Hormuz में निशाने पर भारत, पहले हुई फायरिंग और अब गुजरात आ रहे जहाज को किया जब्त
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को दो जहाजों को निशाना बनाकर जब्त कर लिया, जिनमें एक गुजरात जा रहा कार्गो शिप भी शामिल बताया जा रहा है.
मीडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को दो जहाजों को निशाना बनाकर जब्त कर लिया. Marinetraffic वेबसाइट के अनुसार, EPAMINONDAS दुबई के जेबेल अली से गुजरात की ओर जा रहा था.
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दो हफ्ते के नाजुक सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान किया था, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Strait of Hormuz से गुजरने की कोशिश कर रहे इन जहाजों पर कार्रवाई की गई. इससे पहले भी भारत की ओर जा रहे जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे भारत-ईरान संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का असर सीधे वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर पड़ता है. ऐसे में ईरान की इस कार्रवाई ने न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है.
ईरान की इस कार्रवाई को सिर्फ एक समुद्री सुरक्षा कदम नहीं, बल्कि एक सख्त राजनीतिक और सैन्य संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर तब, जब ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है. इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में टकराव की आशंका को और बढ़ा दिया है.
कौन से जहाज जब्त किए गए और क्या हैं आरोप?
IRGC ने जिन दो जहाजों को कब्जे में लिया है, उनके नाम 'MSC-FRANCESCA' और 'EPAMINODES' बताए जा रहे हैं. ईरान का आरोप है कि ये जहाज बिना जरूरी परमिट के समुद्री क्षेत्र में संचालन कर रहे थे और उन्होंने नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला.
IRGC ने साफ कहा कि 'दो उल्लंघन करने वाले जहाज, ‘MSC-FRANCESCA’ (जिसे ज़ायनिस्ट शासन से जुड़ा बताया गया है) और ‘EPAMINODES’, जिन्होंने आवश्यक अनुमति के बिना संचालन करके और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला, उन्हें IRGC नौसेना ने जब्त कर लिया और ईरान के तट की ओर ले जाया गया.'




