न टाइम, न नाम; तेहरान में तबाही का VIDEO शेयर कर क्या खोखले दावे कर रहे ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक बड़े हमले का दावा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 'तेहरान में हुए हमले में कई ईरानी सैन्य नेता मारे गए हैं.' ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक वीडियो पोस्ट किया.
अमेरिकी राष्ट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप
US-Iran Tensions: मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग अब तक रुकने का नाम नहीं ले रही है. अमेरिका-इजरायल मिलकर ईरान पर अटैक कर रहे हैं तो वहीं ईरान भी मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके दुनियाभर में हलचल पैदा कर दी है, दूसरी तरफ अमेरिका होर्मुज को खोलने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है. अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार नए-नए दावे कर रहे हैं. तो वहीं ईरान अमेरिका के सभी दावों को खारिज कर रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक बड़े हमले का दावा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 'तेहरान में हुए हमले में कई ईरानी सैन्य नेता मारे गए हैं.' ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें धमाकों और विमानों की आवाज सुनाई देती है. हालांकि, उन्होंने हमले का समय और इससे मारे गए ईरानी सैन्य नेताओं के नाम शेयर नहीं की. यह घटना ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को 48 घंटे में खोलने का अल्टीमेटम देने के बाद सामने आई है, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ऐसा न होने पर अमेरिका एक भयंकर हमला करेगा.
ट्रंप की धमकी पर क्या बोला ईरान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को ईरान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. ट्रंप ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का आग्रह किया था और चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करेगा. हालांकि, ईरान ने ट्रंप की धमकियों को मूर्खतापूर्ण करार दिया और इसे सिरे से नकार दिया.
ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय, खातम अल-अनबिया के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रंप की चेतावनी को मूर्खतापूर्ण कार्रवाई बताते हुए इसे सिरे से खारिज किया. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका को यह चेतावनी भी दी कि यदि वह इस प्रकार की धमकियां जारी रखेगा, तो तुम्हारे लिए भी नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे.
कब खुलेगा होर्मुज?
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने के बाद दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत देखने को मिल रही है. एशिया से लेकर यूरोप तक के देश इसको लेकर रणनीति बना रहे हैं. हालांकि होर्मुज को लेकर ईरान ने अपने मित्र देशों के लिए नरम रुख जरूर अपनाया है जिसके चलते भारत के कई जहाज भी जंग के बीच एलपीजी लेकर आ चुके हैं. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर होर्मुज कब खुलेगा? अगर लंबे समय तक ये जंग जारी रही और होर्मुज बंद रहा तो दुनियाभर में इसका असर देखने को मिलेगा.




