Iran War: Trump का अल्टीमेटम और Israel कर रहा खास हमले की तैयारी, क्या 48 घंटों में कुछ होने वाला है बड़ा?
इजराइल और अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं. नेतन्याहू को केवल अमेरिका की मंजूरी का इंतेजार है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को अल्टीमेटम दिया हुआ है.
Iran War: इज़राइल, ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है, लेकिन इसके लिए वह अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. शनिवार को एक वरिष्ठ इज़राइली रक्षा अधिकारी ने बताया कि यदि हमला होता है, तो इसकी संभावना अगले एक हफ्ते के भीतर है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है, जिससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि क्या वाशिंगटन आगे की इज़राइली सैन्य कार्रवाई का समर्थन करेगा.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट में कहा, "याद रखें जब मैंने ईरान को 10 दिन का समय दिया था कि वह समझौता करे या होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोल दे. अब समय खत्म हो रहा है- 48 घंटे में उन पर कहर बरपेगा. भगवान की महिमा हो!"
यह युद्ध अब तक हजारों लोगों की जान ले चुका है, ऊर्जा संकट पैदा कर चुका है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाने की आशंका बढ़ा दी है. ईरान ने लगभग Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जहां से सामान्य रूप से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस गुजरती है.
ईरान ने इज़राइल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं और अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया है. हालांकि ये देश अब तक सीधे युद्ध में शामिल होने से बचते रहे हैं, क्योंकि उन्हें संघर्ष के और बढ़ने का डर है.
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, उसकी सेना ने अमेरिका के रडार ठिकानों, संयुक्त अरब अमीरात में एक अमेरिकी-समर्थित एल्युमिनियम प्लांट और कुवैत में अमेरिकी सैन्य मुख्यालय पर ड्रोन हमले किए. ये कार्रवाई ईरान के औद्योगिक केंद्रों पर हुए घातक हमलों के जवाब में की गई.
इससे पहले ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक इज़राइल से जुड़े जहाज पर ड्रोन हमला किया था, जिससे जहाज में आग लग गई थी. यह जानकारी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के कमांडर के हवाले से दी गई है.
दो अमेरिकी युद्धक विमानों के गिराए जाने की घटनाएं यह दिखाती हैं कि अमेरिकी और इज़राइली विमानों के लिए खतरा अभी भी बना हुआ है, जबकि ट्रंप और उनके रक्षा मंत्री Pete Hegseth का कहना था कि अमेरिका को ईरान के आसमान पर पूरी पकड़ हासिल है.
क्या ईरान ने गिराए अमेरिका का जेट?
शुक्रवार को ईरानी हमले में एक दो-सीटर अमेरिकी एफ-15ई जेट गिरा दिया गया. दोनों देशों के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है, जबकि एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान में एक क्रू सदस्य को सुरक्षित निकाल लिया गया.
आईआरजीसी ने क्या कहा?
लापता क्रू सदस्य की तलाश में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले का शिकार हुए, लेकिन वे सुरक्षित ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बताया कि वह उस इलाके की तलाशी ले रहा है जहां पायलट का विमान गिरा था. वहीं क्षेत्रीय गवर्नर ने घोषणा की है कि “दुश्मन के किसी भी सैनिक को पकड़ने या मारने वाले को सम्मानित किया जाएगा.”
एक अलग घटना में, एक ए-10 वार्थोग लड़ाकू विमान कुवैत के ऊपर क्षतिग्रस्त होकर गिर गया, हालांकि उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा. अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों से प्रभावित ईरान के लोग इन घटनाओं का जश्न मना रहे हैं.
क्या नए एयर डिफेंस सिस्टम का हुआ इस्तेमाल?
खातम अल-अंबिया संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि उसने शुक्रवार को एक नया एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल किया, जिसने एक अमेरिकी फाइटर जेट, तीन ड्रोन और दो क्रूज मिसाइलों को निशाना बनाया.
कमांड के प्रवक्ता ने कहा, "दुश्मन को यह समझ लेना चाहिए कि हम अपने देश के युवा, कुशल और गर्वित लोगों द्वारा विकसित नए एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भर हैं, जिन्हें लगातार मैदान में उतारा जा रहा है."
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी कहा कि उसने मिसाइलों और ड्रोन की एक लहर के जरिए इज़राइल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इज़राइली मीडिया के मुताबिक, ईरान की एक क्लस्टर मिसाइल के दो वारहेड तेल अवीव में स्थित किर्या सैन्य मुख्यालय के पास गिरे.




