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बांग्लादेश में चुनावी मुकाबला, मतदान से पहले जानें हर बड़े सवाल का जवाब

बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने हैं. इन चुनाव का असर दक्षिण एशिया पर पड़ने वाला है. ऐसा माना जा रहा है कि भारत की भी इन चुनावों पर पूरी नजर रहेगी.

बांग्लादेश में चुनावी मुकाबला, मतदान से पहले जानें हर बड़े सवाल का जवाब
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Updated on: 11 Feb 2026 2:43 PM IST

Bangladesh Elections 2026: 12 फरवरी को होने जा रहा बांग्लादेश का आम चुनाव सिर्फ ढाका की सत्ता बदलने का सवाल नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति पर पड़ सकता है. अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है, जिसने शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था.

आर्थिक दबाव, राजनीतिक ध्रुवीकरण, भारत-चीन प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों के बीच यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है. नई सरकार का रुख भारत, पाकिस्तान, चीन और पश्चिमी देशों के साथ रिश्तों को किस दिशा में ले जाएगा इस पर नज़रे टिकी हुई हैं.

Bangladesh Elections 2026- FAQs

  • बांग्लादेश में चुनाव कब हो रहे हैं और क्यों अहम हैं?

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव हो रहे हैं. यह छात्र आंदोलन के बाद पहला चुनाव है, इसलिए इसे राजनीतिक बदलाव का बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है.

  • बांग्लादेश चुनाव 2026 में मुख्य मुकाबला किन पार्टियों के बीच है?

बांग्लादेश में गद्दी के लिए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी मुख्य दावेदार मानी जा रही हैं. दोनों अलग-अलग गठबंधनों के साथ मैदान में हैं.

  • नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की क्या भूमिका है?

बांग्लादेश में एनसीपी 2024 के छात्र आंदोलन से उभरी है और इसने जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन किया है, जिससे चुनावी समीकरण बदले हैं.

  • भारत के लिए बांग्लादेश का चुनाव अहम क्यों हैं?

भारत और बांग्लादेश 4,096 किमी लंबी सीमा और 54 नदियां साझा करते हैं. दोनों अहम व्यापारिक साझेदार हैं. नई सरकार का रुख द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित कर सकता है. वहां हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्यचारों से दोनों के रिश्तों के बीच खटास आई थी.

  • बांग्लादेश की पार्टी बीएनपी का भारत को लेकर क्या रुख रहा है?

विश्लेषणों के मुताबिक, अतीत में बीएनपी का भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण रहे हैं. पार्टी ने भारत की कुछ पहलों को संदेह की नजर से देखा था और साथ ही जल व व्यापार विवाद उठाया था.

  • जमात-ए-इस्लामी का भारत के प्रति रुख कैसा है?

जमात का अतीत में भारत से मतभेद रहा है. हालिया बयानों में उसने राष्ट्रीय हित और समान संबंधों की बात कही है, लेकिन कुछ बयान भारत के लिए इंडायरेक्ट मैसेज माने गए हैं.

  • क्या नई सरकार चीन और पाकिस्तान की ओर झुक सकती है?

जानकारों का मानना है कि ढाका बीजिंग और नई दिल्ली के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेगा और संभव है कि इस्लामाबाद से भी संपर्क बढ़ाए.

  • क्या भारत-चीन के बीच प्रभाव की प्रतिस्पर्धा तेज होगी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में प्रभाव बढ़ाने की होड़ में भारत और चीन सक्रिय रहेंगे, और ढाका इस प्रतिस्पर्धा का लाभ उठाने की कोशिश कर सकता है.

  • बांग्लादेश के आर्थिक हालात चुनाव को कैसे प्रभावित कर रहे हैं?

बांग्लादेश आर्थिक दबाव और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है. ऐसे में मतदाता स्थिरता और आर्थिक सुधार को बड़ा मुद्दा मान रहे हैं.

  • बांग्लादेश के चुनाव नतीजों का दक्षिण एशिया पर क्या असर पड़ेगा?

नई सरकार की विदेश नीति क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है. इसलिए इस चुनाव को सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि क्षेत्रीय नजरिए से भी अहम माना जा रहा है.

बांग्लादेशवर्ल्‍ड न्‍यूज
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