरिका पर

इस फायरिंग को सामान्य सुरक्षा घटना मानना मुश्किल इसलिए भी है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई कर वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क पहुंचाया था. उसी के बाद से देश में सत्ता, सुरक्षा और स्थिरता तीनों सवालों के घेरे में हैं. ऐसे में काराकास में हुई फायरिंग ने संदेह की सुई सीधे वॉशिंगटन की ओर मोड़ दी.

व्हाइट हाउस का इनकार: ‘हम शामिल नहीं’

इन अटकलों के बीच व्हाइट हाउस की ओर से बयान आया कि काराकास में हुई गोलीबारी और ड्रोन गतिविधि में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है. बयान में माना गया कि राष्ट्रपति भवन के पास फायरिंग और ड्रोन देखे गए, लेकिन इसे अमेरिकी कार्रवाई से जोड़ना गलत है. यह इनकार कूटनीतिक तौर पर अहम है, क्योंकि अमेरिका पर पहले से ही सत्ता परिवर्तन कराने के आरोप लग रहे हैं.

सत्ता परिवर्तन के बाद अस्थिरता के संकेत

यह पूरी घटना ऐसे समय पर हुई है, जब डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले चुकी हैं और देश का प्रशासन संक्रमण काल से गुजर रहा है. मादुरो न्यूयॉर्क की अदालत में खुद को निर्दोष बता चुके हैं, लेकिन वेनेजुएला के भीतर हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं.

सवाल अब यह नहीं कि गोली किसने चलाई, बल्कि यह है कि क्या यह फायरिंग आने वाले दिनों में और बड़े टकराव का संकेत है, जिसमें अमेरिका का नाम सीधे जुड़े या नहीं, उसका साया जरूर बना रहेगा.

वर्ल्‍ड न्‍यूज
अगला लेख