तमिलनाडु की राजनीति में बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माने जाने वाले के. अन्नामलाई पार्टी से अलग हो गए हैं. कभी पीएम नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने वाले अन्नामलाई को लेकर यह भी चर्चा तेज है कि वह अपनी अलग राजनीतिक राह चुन सकते हैं या फिर राज्य में नई पार्टी की शुरुआत हो सकती है. इस तरह की अटकलों ने दिल्ली से लेकर चेन्नई तक सियासी माहौल गर्म कर दिया है. के. अन्नामलाई एक समय आईपीएस अधिकारी थे और अपनी सख्त छवि के लिए जाने जाते थे. 2020 में उन्होंने नौकरी छोड़कर बीजेपी जॉइन की और बहुत कम समय में ही तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए. उन्होंने पार्टी को राज्य में मजबूत पहचान दिलाने की कोशिश की और आक्रामक राजनीति के जरिए खूब चर्चा बटोरी. हालांकि चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे और बाद में संगठनात्मक बदलाव के चलते उनकी भूमिका कमजोर होती नजर आई.