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मॉर्फीन से 200 गुना पावरफुल और बेहद दुर्लभ, कितना घातक है डार्ट फ्रॉग टॉक्सिन, जिससे की गई पुतिन के विरोधी एलेक्सी की हत्या?

पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलनी की मौत के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. ब्रिटेन ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक खास तरह के ज़हर से मारा गया है, जिसे डार्ट मेंढक की स्किन से निकाला जाता है.

मॉर्फीन से 200 गुना पावरफुल और बेहद दुर्लभ, कितना घातक है डार्ट फ्रॉग टॉक्सिन, जिससे की गई पुतिन के विरोधी एलेक्सी की हत्या?
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( Image Source:  X-@navalny )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Published on: 16 Feb 2026 12:39 PM

Russia: रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत को लेकर ब्रिटेन और उसके कुछ यूरोपीय सहयोगियों ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि नवलनी की हत्या एक बेहद घातक टॉक्सिक पदार्थ से की गई, जो दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले जहरीले डार्ट मेंढकों की स्किन से मिलता है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नवलनी के शरीर से लिए गए नमूनों में एपिबैटिडीन नामक न्यूरोटॉक्सिन के अंश पाए गए. बयान में कहा गया कि यही पदार्थ दो साल पहले साइबेरिया में उनकी मौत का कारण बना है. सहयोगी देशों ने इसके पीछे रूस का हाथ बताया है. हालांकि रूस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, मॉस्को ने इसे इनफोर्मेशन कैंपेन बताया है.

एपिबैटिडीन क्या है?

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, टॉक्सिकोलॉजी विशेषज्ञ जिल जॉनसन का कहना है कि एपिबैटिडीन एक नेचुरल न्यूरोटॉक्सिन है, जिसे इक्वाडोर में पाए जाने वाले पॉइजन डार्ट फ्रॉग की त्वचा से अलग किया गया था. यह मॉर्फीन से लगभग 200 गुना ज्यादा ताकतवर होता है.

कहां मिलता है एपिबैटिडीन टॉक्सिन?

यह विष दक्षिण अमेरिका के जंगलों में पाए जाने वाले कुछ डार्ट मेंढकों में नेचुरली से मिलता है, हालांकि इसे लैब में भी तैयार किया जा सकता है. यूरोपीय सहयोगियों के बयान में कहा गया कि कैद में रखे गए डार्ट मेंढक यह ज़हर नहीं बनाते और यह पदार्थ रूस में प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता है.

एंथनीज़ पॉइजन एरो फ्रॉग और फैंटास्मल पॉइजन फ्रॉग जैसी प्रजातियां अपनी स्किन पर यह विष छोड़ती हैं. एपिबैटिडीन पर पेन रिलीफ और सूजन संबंधी फेफड़ों की बीमारियों के इलाज के तौर रिसर्च की गई थी. लेकिन इसकी ज्यादा टॉक्सीसिटी की वजह से इसे मेडिकल इस्तेमाल के लिए सही नहीं माना गया.

कैसे काम करता है यह ज़हर?

जिल जॉनसन के मुताबिक, यह टॉक्सिन नर्वस सिस्टम में निकोटिनिक रिसेप्टर्स पर असर डालता है. यह इन रिसेप्टर्स को अत्यधिक उत्तेजित कर देता है. सही मात्रा में दिए जाने पर यह मांसपेशियों में झटके, लकवा, दौरे, दिल की धड़कन धीमी होना, सांस रुकना और अंततः मौत का कारण बन सकता है.

इसके प्रभाव से सांस लेने की प्रक्रिया रुक सकती है और जहर देने पर व्यक्ति की मौत दम घुटने से होती है. उन्होंने कहा कि किसी शख्स के खून में इस विष का मिलना जानबूझकर दिए जाने की ओर इशारा करता है. प्रोफेसर हे ने यह भी बताया कि कुछ दवाओं के साथ मिलाने पर इसकी टॉक्सीसिटी और बढ़ सकती है.

कितना दुर्लभ है यह ज़हर?

जॉनसन के मुताबिक, एपिबैटिडीन बेहद दुर्लभ है और यह केवल एक खास भौगोलिक क्षेत्र में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है. माना जा रहा है कि जिस मेंढक का जिक्र ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने किया, वह एंथनीज़ पॉइजन एरो फ्रॉग है, जो इक्वाडोर और पेरू में पाया जाता है.

ये मेंढक खास तरह का खाना खाते हैं. जिससे उनके शरीर में एल्कलॉइड नाम का एक केमिकल बनता है और वही एपिबैटिडीन का निर्माण करता है. यदि उनके भोजन में बदलाव आ जाए तो उनके शरीर में इस विष की मात्रा भी कम हो जाती है.

रूस ने क्या कहा?

यूरोपीय प्रयोगशालाओं ने शनिवार को पुष्टि की कि नवलनी की मौत इस दुर्लभ जहर से हुई है. इससे पहले मॉस्को ने दावा किया था कि नवलनी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनाया लगातार कहती रही हैं कि उनके पति की जहर देकर हत्या की गई. लंदन में रूसी दूतावास ने मॉस्को की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया और इस घोषणा को 'पश्चिमी कल्पना' और 'नेक्रो-प्रोपेगेंडा' बताया.

मौत के वक्त कहां थे एलेक्सी नवलनी?

मौत के समय 47 वर्षीय नवलनी तीन साल से जेल में थे और बाद में उन्हें आर्कटिक क्षेत्र की एक पेनल कॉलोनी में शिफ्ट कर दिया गया था. रूसी अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने थोड़ी देर टहलने के बाद अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की, फिर गिर पड़े और दोबारा होश में नहीं आए.

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