Epstein Files: हाई-प्रोफाइल सोशलाइट से S*# ट्रैफिकिंग तक, एपस्टीन की काली करतूतों में बराबर की भागीदार Ghislaine Maxwell कौन?
एपस्टीन सेक्स ट्रैफिकिंग केस में गिस्लेन मैक्सवेल को अमेरिकी अदालत ने दोषी साबित होने के बाद 20 साल की सजा सुनाई थी. जानिए उसका पारिवारिक बैकग्राउंड, एपस्टीन से संबंध और उसके करतूतों के बारे में सबकुछ.
एपस्टीन फाइल्स के खुलासों के बीच जिस नाम ने दुनिया भर में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह है गिस्लेन मैक्सवेल. कभी न्यूयॉर्क के हाई-प्रोफाइल सर्किल में प्रभावशाली सोशलाइट के रूप में पहचान रखने वाली मैक्सवेल पर आरोप है कि उसने जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर नाबालिग लड़कियों को शोषण के जाल में फंसाने में अहम भूमिका निभाई.
ब्रिटिश मीडिया टायकून की बेटी से लेकर अमेरिकी फेडरल जेल तक का उसका सफर सिर्फ एक व्यक्तिगत गिरावट की कहानी नहीं, बल्कि सत्ता, पैसा और रसूख के उस अंधेरे गठजोड़ की भी दास्तान है, जिसने सालों तक एक संगठित नेटवर्क को पर्दे के पीछे संचालित होने दिया.
एपस्टीन की संदिग्ध मौत के बाद जब जांच की परतें खुली, तो मैक्सवेल का नाम इस पूरे केस की केंद्रीय कड़ी के रूप में सामने आया और यहीं से शुरू हुई उसकी कानूनी लड़ाई, जिसने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी. एपस्टीन फाइल्स से यह मामला भी प्रकाश में आया है कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम और दुनिया के चर्चित क्रिकेटर इमरान खान से भी मैक्सवेल का संबंध था
हाई-प्रोफाइल सोशलाइट से साजिश तक
जेफ्री एपस्टीन S*# ट्रैफिकिंग केस में जिस नाम ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं, वह था गिस्लेन मैक्सवेल का. ब्रिटिश सोशलाइट और प्रभावशाली कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाली मैक्सवेल पर आरोप था कि उसने एपस्टीन के साथ मिलकर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर शोषण के जाल में फंसाया. माला सामने आने के बाद अदालत में चले लंबे ट्रायल के बाद उसे दोषी ठहराया गया और जेल की सजा सुनाई गई.
विवादित मीडिया टायकून की बेटी Ghislaine Maxwell कौन?
गिस्लेन मैक्सवेल का जन्म 1961 में फ्रांस में हुआ था. वह ब्रिटिश मीडिया टायकून रॉबर्ट मैक्सवेल की बेटी हैं. रॉबर्ट मैक्सवेल 1990 के दशक में एक बड़े वित्तीय घोटाले के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में समुद्र में मृत पाए गए थे. पिता की मौत के बाद परिवार की प्रतिष्ठा और संपत्ति दोनों पर सवाल उठे. इसी दौर में गिस्लेन अमेरिका चली गई और न्यूयॉर्क के हाई-प्रोफाइल सामाजिक दायरे में सक्रिय हो गई.
कैसे हुई जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात और बढ़ी नजदीकियां?
1990 के दशक की शुरुआत में मैक्सवेल की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई. इसके बाद वह उसके साथ कई सार्वजनिक आयोजनों में नजर आने लगी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, मैक्सवेल ने एपस्टीन के लिए लड़कियों की भर्ती करने, उन्हें विश्वास में लेने और कथित तौर पर शोषण के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई.
आरोप क्या थे?
अमेरिकी अभियोजकों ने मैक्सवेल पर नाबालिग लड़कियों को यौन शोषण के लिए तैयार करने, उन्हें बहकाने और ट्रैफिकिंग साजिश का हिस्सा बनने जैसे गंभीर आरोप लगाए. 2021 में न्यूयॉर्क की अदालत में चले ट्रायल में जूरी ने उसे कई आरोपों में दोषी ठहराया.
सजा और लीगल स्टेटस
जून 2022 में अदालत ने गिस्लेन मैक्सवेल को 20 साल की सजा सुनाई. वह फिलहाल अमेरिकी संघीय जेल में बंद है. मैक्सवेल की कानूनी टीम ने फैसले के खिलाफ अपील की है, लेकिन अब तक सजा बरकरार है.
पीड़िता के बयान और ट्रायल की अहमियत
ट्रायल के दौरान कई महिलाओं ने अदालत में गवाही दी कि उन्हें किशोरावस्था में एपस्टीन और मैक्सवेल के नेटवर्क द्वारा शोषण का शिकार बनाया गया. इस केस ने सत्ता, पैसे और प्रभाव के दुरुपयोग पर वैश्विक बहस छेड़ दी.
क्यों अहम है यह मामला?
एपस्टीन की 2019 में जेल में संदिग्ध मौत के बाद मैक्सवेल का ट्रायल पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया. इस केस ने हाई-प्रोफाइल हस्तियों, नेटवर्किंग और शक्ति संरचना के उन पहलुओं को उजागर किया, जिन पर लंबे समय तक पर्दा पड़ा रहा.
ब्रिटिश सामाजिक कार्यकर्ता और Epstein की बेहद खास Ghislaine Maxwell को 2021 में कोर्ट ने 6 मामलों में दोषी ठहराया था, जिसमें बच्चों की यौन तस्करी भी शामिल थी! 1994 से 2004 के बीच यह औरत जेफरी एपस्टीन के लिए मासूम बच्चियों की तस्करी करती थी. हालांकि, Ghislaine Maxwell ने हर बार अपने जुर्म से इनकार किया. अदालत ने कई पीड़ितों के साक्ष्य और गवाही के आधार पर इस औरत को दोषी पाया.
अभी जेल में सजा काट रही है मैक्सवेल!
मैक्सवेल अभी वह जेल में सजा काट रही है. गिस्लेन मैक्सवेल की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की आपराधिक साजिश की दास्तान नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने पर भी सवाल उठाती है, जिसमें रसूख और संपर्क के दम पर लंबे समय तक गंभीर आरोपों से बचा जा सकता है। एपस्टीन केस आज भी दुनिया भर में चर्चा और जांच का विषय बना हुआ है.





